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इसलिए गाने लगा मैं माटी हिंदुस्तान की...
सार
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।मेला श्रीदाऊजी महाराज के पंडाल में शनिवार की रात को एक शाम अटल के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया।कवियों ने काव्य रचनाओं की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
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कवि सम्मेलन में मंच पर दाऊबाबा का चित्र बनाते कवि। संवाद
- फोटो : HATHRAS
विस्तार
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
मेला श्रीदाऊजी महाराज के पंडाल में शनिवार की रात को एक शाम अटल के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कवि सम्मेलन भी हुआ। कवियों ने काव्य रचनाओं की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह संगठन मंत्री आर्येंद्र, विभाग प्रचारक गोविंद, अभाविप के प्रांत संगठन मंत्री मनीष राय, जिला प्रचारक मुनेंद्र, सांसद राजवीर दिलेर, सदर विधायक अंजुला माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, पूर्व सांसद राजेश दिवाकर व राजेश गुड्डू ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। संयोजक तरुण शर्मा व सह संयोजक प्रवीण खंडेलवाल ने अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। संचालन डॉ. नितिन मिश्रा ने किया।
समीक्षा जादौन ने इस धरा के धैर्य की अवमानना हूं, कायरों की मृत्यु की प्रस्तावना हूं, गर्वित हूं रक्त है मेरा सनातन, में प्रखर हिंदुत्व की संभावना हूं, सुनाई। अजय अंजाम ने नाथ सुनो तुमसे कोई भी रार नहीं ठानूंगा मैं, पर जब तक जन्म नहीं मिलता है, हार नहीं मानूंगा मैं, यह अटल हमेशा गीत नया गाता था अब भी गाता है, अगर आपको भी प्यारी तो अब दोनों बाजू खालें फिर आज अटल के साथ साथ भारत माता की जय बोलें, सुनाकर अटलजी को याद किया।
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गजेंद्र प्रियांशु ने जैसे-तैसे उमर बिता ली मैने तेरे प्यार में, रात रातभर तुझको गाया सुबह छपे अखबार में, सुनाई। राम भदावर ने संस्कारों ने सिखाई परपाटी बलिदान की, इसलिए गाने लगा में माटी हिंदुस्तान की, सुनाकर जोश जगाया। हास्य कवि पवन आगरी व कुछ अन्य कवियों ने काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम में शरद तिवारी, वैद्य मोहन बृजेश, जय शर्मा, रामवीर पौनिया, मदन गोपाल वार्ष्णेय, अनमोल, राज मिश्रा, मानस, सौरभ, महक, सुहाना, अंजली, मृदुल, अविनाश, अजीत, नीरज शर्मा, राहुल कौशिक, सन्नी, आशीष, मनोज अग्निहोत्री, भुवनेश, छोटू खंडेलवाल, डॉ. पीपी सिंह, दिव्य भारद्वाज, गौरव रावत, सोनू भारती, अश्विनी, अजय, मोहित, हर्ष, देव, रामू, नरेंद्र सिंह आदि रहे।
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मेला श्रीदाऊजी महाराज के पंडाल में शनिवार की रात को एक शाम अटल के नाम कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर कवि सम्मेलन भी हुआ। कवियों ने काव्य रचनाओं की प्रस्तुति से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
शुभारंभ विश्व हिंदू परिषद के प्रांत सह संगठन मंत्री आर्येंद्र, विभाग प्रचारक गोविंद, अभाविप के प्रांत संगठन मंत्री मनीष राय, जिला प्रचारक मुनेंद्र, सांसद राजवीर दिलेर, सदर विधायक अंजुला माहौर, सिकंदराराऊ विधायक वीरेंद्र सिंह राना, जिलाध्यक्ष गौरव आर्य, पूर्व सांसद राजेश दिवाकर व राजेश गुड्डू ने दीप प्रज्ज्वलन कर किया। संयोजक तरुण शर्मा व सह संयोजक प्रवीण खंडेलवाल ने अतिथियों का दुपट्टा पहनाकर सम्मान किया। संचालन डॉ. नितिन मिश्रा ने किया।
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समीक्षा जादौन ने इस धरा के धैर्य की अवमानना हूं, कायरों की मृत्यु की प्रस्तावना हूं, गर्वित हूं रक्त है मेरा सनातन, में प्रखर हिंदुत्व की संभावना हूं, सुनाई। अजय अंजाम ने नाथ सुनो तुमसे कोई भी रार नहीं ठानूंगा मैं, पर जब तक जन्म नहीं मिलता है, हार नहीं मानूंगा मैं, यह अटल हमेशा गीत नया गाता था अब भी गाता है, अगर आपको भी प्यारी तो अब दोनों बाजू खालें फिर आज अटल के साथ साथ भारत माता की जय बोलें, सुनाकर अटलजी को याद किया।
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गजेंद्र प्रियांशु ने जैसे-तैसे उमर बिता ली मैने तेरे प्यार में, रात रातभर तुझको गाया सुबह छपे अखबार में, सुनाई। राम भदावर ने संस्कारों ने सिखाई परपाटी बलिदान की, इसलिए गाने लगा में माटी हिंदुस्तान की, सुनाकर जोश जगाया। हास्य कवि पवन आगरी व कुछ अन्य कवियों ने काव्यपाठ किया।
कार्यक्रम में शरद तिवारी, वैद्य मोहन बृजेश, जय शर्मा, रामवीर पौनिया, मदन गोपाल वार्ष्णेय, अनमोल, राज मिश्रा, मानस, सौरभ, महक, सुहाना, अंजली, मृदुल, अविनाश, अजीत, नीरज शर्मा, राहुल कौशिक, सन्नी, आशीष, मनोज अग्निहोत्री, भुवनेश, छोटू खंडेलवाल, डॉ. पीपी सिंह, दिव्य भारद्वाज, गौरव रावत, सोनू भारती, अश्विनी, अजय, मोहित, हर्ष, देव, रामू, नरेंद्र सिंह आदि रहे।

एक शाम अटलजी के नाम अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का दीप जलाकर शुभारंभ करते अतिथि। संवाद- फोटो : HATHRAS