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Hathras News: फर्जी अभिलेखों पर नियुक्ति पाने वाली प्रधानाध्यापिका की सेवा समाप्त
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कूट रचित अभिलेखों के आधार पर इंदिरा गांधी बालिका जूनियर हाईस्कूल में नियुक्ति पाने वाली प्रधानाध्यापिका सारिका शर्मा की सेवाएं समाप्त कर दी है। साथ ही विद्यालय के प्रबंधक द्वारा विभाग को गुमराह कर उनकी प्रधानाध्यापिका पद पर नियुक्ति किए जाने के कारण प्राधिकृत नियंत्रक नियुक्ति किए जाने की संस्तुति सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक से की है।
अजय कुमार शर्मा निवासी विवेकानंद नगर ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर 27 दिसंबर 2021 को शिकायत की थी। उनका कहना था कि सारिका शर्मा प्रधानाध्यापिका श्रीमती इंदिरा गांधी कन्या जूनियर हाईस्कूल ने नियुक्ति के समय बीएड व टीईटी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाए है। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रधानाध्यापिका की शिक्षक की पात्रता परीक्षा 2018 प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए सचिव परीक्षा नियमाक प्राधिकारी प्रयागराज को भेजकर मूल अभिलेखों से सत्यापन कराकर आख्या उपब्ध कराने के लिए अनुरोध किया था।
प्रधानाध्यापिका का नाम बीएड वर्ष 2004-2005डॉ० भीमराव आंबेडकर विवि में एसआईटी द्वारा टेंपर्ड की सूची में होने के कारण 15 सितंबर 2023 को उनका वेतन रोक दिया था। सचिव परीक्षा नियमाक प्राधिकारी ने पांच जून 2023 को अवगत कराया कि सारिका शर्मा को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 में अभिलेखानुसार गणक पंजिका में सारिका शर्मा को 56अंक प्राप्त हुए और वह अनुत्तीर्ण है। कार्यालय ने उन्हें 16जून 2023 को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
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इसके जवाब में सरिका शर्मा ने अंकित किया कि उनकी नियुक्ति टीईटी के आधार पर नहीं की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल व जूनियर हाई स्कूल नियम 1978 के नियम 4 में दी गई शैक्षिक योग्यता के आधार पर चयन समिति के अनुमोदनपरोन्त प्रधानाध्यापिका के पद पर हुई है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने 26 अप्रैल 2018 के बिंदु संख्या 6में स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए हैं कि अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में रिक्त प्रधानाध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
बाद में सारिका शर्मा ने बताया कि टीईटी 2018को 93 अंकों से उत्तीर्ण किया है। स्वप्रमाणित रिजल्ट की प्रति संलग्र की गई है।बीएसए ने बताया कि इन्होंने जो जवाब दिए वह असत्य और भ्रामक पाए गए। स्पष्ट है कि सरिका शर्मा ने विद्यालय के प्रबंधक डीके शर्मा से साठ-गांठ कर कूटरचित अभिलेख के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की है। तत्काल प्रभाव से सरिका पुत्री रमेशचंद्र शर्मा के अनुमोदन के निरस्त कर दिया है।
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अजय कुमार शर्मा निवासी विवेकानंद नगर ने जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय पर 27 दिसंबर 2021 को शिकायत की थी। उनका कहना था कि सारिका शर्मा प्रधानाध्यापिका श्रीमती इंदिरा गांधी कन्या जूनियर हाईस्कूल ने नियुक्ति के समय बीएड व टीईटी के फर्जी प्रमाण पत्र लगाए है। बीएसए उपेंद्र गुप्ता ने बताया कि प्रधानाध्यापिका की शिक्षक की पात्रता परीक्षा 2018 प्रमाण पत्र सत्यापन के लिए सचिव परीक्षा नियमाक प्राधिकारी प्रयागराज को भेजकर मूल अभिलेखों से सत्यापन कराकर आख्या उपब्ध कराने के लिए अनुरोध किया था।
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प्रधानाध्यापिका का नाम बीएड वर्ष 2004-2005डॉ० भीमराव आंबेडकर विवि में एसआईटी द्वारा टेंपर्ड की सूची में होने के कारण 15 सितंबर 2023 को उनका वेतन रोक दिया था। सचिव परीक्षा नियमाक प्राधिकारी ने पांच जून 2023 को अवगत कराया कि सारिका शर्मा को उत्तर प्रदेश शिक्षक पात्रता परीक्षा 2018 में अभिलेखानुसार गणक पंजिका में सारिका शर्मा को 56अंक प्राप्त हुए और वह अनुत्तीर्ण है। कार्यालय ने उन्हें 16जून 2023 को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
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इसके जवाब में सरिका शर्मा ने अंकित किया कि उनकी नियुक्ति टीईटी के आधार पर नहीं की गई है, जबकि उत्तर प्रदेश मान्यता प्राप्त बेसिक स्कूल व जूनियर हाई स्कूल नियम 1978 के नियम 4 में दी गई शैक्षिक योग्यता के आधार पर चयन समिति के अनुमोदनपरोन्त प्रधानाध्यापिका के पद पर हुई है। शिक्षा निदेशक बेसिक ने 26 अप्रैल 2018 के बिंदु संख्या 6में स्पष्ट निर्देश प्रदान किए गए हैं कि अशासकीय सहायता प्राप्त जूनियर हाईस्कूलों में रिक्त प्रधानाध्यापक के पद पर नियुक्ति के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा टीईटी उत्तीर्ण होना अनिवार्य होगा।
बाद में सारिका शर्मा ने बताया कि टीईटी 2018को 93 अंकों से उत्तीर्ण किया है। स्वप्रमाणित रिजल्ट की प्रति संलग्र की गई है।बीएसए ने बताया कि इन्होंने जो जवाब दिए वह असत्य और भ्रामक पाए गए। स्पष्ट है कि सरिका शर्मा ने विद्यालय के प्रबंधक डीके शर्मा से साठ-गांठ कर कूटरचित अभिलेख के आधार पर नियुक्ति प्राप्त की है। तत्काल प्रभाव से सरिका पुत्री रमेशचंद्र शर्मा के अनुमोदन के निरस्त कर दिया है।