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Hathras News: लक्षण डेंगू व मलेरिया के.. जांच में निकल रहा वायरल
Sat, 22 Aug 2026 02:29 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sat, 22 Aug 2026 02:29 AM IST
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मौसम में बदलाव के चलते इन दिनों जिला अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ उमड़ रही है। हालात यह हैं कि मरीजों में डेंगू और मलेरिया जैसे गंभीर रोगों जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, लेकिन जब उनकी पैथोलॉजी जांच कराई जा रही है, तो रिपोर्ट में ज्यादातर मरीज वायरल फीवर से पीड़ित निकल रहे हैं। शुक्रवार को जिला अस्पताल में 1800 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें 240 लोगों की खून की जांच हुई।
ओपीडी और पैथोलॉजी में उमड़ी भीड़
शुक्रवार को सुबह से ही जिला अस्पताल की ओपीडी और पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिलीं। खासकर पर्चा काउंटर और डॉक्टर के कमरों के बाहर लोगों को अपनी बारी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। बदन दर्द, तेज बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार, एक दिन में केवल पैथोलॉजी विभाग में ही लगभग 240 मरीजों की विभिन्न जांचें की जा रही हैं।
बच्चे और वृद्ध हो रहे ज्यादा प्रभावित
बदलते मौसम का सबसे ज्यादा बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होने के कारण बच्चे और वृद्ध इस वायरल संक्रमण की चपेट में सबसे अधिक आ रहे हैं। साकेत कॉलोनी के राजीव कुमार अपने 11 साल के बेटे के साथ अस्पताल पहुंचे। राजीव ने बताया कि बुखार उतरने के बाद भी मरीजों में कमजोरी और बदन दर्द की शिकायत लंबे समय तक बनी रह रही है।
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डेंगू-मलेरिया का भ्रम, लेकिन राहत की बात वायरल
अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीज तेज कंपकंपी के साथ बुखार और शरीर में तेज दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे परिजनों में डेंगू या मलेरिया फैलने की आशंका बढ़ जाती है।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि लक्षणों की समानता के कारण भ्रम जरूर हो रहा है, लेकिन जांच में ज्यादातर मामले गंभीर वायरल फीवर के ही सामने आ रहे हैं।उन्होंने ने लोगों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं, समय पर जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें। वायरल ठीक होने पर तीन से चार दिन ले रहा है।
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ओपीडी और पैथोलॉजी में उमड़ी भीड़
शुक्रवार को सुबह से ही जिला अस्पताल की ओपीडी और पैथोलॉजी लैब के बाहर मरीजों की लंबी-लंबी लाइनें देखने को मिलीं। खासकर पर्चा काउंटर और डॉक्टर के कमरों के बाहर लोगों को अपनी बारी के लिए खासी मशक्कत करनी पड़ी। बदन दर्द, तेज बुखार और उल्टी-दस्त से पीड़ित मरीज इलाज की उम्मीद लेकर पहुंचे। डॉक्टरों के अनुसार, एक दिन में केवल पैथोलॉजी विभाग में ही लगभग 240 मरीजों की विभिन्न जांचें की जा रही हैं।
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बच्चे और वृद्ध हो रहे ज्यादा प्रभावित
बदलते मौसम का सबसे ज्यादा बुरा असर बच्चों और बुजुर्गों की सेहत पर पड़ रहा है। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रमोद कुमार ने बताया कि रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी) कमजोर होने के कारण बच्चे और वृद्ध इस वायरल संक्रमण की चपेट में सबसे अधिक आ रहे हैं। साकेत कॉलोनी के राजीव कुमार अपने 11 साल के बेटे के साथ अस्पताल पहुंचे। राजीव ने बताया कि बुखार उतरने के बाद भी मरीजों में कमजोरी और बदन दर्द की शिकायत लंबे समय तक बनी रह रही है।
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डेंगू-मलेरिया का भ्रम, लेकिन राहत की बात वायरल
अस्पताल आने वाले अधिकांश मरीज तेज कंपकंपी के साथ बुखार और शरीर में तेज दर्द की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं, जिससे परिजनों में डेंगू या मलेरिया फैलने की आशंका बढ़ जाती है।मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. सूर्यप्रकाश ने बताया कि लक्षणों की समानता के कारण भ्रम जरूर हो रहा है, लेकिन जांच में ज्यादातर मामले गंभीर वायरल फीवर के ही सामने आ रहे हैं।उन्होंने ने लोगों को सलाह दी है कि वे घबराएं नहीं, समय पर जांच कराएं और चिकित्सक की सलाह से ही दवा लें। वायरल ठीक होने पर तीन से चार दिन ले रहा है।