संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
श्रीराम मंदिर आंदोलन से जुड़े कारसेवक अब बुजुर्ग हो गए हैं तो कुछ इस दुनिया को अलविदा कह चुके हैं। अब कई वर्षों बाद श्रीराम मंदिर निर्माण का सपना साकार होने जा रहा है। बुजुर्ग कारसेवकों की आंखों से खुशी के आंसू छलक रहे हैं, जिनमें गांव मीतई निवासी रामकिशोर शर्मा भी शामिल हैं। गांव मीतई का श्रीराम मंदिर आंदोलन से खाता नाता रहा है।
उन्होंने बताया कि वर्ष 1990 के बाद श्रीराम जन्म भूमि आंदोलन को गति दी। उन्होंने नगर के गली-मोहल्लों व गांवों में जाकर राम मंदिर निर्माण के अलख जगाया। अयोध्या में गोली कांड के दौरान जेलभरो आंदोलन में खासी भूमिका निभाई। उनके नजदीकी नानकचंद्र भारद्वाज, राममोहन, पुष्पेंद्र और सत्यपाल सहित 200 लोगों ने गिरफ्तारी दी। उन्होंने बताया कि दिसंबर 1992 में ढांचा गिराने के बाद वह एर्क इंट लेकर आए थे। छात्र जीवन से ही राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ से जुड़े हुए हैं। उन्होंने कहा कि इस शुभ घड़ी के आने की बहुत खुशी है। स्वास्थ्य ठीक नहीं होने के कारण अयोध्या नहीं जा पाने का मलाल भी है।