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बड़ा हादसा टला: प्राथमिक विद्यालय के बरामदे की छत भरभराकर गिरी, शिकायत के बाद भी विभाग ने नहीं ली सुध

Sun, 16 Nov 2025 01:29 PM IST
चमन शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: चमन शर्मा Updated Sun, 16 Nov 2025 01:29 PM IST
सार

परिजनों ने कहा कि अब वह इस जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं भेजेंगे। विद्यालय को नए भवन में संचालित किया जाए। इस भवन के सभी कक्षों के गर्डर पूरी तरह गल चुके हैं।

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roof of the veranda of the primary school collapsed
विद्यालय में कुर्सी-मेज पर पड़ा छत का मलवा - फोटो : संवाद

विस्तार

हाथरस के मेंडू रोड स्थित सोखना के प्राथमिक विद्यालय में 15 नवंबर सुबह बड़ा हादसा टल गया। विद्यालय के बरामदे की जर्जर छत अचानक भर भराकर गिर गई। घटना के समय बच्चे स्कूल नहीं पहुंचे थे। विद्यालय में करीब 250 बच्चे अध्ययनरत हैं।

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प्राथमिक विद्यालय सोखना के बरामदे की गिरी छत
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विद्यालय के भवन का निर्माण 1965 में हुआ था। जर्जर भवन की शिकायत प्रधानाध्यापक ममता पाठक ने 11 नवंबर को खंड शिक्षा अधिकारी नगर क्षेत्र को फोटो सहित की थी। बरामदे की छत के गर्डर लटके हुए हैं। यह भी बताया गया था कि इसी बरामदे में कक्षा 1 और दो के बच्चों की कक्षाएं संचालित हैं। विद्यालय में 226 विद्यार्थियों का नामांकन है।
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प्राथमिक विद्यालय सोखना का जर्जर भवन
चार दिन पहले की गई शिकायत के बाद भी अधिकारियों ने इस ओर कोई ध्यान नहीं दिया। विभाग से कोई भी मुआयना करने नहीं पहुंचा। 15 नवंबर सुबह करीब पौने नौ बजे भर-भराकर बरमादे की छत गिर गई। आसपास के लोग मौके पर तत्काल पहुंचे। जो बच्चे विद्यालय में पढ़ रहे है वह भी दौड़कर मौके पर पहुंचे और बच्चों को हाल जाना। सभासद लक्ष्मी कुशवाह के साथ परिजनों ने कहा कि अब वह इस जर्जर भवन में बच्चों को पढ़ने के लिए नहीं भेजेंगे। प्रशासन से मांग की है कि है कि विद्यालय को नए भवन में संचालित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस भवन के सभी कक्षों के गर्डर पूरी तरह गल चुके हैं। ग्रामीणों ने 17 नवंबर को जिलाधिकारी से मिलकर शिकायत करने का निर्णय लिया है।

स्कूल का भवन पूरी तरह से जर्जर है, इस भवन में बच्चों को मजबूरी में पढ़ने के लिए भेजना पड़ता है। कोई भी अधिकारी इस भवन की सुध नहीं ले रहा है। - राजेंद्र सिंह, सोखना।
स्कूल की सभी कक्षाओं के गर्डर गिर रहे हैं। कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है, लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। - धर्मेंद्र कुमार, सोखना।
जिस दौरान भवन का बरामदा गिरा था, उस दौरान शिक्षण कार्य नहीं हो रहा था। जर्जर भवन के बारे में रिपोर्ट तैयार की जाएगी। - स्वाती भारती, बीएसए।

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