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सदियों तक दुनिया को अलंकृत करते रहेंगे नीरज जी के गीत
Thu, 10 Jan 2019 12:25 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Thu, 10 Jan 2019 12:25 AM IST
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डॉ. विष्णु सक्सेना गीत सम्मान प्राप्त करते डॉ. राजीव राज।
- फोटो : अमर उजाला
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सिकंदराराऊ (हाथरस)। नगर के आर्य कन्या इंटर कॉलेज में मंगलवार की रात्रि सरला नारायण ट्रस्ट के तत्वावधान में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. विष्णु सक्सेना गीत सम्मान इटावा के गीतकार डॉ. राजीव राज को दिया गया। उन्हें इस पुरस्कार के रूप में 51 हजार रुपये की धनराशि और रजत प्रमाण पत्र दिया गया।
सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम सदी के महान गीतकार डॉ. गोपालदास नीरज को समर्पित किया गया। मथुरा के पद्मश्री मोहन स्वरूप भटिया का माल्यार्पण कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। अलीगढ़ के केपी इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक अशोक सक्सेना, गीतकार नीरज के सुपुत्र मिलन प्रभात, पुत्रवधू रंजना सक्सेना, पौत्र पल्लव नीरज का माल्यार्पण कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। गाजियाबाद लायंस क्लब की अध्यक्षा आंचल लव का सम्मान किया गया। मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि नीरज जी के बाद गीतों को डॉ. विष्णु अच्छी तरह आगे बढ़ा रहे हैं। स्वयं नीरज जी ने कई मर्तबा कहा था कि विष्णु मेरे बाद गीत की लौ को आगे बढ़ाए रखना।
अशोक सक्सेना ने कहा कि यह आयोजन और इसमें उपस्थित इतनी भीड़ प्रमाणित करती है कि यहां के लोग किस कदर डॉ. विष्णु और कविता के प्रेमी है। नीरज जी के पुत्र मिलन प्रभात ने कहा कि पिता जी हिंदू, मुसलिम किसी धर्म को नहीं मानते थे। उनके लिए सभी धर्म समान थे। वे युद्ध और आपसी घृणा को मानवता के लिए कलंक समझते थे। आंचल लव ने कहा कि गीत वास्तव में देखा जाए तो जिंदगी की एक लय है। गीत अनेक प्रकार की विधाओं में होते हैं। नीरज ने जितने गीत लिखे शायद ही कोई लिख पाएगा। सदियों तक नीरज जी के गीत दुनिया को अलंकृत करते रहेंगे।
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सम्मान करने वालों में विपिन वार्ष्णेय, वर्षा वार्ष्णेय पूर्व चेयरमैन नगरपालिका, गौरी शंकर गुप्ता पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन। मुकुल गुप्ता सभासद, हरपाल सिंह यादव, डॉ. राजेंद्र कुमार वार्ष्णेय, अजीत सक्सेना अलीगढ़, डॉ. उपेंद्र वार्ष्णेय, विजय भारत कुलश्रेष्ठ, शिवदयाल सक्सेना, राजेंद्र मोहन सक्सेना, डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा, मीरा माहेश्वरी, पंडा जी, शरीफ अहमद, जहीरुद्दीन पीरजादा, महेश संघर्षी आदि थे।
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सम्मेलन का शुभारंभ मां सरस्वती के छवि चित्र पर दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। कार्यक्रम सदी के महान गीतकार डॉ. गोपालदास नीरज को समर्पित किया गया। मथुरा के पद्मश्री मोहन स्वरूप भटिया का माल्यार्पण कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। अलीगढ़ के केपी इंटर कॉलेज के प्रधानाध्यापक अशोक सक्सेना, गीतकार नीरज के सुपुत्र मिलन प्रभात, पुत्रवधू रंजना सक्सेना, पौत्र पल्लव नीरज का माल्यार्पण कर और शॉल ओढ़ाकर सम्मान किया गया। गाजियाबाद लायंस क्लब की अध्यक्षा आंचल लव का सम्मान किया गया। मोहन स्वरूप भाटिया ने कहा कि नीरज जी के बाद गीतों को डॉ. विष्णु अच्छी तरह आगे बढ़ा रहे हैं। स्वयं नीरज जी ने कई मर्तबा कहा था कि विष्णु मेरे बाद गीत की लौ को आगे बढ़ाए रखना।
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अशोक सक्सेना ने कहा कि यह आयोजन और इसमें उपस्थित इतनी भीड़ प्रमाणित करती है कि यहां के लोग किस कदर डॉ. विष्णु और कविता के प्रेमी है। नीरज जी के पुत्र मिलन प्रभात ने कहा कि पिता जी हिंदू, मुसलिम किसी धर्म को नहीं मानते थे। उनके लिए सभी धर्म समान थे। वे युद्ध और आपसी घृणा को मानवता के लिए कलंक समझते थे। आंचल लव ने कहा कि गीत वास्तव में देखा जाए तो जिंदगी की एक लय है। गीत अनेक प्रकार की विधाओं में होते हैं। नीरज ने जितने गीत लिखे शायद ही कोई लिख पाएगा। सदियों तक नीरज जी के गीत दुनिया को अलंकृत करते रहेंगे।
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सम्मान करने वालों में विपिन वार्ष्णेय, वर्षा वार्ष्णेय पूर्व चेयरमैन नगरपालिका, गौरी शंकर गुप्ता पूर्व अध्यक्ष बार एसोसिएशन। मुकुल गुप्ता सभासद, हरपाल सिंह यादव, डॉ. राजेंद्र कुमार वार्ष्णेय, अजीत सक्सेना अलीगढ़, डॉ. उपेंद्र वार्ष्णेय, विजय भारत कुलश्रेष्ठ, शिवदयाल सक्सेना, राजेंद्र मोहन सक्सेना, डॉ. सुभाष चंद्र शर्मा, मीरा माहेश्वरी, पंडा जी, शरीफ अहमद, जहीरुद्दीन पीरजादा, महेश संघर्षी आदि थे।