निजी अस्पतालों में कराएं नसबंदी, सरकार देगी खर्चा
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हाथरस। जनसंख्या के बढ़ते दबाव के कारण पटरी से उतर चुके परिवार नियोजन की अहमियत को अनदेखा करना स्वास्थ्य महकमे के लिए अब मुमकिन नहीं। प्रदेश सरकार ने हाल ही में बिल गेट्स फाउंडेशन के साथ हाथ मिलाकर इस ओर कदम बढ़ाया है। पीपीपी मॉडल के तहत परिवार नियोजन को अमली जामा पहनाने की तैयारी की जा रही है।
सीएमओ कार्यालय में शनिवार को सिफ्सा द्वारा हाैंसला साझेदारी वर्कशॉप का आयोजन किया गया। इसमें बताया गया कि अब परिवार निजी अस्पतालों में परिवार नियोजन को अपना सकेंगे। इस पर आने वाले खर्च का वहन सरकार करेगी। परिवार नियोजन के साधन सरकारी अस्पतालों में मुफ्त हैं लेकिन ज्यादातर आबादी सरकारी अस्पतालों से दूर रहती है। वहीं आबादी का एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी है जो निजी अस्पतालों में इन साधनों को अपनाना तो चाहता है लेकिन इसमें होने वाले मोटे खर्च के कारण वह ऐसा नहीं कर पा रहा। सरकार का यह प्रयास अगर कामयाब रहा तो जनसंख्या वृद्धि दर को तेजी से कम किया जा सकेगा। सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना में शामिल होने के लिए शहर के कई प्रमुख निजी चिकित्सकों को कार्यशाला के लिए आमंत्रित किया गया था। सिफ्सा के मंडलीय प्रबंधक राजेश अग्रवाल ने हौंसला साझेदारी योजना की जानकारी दी और पीएसआई के उमम फारुक ने भी अपना प्रेजेंटेशन दिया। जिला कार्यक्रम प्रबंधक बलवीर सिंह वर्मा ने परिवार कल्याण के क्षेत्र में निजी अस्पतालों की भूमिका पर प्रकाश डाला। सीएमओ डॉ. रामवीर सिंह ने इसे सरकार का अभिनव प्रयास बताया। कार्यशाला में अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आरके गुप्ता, डॉ. डीके अग्रवाल, राज तोमर, मोहम्मद आमिर आदि का सहयोग रहा।