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हादसे ने हिला कर रख दिया महेंद्र सिंह व बचे परिवार के सदस्यों को
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हादसे ने महेंद्र सिंह, बचे परिवार के सदस्यों को हिलाया
महेंद्र सिंह की पत्नी, बेटी, बहू, नातिनी और धेवती की जान ले ही इस हादसे ने
गांव के ही सुखराम की पत्नी और धेवती भी शिकार हो गए इस हादसे के
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। चंदपा क्षेत्र के गांव मोहनपुरा निवासी महेंद्र सिंह ने कभी यह सोचा भी नहीं था कि एक ही हादसे में उनका सब कुछ उजड़ जाएगा। वह पूरे परिवार और गांव के अन्य लोगों के साथ खुशी-खुशी मां वैष्णो देवी की यात्रा पर गए थे लेकिन रास्ते में ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने उनके और उनके परिवार का सब कुछ उजाड़ दिया।
इस हादसे ने महेंद्र सिंह की पत्नी, बेटी, पुत्रवधू, नातिनी और धेवती पांच सदस्य छीन लिए। वहीं उनके बेटों पर भी गमों का पहाड़ टूट पड़ा। मां, पत्नी, बेटी, बहन और भतीजी खोने वाले उदयवीर का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
गांव के लोग उन्हें दिलासा दे रहे थे लेकिन उनका करुणकंद्रन थमने का नाम नहीं ले रहा था। गांव के सुखराम की बेटी और धेवती भी इस हादसे का शिकार हो गए। उनके घर पर भी मातमी सन्नाटा छाया हुआ था। इस परिवार के सदस्य हरदुआगंज गए थे।
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महेंद्र सिंह की पत्नी, बेटी, बहू, नातिनी और धेवती की जान ले ही इस हादसे ने
गांव के ही सुखराम की पत्नी और धेवती भी शिकार हो गए इस हादसे के
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। चंदपा क्षेत्र के गांव मोहनपुरा निवासी महेंद्र सिंह ने कभी यह सोचा भी नहीं था कि एक ही हादसे में उनका सब कुछ उजड़ जाएगा। वह पूरे परिवार और गांव के अन्य लोगों के साथ खुशी-खुशी मां वैष्णो देवी की यात्रा पर गए थे लेकिन रास्ते में ऐसा दर्दनाक हादसा हुआ, जिसने उनके और उनके परिवार का सब कुछ उजाड़ दिया।
इस हादसे ने महेंद्र सिंह की पत्नी, बेटी, पुत्रवधू, नातिनी और धेवती पांच सदस्य छीन लिए। वहीं उनके बेटों पर भी गमों का पहाड़ टूट पड़ा। मां, पत्नी, बेटी, बहन और भतीजी खोने वाले उदयवीर का भी रो-रोकर बुरा हाल था।
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गांव के लोग उन्हें दिलासा दे रहे थे लेकिन उनका करुणकंद्रन थमने का नाम नहीं ले रहा था। गांव के सुखराम की बेटी और धेवती भी इस हादसे का शिकार हो गए। उनके घर पर भी मातमी सन्नाटा छाया हुआ था। इस परिवार के सदस्य हरदुआगंज गए थे।
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