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जिलेभर में ड्रेसिंग पाउडर के वितरण पर लगाई रोक
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जिले भर में ड्रेसिंग पाउडर के वितरण पर लगाई रोक
जांच रिपोर्ट नियोमाइसिन ड्रेसिंग पाउडर नहीं पाया गया स्टैंडर्ड क्वालिटी का
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले भर में नियोमाईसिन नामक ड्रेसिंग पाउडर के वितरण पर रोक लगा दी गई है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड से आए पत्र के बाद जिले भर की सीएचसी और पीएचसी से इस पाउडर को सेंट्रल ड्रग स्टोर में वापस मंगाया जा रहा है।
नियोमाइसिन पॉलीमैक्सीन बी सल्फेट एंड बिकीट्रासिन जिंक (बैच नंबर जीएलईपी 181008 एमएफजी डेट 10/2018, एक्पायरी डेट 09/2019) की आपूर्ति विभिन्न अस्पतालों में की गई थी। इस दवा का औषधि निरीक्षक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन गाजियाबाद द्वारा सैंपल लिया गया। जांच के बाद रिपोर्ट राजकीय विश्लेषक आरडीटीएल चंडीगढ़ द्वारा प्रेषित की गई, जिसमें इस दवा की गुणवत्ता ठीक नहीं होने की बात कही गई है।
यही कारण हैं कि प्रदेश भर में इस दवा के वितरण पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सभी आपूर्ति बैंचों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य इकाईयों को वितरित की गई सप्लाई को सेंट्रल ड्रग स्टोर पर वापस मंगाने को कहा है। इस दवा की अवशेष मात्रा और वापस प्राप्त मात्रा की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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-नियोमाइसिन नामक ड्रेसिंग पाउडर के वितरण पर रोक लगाए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं, क्योंकि इस दवा के नमूने जांच में मानक पूर्ण नहीं पाए गए हैं। सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि इस दवा को ड्रग स्टोर में वापस मंगवाया जा सके।
- डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ
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जांच रिपोर्ट नियोमाइसिन ड्रेसिंग पाउडर नहीं पाया गया स्टैंडर्ड क्वालिटी का
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, हाथरस
हाथरस। जिले भर में नियोमाईसिन नामक ड्रेसिंग पाउडर के वितरण पर रोक लगा दी गई है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड से आए पत्र के बाद जिले भर की सीएचसी और पीएचसी से इस पाउडर को सेंट्रल ड्रग स्टोर में वापस मंगाया जा रहा है।
नियोमाइसिन पॉलीमैक्सीन बी सल्फेट एंड बिकीट्रासिन जिंक (बैच नंबर जीएलईपी 181008 एमएफजी डेट 10/2018, एक्पायरी डेट 09/2019) की आपूर्ति विभिन्न अस्पतालों में की गई थी। इस दवा का औषधि निरीक्षक केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन गाजियाबाद द्वारा सैंपल लिया गया। जांच के बाद रिपोर्ट राजकीय विश्लेषक आरडीटीएल चंडीगढ़ द्वारा प्रेषित की गई, जिसमें इस दवा की गुणवत्ता ठीक नहीं होने की बात कही गई है।
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यही कारण हैं कि प्रदेश भर में इस दवा के वितरण पर रोक लगाई गई है। उत्तर प्रदेश मेडिकल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड ने सभी आपूर्ति बैंचों का उपयोग तत्काल प्रभाव से बंद करने को कहा है। इसके अलावा स्वास्थ्य इकाईयों को वितरित की गई सप्लाई को सेंट्रल ड्रग स्टोर पर वापस मंगाने को कहा है। इस दवा की अवशेष मात्रा और वापस प्राप्त मात्रा की रिपोर्ट भी मांगी गई है।
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-नियोमाइसिन नामक ड्रेसिंग पाउडर के वितरण पर रोक लगाए जाने के निर्देश प्राप्त हुए हैं, क्योंकि इस दवा के नमूने जांच में मानक पूर्ण नहीं पाए गए हैं। सभी सीएचसी और पीएचसी प्रभारियों को इस संबंध में निर्देश दे दिए गए हैं, ताकि इस दवा को ड्रग स्टोर में वापस मंगवाया जा सके।
- डॉ. बृजेश राठौर, सीएमओ