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एक करोड़ एक लाख रुपये में उठा दाऊजी मेले का ठेका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, हाथरस।
Updated Mon, 13 Aug 2018 11:49 PM IST
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मेला
- फोटो : Amar Ujala
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ब्रज क्षेत्र का लक्खी मेला श्रीदाऊजी महाराज का ठेका रिकार्ड एक करोड़ एक लाख रुपये में उठा है। पिछले वर्ष यह ठेका 71 लाख रुपए में उठा था। इस बार ठेके को उठाने को लेकर घंटो वाद-विवाद हुआ। यह प्रक्रिया एडीएम रेखा एस चौहान और एसडीएम सदर अरुण कुमार सिंह की देखरेख में हुई। मेला ठेका के लिए दिल्ली , इटावा और बदायूं आदि जनपदों से ठेकेदारों ने भाग लिया।
ठेका प्रक्रिया के दौरान इस बार जिला प्रशासन की ओर से ठेकदारों पर साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी जा रही थी। जिसे लेकर काफी देर प्रशासनिक अधिकारियों और ठेकेदारों में बहस हुई। ठेकदारों का कहना था कि पुरानी व्यवस्था के हिसाब से ठेका प्रक्रिया पूरी कराई जाए। साफ-सफाई की व्यवस्था अन्य जिलों में लगने वाले मेलों में भी ठेकेदार की ओर से नहीं होती है।
इस बात को लेकर बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही ठेका दिए जाने की बात की। एडीएम ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन पर ही साफ- सफाई का जिम्मा रहेगा। इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकी। ठेका की नीलामी पिछले वर्ष की ठेका धनराशि से 10 फीसद बढ़ोत्तरी के साथ शुरू हुई। ठेकेदारों ने नीलामी लगाना शुरू किया। नीलामी में ठेकेदारों ने बढ़ चढ़कर बोली लगाई। अंत में यदुवंशी एंड कंपनी ने एक करोड़ एक लाख रुपये की आखिरी बोली लगाई। इसके बाद किसी ठेकेदार ने बोली की रकम को नहीं बढ़ाया। यह ठेका मौजूदा अधिकारियों ने आखिरी बोली के आधार पर इटावा की यदुवंशी एंड कंपनी को दे दिया।
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ठेका प्रक्रिया के दौरान इस बार जिला प्रशासन की ओर से ठेकदारों पर साफ-सफाई की जिम्मेदारी सौंपी जा रही थी। जिसे लेकर काफी देर प्रशासनिक अधिकारियों और ठेकेदारों में बहस हुई। ठेकदारों का कहना था कि पुरानी व्यवस्था के हिसाब से ठेका प्रक्रिया पूरी कराई जाए। साफ-सफाई की व्यवस्था अन्य जिलों में लगने वाले मेलों में भी ठेकेदार की ओर से नहीं होती है।
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इस बात को लेकर बाद में प्रशासनिक अधिकारियों ने पुरानी व्यवस्था के आधार पर ही ठेका दिए जाने की बात की। एडीएम ने कहा कि नगर पालिका प्रशासन पर ही साफ- सफाई का जिम्मा रहेगा। इसके बाद नीलामी की प्रक्रिया शुरू हो सकी। ठेका की नीलामी पिछले वर्ष की ठेका धनराशि से 10 फीसद बढ़ोत्तरी के साथ शुरू हुई। ठेकेदारों ने नीलामी लगाना शुरू किया। नीलामी में ठेकेदारों ने बढ़ चढ़कर बोली लगाई। अंत में यदुवंशी एंड कंपनी ने एक करोड़ एक लाख रुपये की आखिरी बोली लगाई। इसके बाद किसी ठेकेदार ने बोली की रकम को नहीं बढ़ाया। यह ठेका मौजूदा अधिकारियों ने आखिरी बोली के आधार पर इटावा की यदुवंशी एंड कंपनी को दे दिया।
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