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Hathras News: बाल कल्याण समिति ने अनुज को परिजनों के सुपुर्द किया
Tue, 06 Oct 2026 02:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 06 Oct 2026 02:05 AM IST
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अनुज के घर पर मौजूद लोगों की भीड़।स्रोत : सोशल मीडिया
- फोटो : Social Media
मथुरा के बरसाना से खोजे गए 16 वर्षीय अनुज चौधरी को बाल कल्याण समिति ने उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। सुपुर्दगी की प्रक्रिया पूरी होने के बाद परिजनों ने राहत की सांस ली। हालांकि तीन महीने तक वह कहां रहा, इस बारे में अनुज ने फिलहाल परिजनों को भी नहीं दी है।
शनिवार शाम को बरसाना पुलिस को लाड़ली कुंज आश्रम में अनुज मिला था। तीन जुलाई को अनुज बिना बताए घर से निकल गया था। दो अक्तूबर को परिजनों ने वृंदावन में राधा केली कुंज के बाहर धरना दिया था। इसके बाद पुलिस ने तीन दिन का समय मांगा था। अगले दिन ही पुलिस ने उसे खोज निकाला।
सोमवार को सादाबाद पुलिस ने अनुज को एसीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में बयान दर्ज किए गए। न्यायालय के आदेश पर पुलिस उसे तहसील सदर में बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किशोर की मर्जी के अनुसार फिलहाल 10 दिनों के लिए उसे माता-पिता के साथ रहने की अनुमति दी है।
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कानूनी प्रक्रिया में भावुक दिखीं मां
बाल कल्याण समिति में कानूनी कागजी कार्रवाई के दौरान अनुज की मां बेहद भावुक नजर आईं और पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने बेटे का हाथ थामे बैठी रहीं। सुपुर्दगी मिलने पर परिजनों के चेहरे पर संतोष और राहत के भाव दिखे। यहां अनुज आम कपड़ों में नजर आया, जब वह बरामद हुआ था तो संन्यासी वेश में था और मस्तक पर ब्रज रज व टीका धारण कर रखा था। गले में तुलसी की माला भी थीं।
तीन महीने की गुत्थी सुलझना बाकी
पूछताछ के दौरान अनुज ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया और गुमसुम बना रहा। अनुज के चाचा जितेंद्र ने बताया कि भतीजा बरसाना से सकुशल मिल गया है, लेकिन तीन महीने वह कहां रहा और उसके साथ क्या घटा, इस संबंध में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। जितेंद्र का कहना है कि घर ले जाकर उससे प्यार से बातचीत की जाएगी, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बरसाना पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनुज ने वाराणसी रहने की बात स्वीकारी थी तथा मिलने से चार दिन पहले ही वह बरसाना आया था।
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शनिवार शाम को बरसाना पुलिस को लाड़ली कुंज आश्रम में अनुज मिला था। तीन जुलाई को अनुज बिना बताए घर से निकल गया था। दो अक्तूबर को परिजनों ने वृंदावन में राधा केली कुंज के बाहर धरना दिया था। इसके बाद पुलिस ने तीन दिन का समय मांगा था। अगले दिन ही पुलिस ने उसे खोज निकाला।
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सोमवार को सादाबाद पुलिस ने अनुज को एसीजेएम न्यायालय में पेश किया। न्यायालय में बयान दर्ज किए गए। न्यायालय के आदेश पर पुलिस उसे तहसील सदर में बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया। समिति ने मामले की गंभीरता को देखते हुए किशोर की मर्जी के अनुसार फिलहाल 10 दिनों के लिए उसे माता-पिता के साथ रहने की अनुमति दी है।
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कानूनी प्रक्रिया में भावुक दिखीं मां
बाल कल्याण समिति में कानूनी कागजी कार्रवाई के दौरान अनुज की मां बेहद भावुक नजर आईं और पूरी प्रक्रिया के दौरान अपने बेटे का हाथ थामे बैठी रहीं। सुपुर्दगी मिलने पर परिजनों के चेहरे पर संतोष और राहत के भाव दिखे। यहां अनुज आम कपड़ों में नजर आया, जब वह बरामद हुआ था तो संन्यासी वेश में था और मस्तक पर ब्रज रज व टीका धारण कर रखा था। गले में तुलसी की माला भी थीं।
तीन महीने की गुत्थी सुलझना बाकी
पूछताछ के दौरान अनुज ने कुछ भी बोलने से इन्कार कर दिया और गुमसुम बना रहा। अनुज के चाचा जितेंद्र ने बताया कि भतीजा बरसाना से सकुशल मिल गया है, लेकिन तीन महीने वह कहां रहा और उसके साथ क्या घटा, इस संबंध में अभी कुछ स्पष्ट नहीं है। जितेंद्र का कहना है कि घर ले जाकर उससे प्यार से बातचीत की जाएगी, जिसके बाद ही पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। बरसाना पुलिस को मिली प्रारंभिक जानकारी के अनुसार अनुज ने वाराणसी रहने की बात स्वीकारी थी तथा मिलने से चार दिन पहले ही वह बरसाना आया था।