{"_id":"66b25b7d2c5d65fd9a057734","slug":"ramjilal-suman-raised-the-issue-of-hathras-stampede-victims-in-rajya-sabha-2024-08-06","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras Stampede: राज्यसभा के शून्यकाल में रामजीलाल सुमन ने उठाया फुलरई पीड़ितों का मामला, बोले यह","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras Stampede: राज्यसभा के शून्यकाल में रामजीलाल सुमन ने उठाया फुलरई पीड़ितों का मामला, बोले यह
Wed, 07 Aug 2024 01:52 AM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Wed, 07 Aug 2024 01:52 AM IST
सार
राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने कहा कि कुछ लाशों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ और कुछ के परिजनों ने लाशों का पोस्टमार्टम नहीं कराया। दो लाख की आंशिक सहायता राज्य सरकार ने परिवारों को दी है, जो ऊंट के मुह मे जीरा है। प्रधानमंत्री की घोषणा करने के बावजूद कोई धनराशि केंद्र सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को नहीं दी है।
विज्ञापन
राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन
- फोटो : स्वयं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
विज्ञापन
राज्यसभा में शून्यकाल के दौरान राज्यसभा सांसद रामजीलाल सुमन ने सिकंदरराऊ के गांव फुलराई मुगल गढ़ी में 2 जुलाई को सत्संग के दौरान हुए हादसे में मौतों पर चिंता जताई और पीड़ित परिवारों की अधिक से अधिक सहायता करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि यद्यपि सरकारी आंकड़ों मे मरने वालों की संख्या आंकड़ों से कहीं अधिक है।
उन्होंने कहा कि कुछ लाशों का पोस्टमार्टम नहीं हुआ और कुछ के परिजनों ने लाशों का पोस्टमार्टम नहीं कराया। दो लाख की आंशिक सहायता राज्य सरकार ने परिवारों को दी है, जो ऊंट के मुह मे जीरा है। प्रधानमंत्री की घोषणा करने के बावजूद कोई धनराशि केंद्र सरकार की ओर से पीड़ित परिवारों को नहीं दी है। उन्होंने कहा कि जो लोग मारे गए उनका परिवार निर्धन हैं और सरकार को पीड़ित परिवारों में से एक व्यक्ति को नौकरी देनी चाहिए।
विज्ञापन
रामजीलाल सुमन ने स्वास्थ्य सेवाओं का बुरा हाल है, जो घायल लोग थे उनका अस्पताल मे पंजीकरण ही नहीं हुआ। तमाम लोगों को अपने घर पर ही इलाज करने के लिये बाध्य होना पड़ा। जो लोग भोले बाबा के सत्संग के बाद गिरफ्तार किए गए है, उनकी गिरफ्तारी झूठी और मनगढ़ंत है। इसकी समीक्षा करके उन लोगों को तुरंत रिहा किया जाए।
विज्ञापन
इस प्रकरण के लिये न तो भोले बाबा जिम्मेदार है न ही सेवादार, क्योंकि व्यवस्था के नाम पर वहां एक एंबुलेंस की गाड़ी, एक फायर ब्रिगेड की गाड़ी और नाम मात्र के लिये पुलिस बल तैनात था। सरकार की ओर से जांच के लिए गठित समिति में उपजिलाधिकारी सिकंदरराऊ, पुलिस उपाधीक्षक सिकंदरराऊ सहित तमाम लोगों को दोषी करार दिया गया। उन्होंने सत्संग में उपस्थित लोगों को गिरफ्तार किए जाने पर सवाल उठाया।