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धनगर आरक्षण को रालोद ने भरी हुंकार
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sat, 28 May 2016 11:47 PM IST
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रालोद की चेतना यात्रा का स्वागत करते रालोद कार्यकर्ता
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो हाथरस
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हाथरस। आगरा से शुरू हुई राष्ट्रीय लोकदल की धनगर, किसान और मजदूर चेतना रथयात्रा का जिले में कई जगहों पर जोशीला स्वागत किया गया। हाथरस में अलीगढ़ रोड स्थित जिला कार्यालय, सादाबाद और खंदौली में यात्रा की गर्मजोशी से अगवानी की गई।
प्रदेश उपाध्यक्ष किन्नर सिंह बघेल के नेतृत्व में निकाली जा रही रथयात्रा को रालोद प्रदेशाध्यक्ष मुन्ना सिंह ने आगरा में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेशाध्यक्ष ने सादाबाद पहुंचकर मथुरा अड्डा स्थित चौ. चरण सिंह स्मारक पर माल्यार्पण किया। चार दिवसीय रथयात्रा पश्चिमी यूपी के कई जिलों का भ्रमण करने के बाद आगरा में ही आकर समाप्त होगी।
सबसे पहले पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी के खंदौली स्थित आवास पर रथयात्रा का स्वागत किया गया। यहां भी प्रदेशाध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने रथयात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद चौहान ने सादाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां से प्रदेशाध्यक्ष लौट गए। इससे पहले रालोद प्रदेश सचिव गुड्डू चौधरी टूंडला उनकी आगवानी को पहुंचे थे। वार्ता के दौरान चौहान ने बताया कि ये यात्रा आगरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और मथुरा के बाद आगरा पहुंचेगी। इसके माध्यम से धनगरों को अनुसूचित जाति का आरक्षण और प्रमाण पत्र दिलाने का रालोद का उद्देश्य है।
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इसके बाद हाथरस में मधुगढ़ी चौराहे और अलीगढ़ रोड स्थित रालोद के जिला कार्यालय पर किन्नर सिंह बघेल और रथयात्रा का जोरदार स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि बसपा के शासनकाल में 1998 में एससी प्रमाण पत्रों को बंद कर दिया गया था। एक जनवरी 2009 को मथुरा में रालोद मुखिया चौ. अजित सिंह व जयंत चौधरी के नेतृत्व में चल रहे धरना-प्रदर्शन में बसपा शासनकाल में धनगरों पर लाठीचार्ज किया गया। रालोद प्रमुख ने कड़े संघर्ष के बाद धनगरों के पक्ष में अनुसूचित आयोग से निर्णय दिलवाया। इसके बाद धनगरों के हितों का ढिंढोरा पीटने वाली सपा सरकार ने धनगरों के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्रों पर रोक लगा दी और जिन्हें प्रमाण पत्र मिल गए हैं, उनके खिलाफ जांच भी बिठा दी, जबकि सपा चुनाव के समय धनगरों को एससी का आरक्षण दिलाने और उन पर दर्ज मुकदमों को निरस्त कराने का वादा करती थी। रथयात्रा के माध्यम से समाज के लोगों को जगाना है। अगर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में चौधरी अजित सिंह के नेतृत्व में लखनऊ में आंदोलन किया जाएगा।
