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चुनाव में दिग्गजों की प्रतिष्ठा दांव पर
अमर उजाला ब्यूरो हाथरस।
Updated Sun, 05 Nov 2017 11:58 PM IST
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चुनाव
- फोटो : SELF
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डेढ़ दशक बाद सामान्य हुई हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष की सीट सियासी दृष्टिकोण से पूरे जिले में सबसे अहम बन गई है। दिग्गजों के परिवारों के सदस्यों के मैदान में कूदने से यहां इस बार जबर्दस्त सियासी घमासान के आसार नजर आ रहे हैं। पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय और सादाबाद के पूर्व सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के परिवार के सदस्य तो इस पद के लिए मैदान में हैं ही, भाजपा ने भी पूर्व मंत्री के बेहद करीबी रहे आशीष शर्मा को टिकट थमाकर मुकाबले को और ज्यादा दिलचस्प बना दिया है।
जिले में अभी से ही यह कयास लगने लगे हैं कि चुनावी समर में इन तीनों की मौजूदगी आखिर क्या गुल खिलाएगी? भाजपा का दांव किसके लिए फायदेमंद होगा और किस पर भारी पड़ेगा, हर आम-ओ-खास अपने-अपने आकलन से इन सवालों के जवाब तलाशने में लगा है। पहले पंचायत और फिर विधानसभा चुनाव के बाद यह तीसरा मौका है, जब यह चुनाव जिले के सियासी दिग्गजों की नाक का सवाल बन गया है। इस चुनाव में जिले की बड़ी राजनीतिक शख्सियत पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की साख की अग्निपरीक्षा होगी तो हाल ही में जेल से रिहा होकर आए सादाबाद के पूर्व सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के लिए भी इस चुनाव के जरिए अपना सियासी वजूद साबित करने की चुनौती है।
गौर हो कि हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष पद के लिए एक तरफ बसपा से पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के छोटे भाई की पत्नी मैदान में हैं तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल की पत्नी लता रानी सपा के टिकट पर उनके सामने हैं। जिला पंचायत चुनाव में भी पूर्व विधायक की पत्नी और पूर्व मंत्री के भाई रामेश्वर उपाध्याय की पत्नी कल्पना उपाध्याय भी आमने-सामने आ चुकी हैं, जिसमें जीत कल्पना उपाध्याय की हुई थी।
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जिले में अभी से ही यह कयास लगने लगे हैं कि चुनावी समर में इन तीनों की मौजूदगी आखिर क्या गुल खिलाएगी? भाजपा का दांव किसके लिए फायदेमंद होगा और किस पर भारी पड़ेगा, हर आम-ओ-खास अपने-अपने आकलन से इन सवालों के जवाब तलाशने में लगा है। पहले पंचायत और फिर विधानसभा चुनाव के बाद यह तीसरा मौका है, जब यह चुनाव जिले के सियासी दिग्गजों की नाक का सवाल बन गया है। इस चुनाव में जिले की बड़ी राजनीतिक शख्सियत पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय की साख की अग्निपरीक्षा होगी तो हाल ही में जेल से रिहा होकर आए सादाबाद के पूर्व सपा विधायक देवेंद्र अग्रवाल के लिए भी इस चुनाव के जरिए अपना सियासी वजूद साबित करने की चुनौती है।
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गौर हो कि हाथरस नगर पालिकाध्यक्ष पद के लिए एक तरफ बसपा से पूर्व मंत्री रामवीर उपाध्याय के छोटे भाई की पत्नी मैदान में हैं तो दूसरी तरफ पूर्व विधायक देवेंद्र अग्रवाल की पत्नी लता रानी सपा के टिकट पर उनके सामने हैं। जिला पंचायत चुनाव में भी पूर्व विधायक की पत्नी और पूर्व मंत्री के भाई रामेश्वर उपाध्याय की पत्नी कल्पना उपाध्याय भी आमने-सामने आ चुकी हैं, जिसमें जीत कल्पना उपाध्याय की हुई थी।
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