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सहालगों की हुई शुरुआत, 13 नवंबर तक होंगे विवाह
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
सहालगों की शनिवार से शुरुआत हो गई। शादी विवाह का सिलसिला 13 नवंबर तक चलेगा। इस साल पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा मुहूर्त हैं। कोरोना संक्रमण के चलते शादी वाले घरों में असमंजस की स्थिति है। कुछ परिवारों ने अपने कार्यक्रम बहुत सीमित कर लिए हैं।
सहालग की शुरुआत हो गई है, लेकिन कोरोेना के बढ़ते संक्रमण ने उन लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, जिन्होंने धूमधाम से शादियों की तैयारी कर रखी थीं। कोरोना के दिशा-निर्देशों के चलते खुले में 100 और बंद स्थान पर केवल 50 लोग ही शादी समारोह में शामिल हो सकेंगे। ऐसे में काफी लोगों ने मैरिज होम और गेस्ट हाउस की बुकिंग निरस्त कर दी हैं।
इन लोगों ने अपना कार्यक्रम सूक्ष्म कर दिया है। इसमें कम लोग ही शामिल हो रहे हैं। वहीं आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार खास बात यह है कि 25 अप्रैल से 13 नवंबर तक 54 विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। पिछले साल विवाह के 35 मुहूर्त थे। 18 जुलाई को भड़ली नवमी व 14 नवंबर को देवशयनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त भी इनमें शामिल हैं।
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यह हैं विवाह के मुहूर्त
अप्रैल में 26, 27, 28, 30 मई माह में दो, चार सात, आठ, नौ, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 26, 29, 30, 31 हैं। जून में पांच, छह, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 26, 28, 30 हैं। जुलाई में एक, दो, तीन, सात, 15, और 18, हैं। नवम्बर में 14, 16, 20, 21, 28, 29, 30 के अलावा दिसंबर माह में एक, दो, सात, आठ, नौ, 11, 12, 13 तारीख का शुभ मुहूर्त है।
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सहालगों की शनिवार से शुरुआत हो गई। शादी विवाह का सिलसिला 13 नवंबर तक चलेगा। इस साल पिछले साल की अपेक्षा ज्यादा मुहूर्त हैं। कोरोना संक्रमण के चलते शादी वाले घरों में असमंजस की स्थिति है। कुछ परिवारों ने अपने कार्यक्रम बहुत सीमित कर लिए हैं।
सहालग की शुरुआत हो गई है, लेकिन कोरोेना के बढ़ते संक्रमण ने उन लोगों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया है, जिन्होंने धूमधाम से शादियों की तैयारी कर रखी थीं। कोरोना के दिशा-निर्देशों के चलते खुले में 100 और बंद स्थान पर केवल 50 लोग ही शादी समारोह में शामिल हो सकेंगे। ऐसे में काफी लोगों ने मैरिज होम और गेस्ट हाउस की बुकिंग निरस्त कर दी हैं।
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इन लोगों ने अपना कार्यक्रम सूक्ष्म कर दिया है। इसमें कम लोग ही शामिल हो रहे हैं। वहीं आचार्य सुरेंद्रनाथ चतुर्वेदी ने बताया कि इस बार खास बात यह है कि 25 अप्रैल से 13 नवंबर तक 54 विवाह के शुभ मुहूर्त हैं। पिछले साल विवाह के 35 मुहूर्त थे। 18 जुलाई को भड़ली नवमी व 14 नवंबर को देवशयनी एकादशी के अबूझ मुहूर्त भी इनमें शामिल हैं।
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यह हैं विवाह के मुहूर्त
अप्रैल में 26, 27, 28, 30 मई माह में दो, चार सात, आठ, नौ, 13, 14, 21, 22, 23, 24, 26, 29, 30, 31 हैं। जून में पांच, छह, 17, 18, 19, 20, 21, 22, 24, 26, 28, 30 हैं। जुलाई में एक, दो, तीन, सात, 15, और 18, हैं। नवम्बर में 14, 16, 20, 21, 28, 29, 30 के अलावा दिसंबर माह में एक, दो, सात, आठ, नौ, 11, 12, 13 तारीख का शुभ मुहूर्त है।