प्राइवेट परीक्षा फॉर्म भरने में वसूली का खेल
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हाथरस। डॉ. बीआर अंबेडकर विवि के निर्देशों के बाद महाविद्यालयों में प्राइवेट परीक्षा आवेदन फॉर्म भरना भी शुरू हो गए हैं। इन आवेदन फॉर्मों पर छात्र छात्राओं से अवैध वसूली भी शुरू हो गई है। प्रति आवेदन 200 से एक हजार रुपये की वसूली की जा रही है।
जिले में कुकरमुत्तों की तरह खुल चुके इन प्राइवेट महाविद्यालयों में शिक्षा को व्यापार बना दिया गया है। प्राइवेट परीक्षा आवेदन फॉर्म भरने के साथ ही छात्र-छात्राओं से अवैध वसूली का खेल शुरू हो गया है। कहीं एडमिशन बतौर तीन हजार की फीस के अलावा दो सौ रुपये एक्सट्रा अवैध वसूली के रूप में लिए जा रहे हैं तो कहीं इन रुपयों का आंकड़ा हजार या उससे ऊपर तक पहुंच गया है, जबकि छात्र छात्राओं को रसीद विवि द्वारा निर्धारित फीस की ही दी जा रही है। इससे छात्र-छात्राओं और उनके अभिभावकों में बेहद आक्रोश व्याप्त है। हालात ये हैं कि यह प्राइवेट कॉलेज वाले खुद अपने स्टाफ के लोगों से भी वसूली कर रहे हैं। पीसी बागला महाविद्यालय के एक शिक्षक ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि एक महाविद्यालय में बीए के परीक्षा आवेदन फॉर्म भरने पर उनसे 3,200 रुपये लिए गए, जबकि रसीद तीन हजार रुपये की दी गई। पीसी बागला महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. आरके शर्मा ने बताया कि अगर प्राइवेट कॉलेजों में छात्र-छात्राओं से अवैध वसूली हो रही है तो वह इसकी शिकायत विवि प्रशासन से लिखित रूप से कर सकते हैं।