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Hathras News: रोशनलाल ने जेल में चक्की चलाने से किया था इन्कार

Fri, 15 Aug 2025 01:51 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Fri, 15 Aug 2025 01:51 AM IST
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Roshanlal had refused to operate the mill in the jail
महाशय रोशनलाल आर्य, स्वतंत्रता सेनानी।  - फोटो : Samvad
क्षेत्र के ऊंचागांव निवासी स्व. रोशनलाल आर्य ने आजादी लड़ाई में कई यातनाएं झेंली। 1938 में जेल की सजा के दौरान चक्की पर आटा पीसने से इन्कार कर नाम कमाया। उनका जन्म 23 सितंबर 1914 को उंचागांव (सुसाइन) के किसान चौ. चतुरी सिंह के परिवार में हुआ था। आठवीं तक शिक्षा ग्रहण की। उन्होंने मल्ल विद्या और दौड़ में खूब नाम कमाया।
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गांव में आर्य समाज की स्थापना की। आर्य उच्चतम माध्यमिक विद्यालय की स्थापना की, जो आज आर्य इंटर कॉलेज के नाम से जाना जाता है। प्राइमरी कन्या पाठशाला की स्थापना भी कराई। रोशनलाल ने मेवाराम राय व ठाकुर बलाई बाबा के नेतृत्व में 1930 में नमक आंदोलन में भाग लिया। अंग्रेज अफसरों ने आंदोलन कारियों को हाथ पैर बांध कर नहर के बहते पानी में लटका दिया।
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सन् 1938 में हैदराबाद के नवाब के खिलाफ बिगुल फूंका। बीजापुर महाराष्ट्र में अंग्रेजी सैनिकों ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। उन्हें दो वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। सजा के दौरान रोशनलाल जी ने चक्की पर आटा पीसने का बहिष्कार कर दिया था। 1942 में भारत छोड़ो आंदोलन में भी हिस्सा लिया।
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