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Hathras News: कभी डिपो था सादाबाद, अब बस स्टैंड पर बसें तक नहीं

Sun, 13 Sep 2026 02:02 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sun, 13 Sep 2026 02:02 AM IST
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Sadabad used to be a depot; now, there aren't even buses at the bus stand.
सादाबाद में बदहाल पड़ा बस स्टैंड। संवाद - फोटो : Samvad
कस्बा में आगरा-अलीगढ़ राजमार्ग पर स्थित सादाबाद का रोडवेज बस स्टैंड पहले महत्वपूर्ण रहा है। यह मथुरा, एटा, आगरा और अलीगढ़ जैसे कई प्रमुख शहरों को जोड़ता है। बावजूद, बस स्टैंड वर्षों से बदहाली का शिकार है। सादाबाद डिपो के नाम से संचालित बस स्टैंड अब अपनी पहचान खोता जा रहा है।
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वर्ष 1990 में सादाबाद डिपो से करीब 18 बसों का संचालन होता था। ये बसें मथुरा, आगरा, दिल्ली, कानपुर और लखनऊ सहित विभिन्न मार्गों पर चलती थीं। डिपो समाप्त होने के बाद रोडवेज बसों का नियमित आवागमन बंद हो गया है। अब यात्रियों को आगरा और अलीगढ़ जाने के लिए सड़क किनारे खड़े होकर बसों का इंतजार करना पड़ता है।
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रोजाना लगभग 200 से 300 लोग नौकरी, व्यापार और पढ़ाई के लिए प्रतिदिन यात्रा करते हैं। सादाबाद के विधायक प्रदीप चौधरी गुड्डू भैया ने विधानसभा में इस मुद्दे को उठाया था। बावजूद बस स्टैंड की स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। वर्तमान में केवल नोएडा और मथुरा के लिए दो बसें अल सुबह संचालित होती हैं।
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जर्जर भवन और बदहाल सुविधाएं
बस स्टैंड का भवन बेहद जर्जर स्थिति में है। अधिकारी-कर्मचारी कक्षों और यात्री प्रतीक्षालय के जंगले उखड़ चुके हैं। दीवारों में दरारें हैं और छत व दीवारों का सीमेंट झड़ चुका है। दरवाजे टूटे हुए हैं, जिससे किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। शौचालय और मूत्रालय भी बदहाल हैं, दिव्यांग शौचालय बंद पड़ा है। नियमित साफ-सफाई के अभाव में परिसर में गंदगी पसरी रहती है। बस स्टैंड की छत पर भी पौधे उग आए हैं।

अतिक्रमण और असामाजिक गतिविधियां
रोडवेज बसों की आवाजाही बंद होने से परिसर का स्वरूप बदल गया है। सुबह निजी टैक्सी चालक और यात्री अपनी मोटरसाइकिलें यहां खड़ी करते हैं। मुख्य द्वार के आसपास ढकेल और दुकानदारों का अतिक्रमण है। इससे निजी वाहनों को परेशानी होती है और जाम लग जाता है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि शाम को परिसर असामाजिक गतिविधियों का अड्डा बन जाता है। यहां शराब पीने और जुआ खेलने की शिकायतें भी सामने आती हैं।
जर्जर भवन की तकनीकी जांच और नया भवन बनाया जाए। ताकि यात्रियों को इसका लाभ मिल सके।
- विश्व बंधु पाराशर, समाजसेवी
बस स्टैंड न होने से महिलाओं, बुजुर्गों और बच्चों का अधिक परेशानी हो रही है। स्टैंड सही होना चाहिए।
निखिल, सादाबाद
यात्रियों के खड़े होने तक को जगह नहीं है। पहले अतिक्रमण हटाना, अवैध पार्किंग का हटाया जाए।
निष्कर्ष गोस्वामी, सादाबाद
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