New Hathras: नए हाथरस के सृजन का बढ़ेगा दायरा, दोबारा कराया जाएगा सर्वे, मांगा उपलब्ध भूमि का ब्योरा
नये हाथरस सृजन योजना के तहत भविष्य में आवासीय कॉलोनियों के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्क, चौड़ी सड़कें और बेहतर यातायात व्यवस्था विकसित किए जाने की संभावना है।
विस्तार
हाथरस जिले में प्रस्तावित नये हाथरस सृजन की योजना का दायरा अब और बढऩे जा रहा है। पहले जहां गांव नगला बाद अठवरिया के निकट करीब 100 एकड़ भूमि पर नये हाथरस को विकसित किए जाने की योजना थी, अब उसे विस्तार देते हुए उपलब्ध अधिक से अधिक क्षेत्रफल में विकसित करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए आवास विकास परिषद द्वारा दोबारा सर्वे कराने का निर्णय लिया गया है।
बढ़ती आबादी, भविष्य की जरूरतों और शहरीकरण की गति को देखते हुए आवास विकास परिषद ने नये हाथरस को बड़े स्तर पर विकसित करने का खाका तैयार किया है। इसी क्रम में पहले से प्रस्तावित क्षेत्र को अपर्याप्त मानते हुए अब विस्तृत भूमि की तलाश की जा रही है। इसके लिए जिला प्रशासन से उपलब्ध सरकारी व गैर विवादित भूमि का पूरा विवरण मांगा गया है। आवास विकास परिषद की योजना है कि नये सिरे से सर्वे कराकर यह सुनिश्चित किया जाए कि कौन-कौन सी भूमि आवासीय, व्यावसायिक और सार्वजनिक उपयोग के लिए उपयुक्त है।
इस सर्वे के बाद एक संशोधित और विस्तृत प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा जाएगा, ताकि नये हाथरस को आधुनिक सुविधाओं से युक्त स्मार्ट टाउनशिप के रूप में विकसित किया जा सके। इस योजना के अंतर्गत विनियमित क्षेत्र, यीडा तथा अन्य विकास परियोजनाओं के लिए पहले से प्रस्तावित भूमि को अलग रखते हुए ही नये हाथरस का प्रस्ताव तैयार किया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि विभिन्न विकास एजेंसियों के कार्यों में कोई टकराव न हो और योजनाएं सुचारू रूप से आगे बढ़ सकें।
हाथरस में आवास विकास की ओर से नये शहर का सृजन बृहद स्तर पर किये जाने की कोशिश की जा रही है। इसके लिए खाली भूमि की जानकारी जिला प्रशासन से ली जा रही है। इस उपलब्धता के आधार पर ही नया प्रस्ताव तैयार किया जाएगा।-गजेन्द्र सिंह, एई, आवास विकास, आगरा।
आवासीय के साथ व्यवसायिक सुविधाएं भी होंगी
नये हाथरस सृजन योजना के तहत भविष्य में आवासीय कॉलोनियों के साथ-साथ व्यावसायिक क्षेत्र, शैक्षणिक संस्थान, स्वास्थ्य सेवाएं, पार्क, चौड़ी सड़कें और बेहतर यातायात व्यवस्था विकसित किए जाने की संभावना है। इससे न केवल शहर पर बढ़ते जनसंख्या दबाव को कम किया जा सकेगा, बल्कि रोजगार और निवेश के नए अवसर भी सृजित होंगे।
योजना स्वीकृत हुई तो बदल जाएगी सूरत
जिला प्रशासन और आवास विकास परिषद के बीच समन्वय के बाद यदि यह योजना शासन स्तर पर स्वीकृत हो जाती है, तो आने वाले वर्षों में हाथरस का शहरी स्वरूप पूरी तरह बदल सकता है। नए हाथरस के सृजन से जिले के विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।