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सादाबाद: मातम में बदल गईं जन्मदिन की खुशियां
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सादाबाद: सड़क हादसे में घायल सौम्या का उपचार करते चिकित्सक।
- फोटो : SADABAD
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, सादाबाद (हाथरस)
सादाबाद। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि नियति ऐसा खेल खेलेगी कि जन्मदिन ही मीनू के जीवन का अंतिम दिन बन जाएगा। परिवार वालों ने भी मीनू के जन्मदिन को जश्र के साथ मनाने की तैयारी कर रखी थी, लेकिन किसी को क्या पता था कि जन्मदिन के दिन ही मीनू दुनिया से रूसखत हो जाएगी। मीनू की मौत की खबर सुनकर जैसे उसके माता पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। चंद पलों में ही खुशियां मातम में बदल गईं। मीनू के साथ यह हादसा तब हुआ, जब वह अपनी पांच सहेलियों के साथ हाथरस में जन्मदिन की पार्टी से वापस सादाबाद लौट रही थी। वह स्कूटी पर मणी और सौम्या के साथ सवार थी। उसकी अन्य दो सहेलियां एक और अन्य स्कूटी पर थीं। मणी और मीनू की मौत हो गई, जबकि सौम्या गंभीर रूप से घायल हुई।
तीनों थीं गहरी दोस्त
स्कूटी पर सवार मीनू, मणि और सौम्या तीनों आपस में गहरी दोस्त थीं। तीनों में मित्रता इतनी गहरी थी कि वह बिना किसी एक के किसी भी दिन को सेलीब्रेट नहीं करती थीं। साथ साथ स्कूल जाना, साथ साथ एन्ज्वाय करना उनकी आदतों में शुमार था।
नेशनल हाइवे हुआ जाम, पुलिस ने खुलवाया जाम
हादसे के बाद आगरा अलीगढ़ नेशनल हाइवे पर काफी भीड़ लग जाने की वजह से जाम लग गया। करीब एक घंटे के जाम में हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने हादसे में क्षतिग्रस्त हुए वाहनों को एक साइड में किया और जाम को खुलवाया। मौके पर चंदपा और सादाबाद पुलिस पहुंच गई।
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बिसाना के पास कई सड़क हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
बिसाना के निकट गत दिनों में कई सड़क हादसे हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन यहां सड़क हादसों को रोकने के लिए कोई भी कार्ययोजना संबंधित विभाग द्वारा तय नहीं की गई है। हाइवे पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहन ङ्क्षजदगियों का काल बन रहे हैं। हाइवे पर वाहनों में एक दूसरे से ओवरटेक करने की होड़ लगी रहती है, और ओवरलोड वाहनों का आना जाना रहता है, इस अव्यवस्था पर भी कोई बंदिश नहीं लगाई गई है। यही नहीं, दुर्घटना स्थलों पर जो भी पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं, वह इंतजाम भी यहां से गायब हैं। अब सवाल यह है कि आखिर गांव बिसाना के निकट सड़क हादसे कैसे रोके जाएंगे।
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सादाबाद। किसी ने सोचा भी नहीं होगा कि नियति ऐसा खेल खेलेगी कि जन्मदिन ही मीनू के जीवन का अंतिम दिन बन जाएगा। परिवार वालों ने भी मीनू के जन्मदिन को जश्र के साथ मनाने की तैयारी कर रखी थी, लेकिन किसी को क्या पता था कि जन्मदिन के दिन ही मीनू दुनिया से रूसखत हो जाएगी। मीनू की मौत की खबर सुनकर जैसे उसके माता पिता पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। चंद पलों में ही खुशियां मातम में बदल गईं। मीनू के साथ यह हादसा तब हुआ, जब वह अपनी पांच सहेलियों के साथ हाथरस में जन्मदिन की पार्टी से वापस सादाबाद लौट रही थी। वह स्कूटी पर मणी और सौम्या के साथ सवार थी। उसकी अन्य दो सहेलियां एक और अन्य स्कूटी पर थीं। मणी और मीनू की मौत हो गई, जबकि सौम्या गंभीर रूप से घायल हुई।
तीनों थीं गहरी दोस्त
स्कूटी पर सवार मीनू, मणि और सौम्या तीनों आपस में गहरी दोस्त थीं। तीनों में मित्रता इतनी गहरी थी कि वह बिना किसी एक के किसी भी दिन को सेलीब्रेट नहीं करती थीं। साथ साथ स्कूल जाना, साथ साथ एन्ज्वाय करना उनकी आदतों में शुमार था।
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नेशनल हाइवे हुआ जाम, पुलिस ने खुलवाया जाम
हादसे के बाद आगरा अलीगढ़ नेशनल हाइवे पर काफी भीड़ लग जाने की वजह से जाम लग गया। करीब एक घंटे के जाम में हाइवे पर दोनों तरफ वाहनों की लंबी लाइनें लग गईं। मौके पर पहुंची पुलिस ने हादसे में क्षतिग्रस्त हुए वाहनों को एक साइड में किया और जाम को खुलवाया। मौके पर चंदपा और सादाबाद पुलिस पहुंच गई।
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बिसाना के पास कई सड़क हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन
बिसाना के निकट गत दिनों में कई सड़क हादसे हो चुके हैं और कई लोगों की जान जा चुकी है, लेकिन यहां सड़क हादसों को रोकने के लिए कोई भी कार्ययोजना संबंधित विभाग द्वारा तय नहीं की गई है। हाइवे पर तेज रफ्तार से दौड़ते वाहन ङ्क्षजदगियों का काल बन रहे हैं। हाइवे पर वाहनों में एक दूसरे से ओवरटेक करने की होड़ लगी रहती है, और ओवरलोड वाहनों का आना जाना रहता है, इस अव्यवस्था पर भी कोई बंदिश नहीं लगाई गई है। यही नहीं, दुर्घटना स्थलों पर जो भी पर्याप्त इंतजाम किए जाते हैं, वह इंतजाम भी यहां से गायब हैं। अब सवाल यह है कि आखिर गांव बिसाना के निकट सड़क हादसे कैसे रोके जाएंगे।

हादसे में छात्रा मीनू की मौत पर विलाप करते परिवार वाले।- फोटो : SADABAD