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Hathras News: मेले में दुकानदारों ने खोला पुलिस के खिलाफ मोर्चा
Wed, 30 Sep 2026 02:32 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 30 Sep 2026 02:32 AM IST
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दुकान हटाने का विरोध करते दुकानदार। स्रोत : स्वयं
- फोटो : Self
मेला परिसर में दूर-दराज से आए दर्जनों दुकानदारों ने एकजुट होकर पुलिस-प्रशासन की कार्यप्रणाली के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। दुकानदारों का आरोप है कि तय स्थानों पर दुकानें लगाने के बावजूद पुलिसकर्मी उन पर दुकानें हटाने का दबाव बना रहे हैं और अभद्र व्यवहार कर रहे हैं।
पीड़ित दुकानदारों ने एडीएम को संबोधित एक शिकायती पत्र भेजकर उत्पीड़न रोकने और शांतिपूर्ण ढंग से दुकान लगाने की अनुमति देने की गुहार लगाई है। एडीएम को भेजे पत्र में प्रभावित दुकानदारों ने कहा कि वे रोजी-रोटी कमाने के लिए दूर-दराज के जिलों से मेले में आए हैं। मेला तहबाजारी ठेकेदार की ओर से जहां जगह दी जा रही है, वहां दुकान सजाने के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर दुकान हटाने का दबाव बनाते हैं।
दुकान न हटाने की स्थिति में सामान समेटने और अवांछित बर्ताव किया जाता है, जिससे बाहर से आए दुकानदारों में रोष और असुरक्षा की भावना पनप रही है। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें ससम्मान सुरक्षित माहौल में दुकानें लगाने की स्पष्ट अनुमति नहीं दी गई, तो वे भविष्य में हाथरस मेले में आना बंद कर देंगे। विरोध करने वालों में इस्माइल, समरिवान, बबलू, सुनील, महबूब, नूरबानी, भीष्म, श्यामचरन, रियाजुद्दीन, आनंद, अनीता कुमारी, मोनू आदि मौजूद थे।
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प्रशासन व पुलिस के बीच तालमेल की कमी
ठेकेदार प्रतिनिधि प्रत्यक्ष्य पंडित ने बताया कि तहबाजारी में शामिल खाली पड़े स्थानों और रास्तों पर रौनक बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से मौखिक सहमति दी गई थी। उसके आधार पर व्यापारियों को दुकानें आवंटित की गईं, लेकिन दुकानें सजने के तुरंत बाद मेला क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर उसे अवैध बताते हुए हटाने का अल्टीमेटम देने लगते हैं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के बीच तालमेल के अभाव का खामियाजा गरीब छोटे दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।
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पीड़ित दुकानदारों ने एडीएम को संबोधित एक शिकायती पत्र भेजकर उत्पीड़न रोकने और शांतिपूर्ण ढंग से दुकान लगाने की अनुमति देने की गुहार लगाई है। एडीएम को भेजे पत्र में प्रभावित दुकानदारों ने कहा कि वे रोजी-रोटी कमाने के लिए दूर-दराज के जिलों से मेले में आए हैं। मेला तहबाजारी ठेकेदार की ओर से जहां जगह दी जा रही है, वहां दुकान सजाने के बाद पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर दुकान हटाने का दबाव बनाते हैं।
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दुकान न हटाने की स्थिति में सामान समेटने और अवांछित बर्ताव किया जाता है, जिससे बाहर से आए दुकानदारों में रोष और असुरक्षा की भावना पनप रही है। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि यदि उन्हें ससम्मान सुरक्षित माहौल में दुकानें लगाने की स्पष्ट अनुमति नहीं दी गई, तो वे भविष्य में हाथरस मेले में आना बंद कर देंगे। विरोध करने वालों में इस्माइल, समरिवान, बबलू, सुनील, महबूब, नूरबानी, भीष्म, श्यामचरन, रियाजुद्दीन, आनंद, अनीता कुमारी, मोनू आदि मौजूद थे।
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प्रशासन व पुलिस के बीच तालमेल की कमी
ठेकेदार प्रतिनिधि प्रत्यक्ष्य पंडित ने बताया कि तहबाजारी में शामिल खाली पड़े स्थानों और रास्तों पर रौनक बढ़ाने के लिए जिला प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों की ओर से मौखिक सहमति दी गई थी। उसके आधार पर व्यापारियों को दुकानें आवंटित की गईं, लेकिन दुकानें सजने के तुरंत बाद मेला क्षेत्र में तैनात पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचकर उसे अवैध बताते हुए हटाने का अल्टीमेटम देने लगते हैं। प्रशासन और पुलिस अधिकारियों के बीच तालमेल के अभाव का खामियाजा गरीब छोटे दुकानदारों को भुगतना पड़ रहा है।