रथयात्रा में जिलाध्यक्ष आगरा ब्रजेश चाहर, रमेश सिंह ठेनुआं, रालोद प्रदेश सचिव जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू, पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, एदल सिंह वर्मा, योगेंद्र सिंह राना, चौधरी केशव सिंह, हरिपाल सिंह नेताजी, कोमल सिंह, ओमप्रकाश धनगर, महेंद्र धनगर, यादवेंद्र सिंह बघेल एडवोकेट, छीतर सिंह बघेल, दरब सिंह बघेल, रुस्तम बघेल, लालाराम बघेल, बहादुर सिंह एडवोकेट थे।
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प्रदेश उपाध्यक्ष किन्नर सिंह बघेल के नेतृत्व में निकाली जा रही रथयात्रा को रालोद प्रदेशाध्यक्ष मुन्ना सिंह ने आगरा में हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। प्रदेशाध्यक्ष ने सादाबाद पहुंचकर मथुरा अड्डा स्थित चौ. चरण सिंह स्मारक पर माल्यार्पण किया। चार दिवसीय रथयात्रा पश्चिमी यूपी के कई जिलों का भ्रमण करने के बाद आगरा में ही आकर समाप्त होगी।
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सबसे पहले पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी के खंदौली स्थित आवास पर रथयात्रा का स्वागत किया गया। यहां भी प्रदेशाध्यक्ष मुन्ना सिंह चौहान ने रथयात्रा को हरी झंडी दिखाई। इसके बाद चौहान ने सादाबाद में पूर्व प्रधानमंत्री, किसानों के मसीहा चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। यहां से प्रदेशाध्यक्ष लौट गए। इससे पहले रालोद प्रदेश सचिव गुड्डू चौधरी टूंडला उनकी आगवानी को पहुंचे थे। वार्ता के दौरान चौहान ने बताया कि ये यात्रा आगरा, हाथरस, अलीगढ़, बुलंदशहर, मेरठ, बागपत, गाजियाबाद, गौतमबुद्ध नगर और मथुरा के बाद आगरा पहुंचेगी। इसके माध्यम से धनगरों को अनुसूचित जाति का आरक्षण और प्रमाण पत्र दिलाने का रालोद का उद्देश्य है।
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इसके बाद हाथरस में मधुगढ़ी चौराहे और अलीगढ़ रोड स्थित रालोद के जिला कार्यालय पर किन्नर सिंह बघेल और रथयात्रा का जोरदार स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा कि बसपा के शासनकाल में 1998 में एससी प्रमाण पत्रों को बंद कर दिया गया था। एक जनवरी 2009 को मथुरा में रालोद मुखिया चौ. अजित सिंह व जयंत चौधरी के नेतृत्व में चल रहे धरना-प्रदर्शन में बसपा शासनकाल में धनगरों पर लाठीचार्ज किया गया। रालोद प्रमुख ने कड़े संघर्ष के बाद धनगरों के पक्ष में अनुसूचित आयोग से निर्णय दिलवाया। इसके बाद धनगरों के हितों का ढिंढोरा पीटने वाली सपा सरकार ने धनगरों के अनुसूचित जाति के प्रमाण पत्रों पर रोक लगा दी और जिन्हें प्रमाण पत्र मिल गए हैं, उनके खिलाफ जांच भी बिठा दी, जबकि सपा चुनाव के समय धनगरों को एससी का आरक्षण दिलाने और उन पर दर्ज मुकदमों को निरस्त कराने का वादा करती थी। रथयात्रा के माध्यम से समाज के लोगों को जगाना है। अगर सरकार ने इस ओर ध्यान नहीं दिया तो आने वाले दिनों में चौधरी अजित सिंह के नेतृत्व में लखनऊ में आंदोलन किया जाएगा।
रथयात्रा में जिलाध्यक्ष आगरा ब्रजेश चाहर, रमेश सिंह ठेनुआं, रालोद प्रदेश सचिव जिला पंचायत सदस्य प्रदीप कुमार उर्फ गुड्डू, पूर्व विधायक डॉ. अनिल चौधरी, एदल सिंह वर्मा, योगेंद्र सिंह राना, चौधरी केशव सिंह, हरिपाल सिंह नेताजी, कोमल सिंह, ओमप्रकाश धनगर, महेंद्र धनगर, यादवेंद्र सिंह बघेल एडवोकेट, छीतर सिंह बघेल, दरब सिंह बघेल, रुस्तम बघेल, लालाराम बघेल, बहादुर सिंह एडवोकेट थे।