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Hathras News: रात एक बजे तक नहीं हो सका स्टॉक का मिलान
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इसी फर्म पर जीएसटी की टीम ने सर्वे किया। संवाद
- फोटो : Samvad
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इंडस्ट्रियल एरिया स्थित महागौरी मेटल एलॉयस फर्म पर जीएसटी की एसआईबी मथुरा की टीम द्वारा लगातार दस घंटे तक जांच की गई। जिसमें बोगस फर्मों से खरीद का भी संज्ञान लिया गया। जांच के दौरान मौके पर कुछ उत्पादों का स्टॉक दस्तावेजों से कम तो कुछ का अधिक मिला। मौके पर 20 लाख रुपये का राजस्व जमा कराया गया। इस फर्म में पीतल और तांबे के इंगट बनाए जाते हैं।
एसआईबी टीम शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे फर्म पर पहुंची थी और कार्रवाई देर रात करीब एक बजे तक चली। लगभग दस घंटे चली इस जांच के दौरान टीम ने फर्म के महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए और स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया।
जांच में सामने आया कि मौके पर मौजूद स्टॉक दस्तावेजों से कम या अधिक था। कुछ सामान कम थे, जबकि कुछ अधिक थे। बोगस फर्म से खरीद किए जाने के पहलू पर भी जांच की गई, इससे संबंधित दस्तावेजों को भी जांच के लिए साथ ले जाया गया।
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अंतिम कर निर्धारण जब्त दस्तावेजों के विस्तृत परीक्षण के बाद ही किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा फाइनल असेसमेंट तैयार किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अन्य कारोबारियों के बीच भी हलचल है।
उपायुक्त एसआईबी मथुरा दीपक कुमार ने बताया कि जांच जारी है, पूरी होने के बाद कर अपवंचन की वास्तविक धनराशि का पूरा खुलासा होगा। इस कार्रवाई में एसी अवधेश कुमार, एसी मोबाइल समीर श्रीवास्तव, सीटीओ एसआईबी सुबोध सिंह, कमलेश कुमार, सीटीओ खंड-2 आशीष यादव व सीटीओ खंड-1 नीरज कुमार शामिल रहे।
हमारे यहां का सर्वे एक रूटीन जांच थी। समय-समय पर इस तरह की जांच होती है। हमने अधिकारियों का पूरा सहयोग किया। हम साफ-सुथरा कारोबार करते हैं। स्टाक मिलान न हो पाना कोई बड़ी बात नहीं है, कोई भी फर्म दस्तावेजों से स्टॉक का बिल्कुल सही मिलान नहीं करा सकती। कर चोरी नहीं मिली है।
-दीपक बूटिया, संचालक महागौरी मेटल एलॉयस।
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एसआईबी टीम शुक्रवार दोपहर करीब तीन बजे फर्म पर पहुंची थी और कार्रवाई देर रात करीब एक बजे तक चली। लगभग दस घंटे चली इस जांच के दौरान टीम ने फर्म के महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए और स्टॉक का भौतिक सत्यापन भी किया।
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जांच में सामने आया कि मौके पर मौजूद स्टॉक दस्तावेजों से कम या अधिक था। कुछ सामान कम थे, जबकि कुछ अधिक थे। बोगस फर्म से खरीद किए जाने के पहलू पर भी जांच की गई, इससे संबंधित दस्तावेजों को भी जांच के लिए साथ ले जाया गया।
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अंतिम कर निर्धारण जब्त दस्तावेजों के विस्तृत परीक्षण के बाद ही किया जाएगा। इसके लिए विभाग द्वारा फाइनल असेसमेंट तैयार किया जाएगा। इस कार्रवाई के बाद औद्योगिक क्षेत्र में अन्य कारोबारियों के बीच भी हलचल है।
उपायुक्त एसआईबी मथुरा दीपक कुमार ने बताया कि जांच जारी है, पूरी होने के बाद कर अपवंचन की वास्तविक धनराशि का पूरा खुलासा होगा। इस कार्रवाई में एसी अवधेश कुमार, एसी मोबाइल समीर श्रीवास्तव, सीटीओ एसआईबी सुबोध सिंह, कमलेश कुमार, सीटीओ खंड-2 आशीष यादव व सीटीओ खंड-1 नीरज कुमार शामिल रहे।
हमारे यहां का सर्वे एक रूटीन जांच थी। समय-समय पर इस तरह की जांच होती है। हमने अधिकारियों का पूरा सहयोग किया। हम साफ-सुथरा कारोबार करते हैं। स्टाक मिलान न हो पाना कोई बड़ी बात नहीं है, कोई भी फर्म दस्तावेजों से स्टॉक का बिल्कुल सही मिलान नहीं करा सकती। कर चोरी नहीं मिली है।
-दीपक बूटिया, संचालक महागौरी मेटल एलॉयस।