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Hathras News: आखिरी बार 16 साल पहले कोर्ट लाई गई थी चांदी
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कोर्ट के सख्त लहजे और पुलिस अधीक्षक की फटकार के बाद सादाबाद पुलिस अब चांदी लूट के मामले के गवाहों से संपर्क साधने का प्रयास कर रही है। अगली तारीख की तैयारी को पुख्ता किया जा रहा है, ताकि कोर्ट की कार्रवाई से बचा जा सके। अभियोजन पक्ष के अधिवक्ता के अनुसार लूट के इस मामले में अब तक बरामद हुई लगभग 35 किलो चांदी को आखिरी बार वर्ष 2010 में सिपाही सकूर खां ने कोर्ट में पेश किया था। इसके बाद से चांदी कोर्ट में कभी आई ही नहीं।
मामला प्रकाश में आने के बाद से सादाबाद पुलिस विवेचक के हाजिर होने के साथ ही बरामद माल को कोर्ट में पेश करने का दावा कर रही है, जबकि छह साल से कोर्ट की लगातार टिप्पणी के बाद भी सादाबाद पुलिस पर कोई असर नहीं पड़ा। कोर्ट ने 18 जून 2025 को पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर इस मामले की गंभीरता समझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी हीलाहवाली बरती गई। 30 जुलाई को विवेचक के बयान हुए, लेकिन सादाबाद पुलिस उस दिन भी चांदी प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद सात तारीखें हुईं, लेकिन न विवेचक आए और न ही पुलिस ने माल प्रस्तुत किया।
इस मामले में अगली तारीख 10 दिसंबर को है। अब पुलिस गवाहों से संपर्क जुटाने में लगी है। इस केस में कुल 18 गवाह थे, जिनमें से केवल पांच की ही गवाही पूरी हुई है। अगली तारीख पर विवेचक अनिल कुमार को पेश करने का प्रयास है। इनके साथ ही पुलिस बरामद चांदी को प्रस्तुत करने की बात कह रही है।
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बता दें कि 24 जनवरी 2006 को सादाबाद में सात कारोबारियों से 48 किलो चांदी लूटी गई थी। इस प्रकरण में 15 फरवरी को पुलिस ने दो अभियुक्त पकड़े तथा 12 किलो चांदी बरामद की गई थी। 23 किलो चांदी बाद में बरामद की गई। शेष 13 किलो चांदी अब तक बरामद नहीं हुई है। इस लूट में सात लोगों के नाम सामने आए थे। मुख्य परीक्षण पूर्ण करने के लिए कोर्ट छह साल से बरामद माल पेश करने के निर्देश दे रही है, जिसे पुलिस पेश नहीं कर पा रही।
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मामला प्रकाश में आने के बाद से सादाबाद पुलिस विवेचक के हाजिर होने के साथ ही बरामद माल को कोर्ट में पेश करने का दावा कर रही है, जबकि छह साल से कोर्ट की लगातार टिप्पणी के बाद भी सादाबाद पुलिस पर कोई असर नहीं पड़ा। कोर्ट ने 18 जून 2025 को पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर इस मामले की गंभीरता समझाने की कोशिश की, लेकिन इसके बाद भी हीलाहवाली बरती गई। 30 जुलाई को विवेचक के बयान हुए, लेकिन सादाबाद पुलिस उस दिन भी चांदी प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद सात तारीखें हुईं, लेकिन न विवेचक आए और न ही पुलिस ने माल प्रस्तुत किया।
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इस मामले में अगली तारीख 10 दिसंबर को है। अब पुलिस गवाहों से संपर्क जुटाने में लगी है। इस केस में कुल 18 गवाह थे, जिनमें से केवल पांच की ही गवाही पूरी हुई है। अगली तारीख पर विवेचक अनिल कुमार को पेश करने का प्रयास है। इनके साथ ही पुलिस बरामद चांदी को प्रस्तुत करने की बात कह रही है।
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बता दें कि 24 जनवरी 2006 को सादाबाद में सात कारोबारियों से 48 किलो चांदी लूटी गई थी। इस प्रकरण में 15 फरवरी को पुलिस ने दो अभियुक्त पकड़े तथा 12 किलो चांदी बरामद की गई थी। 23 किलो चांदी बाद में बरामद की गई। शेष 13 किलो चांदी अब तक बरामद नहीं हुई है। इस लूट में सात लोगों के नाम सामने आए थे। मुख्य परीक्षण पूर्ण करने के लिए कोर्ट छह साल से बरामद माल पेश करने के निर्देश दे रही है, जिसे पुलिस पेश नहीं कर पा रही।