{"_id":"68bc9f8fd2b181909c066ee4","slug":"showing-him-dead-stopped-his-old-age-pension-hathras-news-c-116-1-sali1010-103460-2025-09-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: मृत दिखाकर बंद कर दी वृदावस्था पेंशन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: मृत दिखाकर बंद कर दी वृदावस्था पेंशन
Sun, 07 Sep 2025 02:24 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Sun, 07 Sep 2025 02:24 AM IST
विज्ञापन
ग्राम ब्योहरा निवासी अजय कुमार (65) और तोछीगढ़ गांव निवाासी हरिशंकर पालीवाल (66) अपने को जिंदा साबित करने के लिए लेखपाल से लेकर एसडीएम तक चक्कर लगा रहे हैं। उन्हें सरकारी रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है। इससे मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन भी साल भर से उन्हें नहीं मिली है।
बुजुर्ग अजय कुमार के अनुसार एक साल पहले तक उन्हें वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। साल भर से वृद्धावस्था पेंशन बंद है। सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत कर दिया गया है। अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए वह साल भर से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेखपाल से लेकर एसडीएम तक को अपनी व्यथा कई बार बता चुके हैं।
इसी तरह गांव तोछीगढ़ निवासी हरिशंकर पालीवाल को भी सरकारी कागजों में मृत दिखा दिया गया। इससे उनको मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। वह बताते हैं कि अधिकारियों के सामने पेश होकर लगातार जिंदा होने की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन कागजों पर उन्हें जीवित नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीएम पारितोष मिश्रा का कहना है कि यह प्रकरण संज्ञान में आए हैं। मामले की जांच कराकर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।
विज्ञापन
बुजुर्ग अजय कुमार के अनुसार एक साल पहले तक उन्हें वृद्धावस्था पेंशन मिल रही थी। साल भर से वृद्धावस्था पेंशन बंद है। सरकारी दस्तावेजों में उन्हें मृत कर दिया गया है। अपने आप को जिंदा साबित करने के लिए वह साल भर से सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगा रहे हैं। लेखपाल से लेकर एसडीएम तक को अपनी व्यथा कई बार बता चुके हैं।
विज्ञापन
इसी तरह गांव तोछीगढ़ निवासी हरिशंकर पालीवाल को भी सरकारी कागजों में मृत दिखा दिया गया। इससे उनको मिलने वाली वृद्धावस्था पेंशन बंद हो गई। वह बताते हैं कि अधिकारियों के सामने पेश होकर लगातार जिंदा होने की दुहाई दे रहे हैं, लेकिन कागजों पर उन्हें जीवित नहीं किया जा रहा है।
विज्ञापन
एसडीएम पारितोष मिश्रा का कहना है कि यह प्रकरण संज्ञान में आए हैं। मामले की जांच कराकर समस्या का समाधान निकाला जाएगा।