फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Subhash Chandra Bose came disguised as Kaka Hathrasi house

Hathras News: सुभाष चंद्र बोस वेश बदलकर आए थे काका हाथरसी के घर, नेताजी को दिया था आशीर्वाद

Sun, 22 Jan 2023 08:45 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 22 Jan 2023 08:45 PM IST
सार

जब आजादी का बिगुल बजा तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस छद्म वेश में कुछ घंटों के लिए काका से मिलने हाथरस आए। लोगों की मानें तो पहले तो काका उन्हें पहचान नहीं सके। कुछ ही देर में वह समझ गए कि उनके घर में महायुद्ध का वीर नायक आया है।

विज्ञापन
Subhash Chandra Bose came disguised as Kaka Hathrasi house
हाथरस के लाला का नगला में सुभाष पार्क - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

नेताजी सुभाष चंद्र बोस का हाथरस से नाता रहा है। वह वेश बदलकर काका हाथरसी के घर आए थे। उसके बाद जब आंदोलन का बिगुल बजा तो प्रदेश के दौरे के दौरान शहर के आर्य समाज सासनी गेट में सभा में भी शामिल हुए थे। 

विज्ञापन


 नेताजी के वेश बदलकर आने का उल्लेख पुस्तक ब्रज संस्कृति और लोकसंगीत में भी किया गया है। उनकी यादों को संजोने के लिए पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य ने पार्क भी बनवाया था। अब इस पार्क के पास अब गंदगी का अंबार है। शिलालेख भी क्षतिग्रस्त हो गया है। 
विज्ञापन


जमुना बाग तक टहलने गए थे नेताजी
जब आजादी का बिगुल बजा तो नेताजी सुभाषचंद्र बोस छद्म वेश में कुछ घंटों के लिए काका से मिलने हाथरस आए। लोगों की मानें तो पहले तो काका उन्हें पहचान नहीं सके। कुछ ही देर में वह समझ गए कि उनके घर में महायुद्ध का वीर नायक आया है। इसके बाद काका व नेताजी दोनों जमुना बाग तक पैदल टहलने गए और आंदोलन को लेकर चर्चा की। काका ने नेताजी सुभाषचंद्र बोस के सिर पर हाथ फेर कर महान बनने की सीख दी। यहां से सुभाष चंद्र बोस देहरादून के लिए रवाना हुए।  देहरादून जाकर उन्होंने एक आश्रम की स्थापना की थी। 
विज्ञापन
विज्ञापन


1973 में पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य ने बनवाया पार्क
पूर्व पालिकाध्यक्ष रमेश चंद्र आर्य ने नेताजी की यादों को सहेजने के लिए 1973 में शहर के लाला का नगला में पार्क का निर्माण कराया था। उसके बाद पालिकाध्यक्ष डॉली माहौर ने पार्क में सौंदर्यीकरण का काम कराया। वर्ष 1993 में पूर्व पालिकाध्यक्ष द्वारा लगाया गया शिलालेख क्षतिग्रस्त हो गया है। जो पार्क में बच्चों का खेल बना हुआ है। पार्क के द्वार पर कूड़े का ढेर लगा रहता है।


हमारे एक मित्र कुलश्रेष्ठ जब विद्यार्थी थे तब नेताजी का प्रदेश का दौरा लगा था। आर्य समाज सासनी गेट में सभा हुई थी। इस सभा में काफी संख्या में भीड़ थी। उसके बाद वह विदेश चले गए। नेताजी का पार्क शहर के लाला का नगला में मैने अपने कार्यकाल में बनवाया था। - रमेश चंद्र आर्य, पूर्व पालिकाध्यक्ष

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed