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विधवा बन पेंशन लेने वाली सुहागिनों को रिकवरी नोटिस जारी
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस। जिले में विधवा पेंशन में एक सनसनी खेज फर्जीवाड़ा सामने आने के बाद अब जिला प्रोबेशन विभाग की ओर से विधवा बन कर पेंशन ले रहीं सुहागिनों को रिकवरी नोटिस जारी किए गए हैं। इन सभी सुहागिनों से अब तक दी गई पेंशन की वसूली करने की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। वहीं फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र आवेदनों में पाए जाने के मामले की गहनता से जांच की जा रही है। इस मामले में जल्द कुछ कर्मचारियों पर गाज गिरने की तैयारी है। उक्त फर्जीवाड़े की खबर को अमर उजाला में प्रकाशित किया गया था। इसके बाद विभागीय अधिकारी तेजी से हरकत में आए हैं।
उल्लेखनीय है कि जिला प्रोबेशन कार्यालय से मिलने वाली विधवा पेंशन में फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया था। यहां ब्लॉक हसायन की ग्राम पंचायत पोरा में 450 लाभार्थियों को विधवा पेंशन दी जा रही थी। इन आंकड़ों पर जब संदेह जताया और जांच पड़ताल कराई तो यह सामने आया कि 22 सुहागिनें कागजों में विधवा बनकर इस पेंशन का लाभ ले रही थी। इन सभी ने अपने दस्तावेजों में फर्जी मृत्यु प्रमाण लगा रखे थे, जोकि उनके पतियों के हैं। इतना ही नहीं जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि 78 अपात्र महिलाएं भी विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं। इस गड़बड़ झाले को देख अधिकारी हतप्रभ रह गए। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी डीके सिंह ने पेंशन जारी होने पर तत्काल रोक लगा दी।
इस खबर को अमर उजाला में प्रकाशित किया गया तो विभागीय अधिकारी तेजी से हरकत में आए। विभाग ने सभी सुहागिनों को अब तक दी गई पेंशन का आंकड़ा तैयार किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने सभी सुहागिनों से रिकवरी किए जाने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। वहीं फर्जी मृत्यु प्रमाण जारी होने को लेकर भी जिला प्रशासन की ओर से गहनता से जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में जल्द ही कई कर्मचारियों पर गाज गिरने की तैयारी की जा रही है।
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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर सुहागिनें विधवा पेंशन ले रही थीं। इन सभी को रिकवरी नोटिस जारी कर दिए गए हैं। वहीं फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के मामले में भी गहनता से जांच की जाएगी।
डीके सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी
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उल्लेखनीय है कि जिला प्रोबेशन कार्यालय से मिलने वाली विधवा पेंशन में फर्जीवाड़े का सनसनीखेज मामला सामने आया था। यहां ब्लॉक हसायन की ग्राम पंचायत पोरा में 450 लाभार्थियों को विधवा पेंशन दी जा रही थी। इन आंकड़ों पर जब संदेह जताया और जांच पड़ताल कराई तो यह सामने आया कि 22 सुहागिनें कागजों में विधवा बनकर इस पेंशन का लाभ ले रही थी। इन सभी ने अपने दस्तावेजों में फर्जी मृत्यु प्रमाण लगा रखे थे, जोकि उनके पतियों के हैं। इतना ही नहीं जांच पड़ताल में यह बात भी सामने आई कि 78 अपात्र महिलाएं भी विधवा पेंशन का लाभ ले रही थीं। इस गड़बड़ झाले को देख अधिकारी हतप्रभ रह गए। मामले के सामने आने के बाद जिला प्रोबेशन अधिकारी डीके सिंह ने पेंशन जारी होने पर तत्काल रोक लगा दी।
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इस खबर को अमर उजाला में प्रकाशित किया गया तो विभागीय अधिकारी तेजी से हरकत में आए। विभाग ने सभी सुहागिनों को अब तक दी गई पेंशन का आंकड़ा तैयार किया। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने सभी सुहागिनों से रिकवरी किए जाने के लिए नोटिस जारी कर दिए हैं। वहीं फर्जी मृत्यु प्रमाण जारी होने को लेकर भी जिला प्रशासन की ओर से गहनता से जांच शुरू कर दी गई है। इस मामले में जल्द ही कई कर्मचारियों पर गाज गिरने की तैयारी की जा रही है।
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फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर सुहागिनें विधवा पेंशन ले रही थीं। इन सभी को रिकवरी नोटिस जारी कर दिए गए हैं। वहीं फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के मामले में भी गहनता से जांच की जाएगी।
डीके सिंह, जिला प्रोबेशन अधिकारी