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पति को दस और सास-ससुर को सात साल की सजा
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने मृतका के पति को दस साल और उसके सास व ससुर को सात-सात साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं कोर्ट ने इस मामले में मृतका के आरोपी जेठ को दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मानपाल ने अपनी बहन किरण देवी की शादी 27 नवंबर 2020 को सुमित पुत्र मुन्नालाल निवासी पुरदिलनगर कोतवाली सिकंदराराऊ के साथ की थी और शादी में दान दहेज भी दिया था, लेकिन ससुराल वाले इससे संतुष्ट नहीं थे। वे दहेज में बाइक की मांग को लेकर किरण देवी के साथ मारपीट करते थे।
अभियोजन पक्ष के अनुसार आठ जून 2021 को जब मानपाल ने अपनी बहन को फोन किया तो किरण के ससुर मुन्नालाल ने बताया कि किरन के पेट में दर्द है और उसे सिकंदराराऊ ले जा रहे हैं। इस पर मानपाल को संदेह हुआ और वह अपने परिजनों के साथ पुरदिलनगर पहुंचा।
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वहां किरण की लाश घर में चारपाई पर रखी थी। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। उसने कोतवाली सिकंदराराऊ में मुकदमा दर्ज कराया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर किरण की हत्या उसके पति सुमित, जेठ राहुल, सास रामवती व ससुर मुन्नालाल ने की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
विवेचना के बाद मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में मृतका के पति सुमित को दस साल की कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही सास रामवती उर्फ रामबेटी व ससुर मुन्नालाल को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों दोषियों को अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। कोर्ट ने मृतका के जेठ राहुल को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राजपाल सिंह दिसवार व नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने पैरवी की।
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दहेज हत्या के एक मामले में न्यायालय ने मृतका के पति को दस साल और उसके सास व ससुर को सात-सात साल की कैद और अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड नहीं देने पर इन्हें अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। वहीं कोर्ट ने इस मामले में मृतका के आरोपी जेठ को दोषमुक्त कर दिया है।
अभियोजन पक्ष के अनुसार मानपाल ने अपनी बहन किरण देवी की शादी 27 नवंबर 2020 को सुमित पुत्र मुन्नालाल निवासी पुरदिलनगर कोतवाली सिकंदराराऊ के साथ की थी और शादी में दान दहेज भी दिया था, लेकिन ससुराल वाले इससे संतुष्ट नहीं थे। वे दहेज में बाइक की मांग को लेकर किरण देवी के साथ मारपीट करते थे।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार आठ जून 2021 को जब मानपाल ने अपनी बहन को फोन किया तो किरण के ससुर मुन्नालाल ने बताया कि किरन के पेट में दर्द है और उसे सिकंदराराऊ ले जा रहे हैं। इस पर मानपाल को संदेह हुआ और वह अपने परिजनों के साथ पुरदिलनगर पहुंचा।
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वहां किरण की लाश घर में चारपाई पर रखी थी। उसने इसकी सूचना पुलिस को दी। उसने कोतवाली सिकंदराराऊ में मुकदमा दर्ज कराया कि दहेज की मांग पूरी न होने पर किरण की हत्या उसके पति सुमित, जेठ राहुल, सास रामवती व ससुर मुन्नालाल ने की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया।
विवेचना के बाद मामले में पुलिस ने न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या दो विनीत चौधरी के न्यायालय में हुई। दोनों पक्षों के तर्क सुनने के बाद कोर्ट ने इस मामले में मृतका के पति सुमित को दस साल की कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही सास रामवती उर्फ रामबेटी व ससुर मुन्नालाल को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। कोर्ट ने तीनों दोषियों को अर्थदंड की सजा भी सुनाई है। कोर्ट ने मृतका के जेठ राहुल को दोषमुक्त कर दिया है। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी राजपाल सिंह दिसवार व नीलकमल कुलश्रेष्ठ ने पैरवी की।