{"_id":"699e0935a495ca014b0480d3","slug":"police-will-investigate-the-audio-that-went-viral-on-x-hathras-news-c-56-1-hts1004-145048-2026-02-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: एक्स पर वायरल हुए ऑडियो की जांच कराएगी पुलिस","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: एक्स पर वायरल हुए ऑडियो की जांच कराएगी पुलिस
Wed, 25 Feb 2026 01:55 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:55 AM IST
विज्ञापन
राष्ट्रीय सवर्ण परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष पंकज धवरैया का ऑडियो वायरल होने मामले में रिपोर्ट दर्ज करने के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। ऑडियो को फॉरेंसिक लैब भेजा जाएगा, जिससे पुष्टि हो सके कि ऑडिया वास्तविक है या फिर छेड़छाड़ की गई है।
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में चल रहे पंकज के आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम को डाॅ. अनिल पांडेय नाम के एक्स हैंडल से ऑडियो वायरल हुआ था। पोस्ट में कई आरोप लगाते हुए ऑडियो साझा किया गया था। इसके वायरल होते ही कोतवाली सदर में शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।
पंकज के अलावा संगठन के आईटी सेल के प्रभारी गौरव को भी नामजद किया गया है। आरोप है कि रिकॉर्डिंग इन्हीं दोनों की है, जबकि पंकज का कहना है कि ऑडियो मॉर्फ है। उन्होंने यूजीसी आंदोलन के संबंध में इस तरह की बात नहीं कही है। बहराल रिपोर्ट दर्ज करने के बाद से अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग की सच्चाई फोरेंसिक वॉयस एनालिसिस से पता चलेगी। वॉयस स्पेक्ट्रोग्राफी के माध्यम से आवाज की प्रामाणिकता और छेड़छाड़ का पता लगेगा। डिजिटल साक्ष्य होने के कारण पुलिस इसे फॉरेंसिक लेबोरेटरी भेजेगी। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी के तहत पुलिस को लेबोरेटरी प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ेगी। सीओ सिटी योगेंद्रकृष्ण नारायण ने बताया इस क्रम में कार्यवाही की जा रही है।
ऑडियो के वायरल होने पर उठाए सवाल, शिकायत
पंकज धवरैया ने एक्स पर ऑडियो वायरल होने की घटना पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। पंकज ने शिकायती पत्र में कहा है कि वे यूजीसी के नए नियमों के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे थे। इस धरने को समाप्त करने के लिए साजिशन फर्जी ऑडियो वायरल किया गया है। पंकज ने कहा कि किसी का फोन टेप करना निजता का हनन है। उन्होंने या गौरव ने यह ऑडियो वायरल नहीं किया है। इधर, मंगलवार को धरना स्थल पर सुंदरकांड पाठ कार्यक्रम हुआ, जिसके बाद प्रसाद वितरित किया गया।
विज्ञापन
यूजीसी के नए नियमों के विरोध में चल रहे पंकज के आंदोलन के बीच शुक्रवार शाम को डाॅ. अनिल पांडेय नाम के एक्स हैंडल से ऑडियो वायरल हुआ था। पोस्ट में कई आरोप लगाते हुए ऑडियो साझा किया गया था। इसके वायरल होते ही कोतवाली सदर में शनिवार को रिपोर्ट दर्ज कर ली गई थी।
विज्ञापन
पंकज के अलावा संगठन के आईटी सेल के प्रभारी गौरव को भी नामजद किया गया है। आरोप है कि रिकॉर्डिंग इन्हीं दोनों की है, जबकि पंकज का कहना है कि ऑडियो मॉर्फ है। उन्होंने यूजीसी आंदोलन के संबंध में इस तरह की बात नहीं कही है। बहराल रिपोर्ट दर्ज करने के बाद से अब तक पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की है। अधिकारी जांच की बात कह रहे हैं।
विज्ञापन
वायरल ऑडियो रिकॉर्डिंग की सच्चाई फोरेंसिक वॉयस एनालिसिस से पता चलेगी। वॉयस स्पेक्ट्रोग्राफी के माध्यम से आवाज की प्रामाणिकता और छेड़छाड़ का पता लगेगा। डिजिटल साक्ष्य होने के कारण पुलिस इसे फॉरेंसिक लेबोरेटरी भेजेगी। भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65बी के तहत पुलिस को लेबोरेटरी प्रमाणपत्र की आवश्यकता पड़ेगी। सीओ सिटी योगेंद्रकृष्ण नारायण ने बताया इस क्रम में कार्यवाही की जा रही है।
ऑडियो के वायरल होने पर उठाए सवाल, शिकायत
पंकज धवरैया ने एक्स पर ऑडियो वायरल होने की घटना पर सवाल उठाए हैं। इस संबंध में उन्होंने मंगलवार को मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर शिकायत की है। पंकज ने शिकायती पत्र में कहा है कि वे यूजीसी के नए नियमों के विरोध में शांतिपूर्ण ढंग से धरने पर बैठे थे। इस धरने को समाप्त करने के लिए साजिशन फर्जी ऑडियो वायरल किया गया है। पंकज ने कहा कि किसी का फोन टेप करना निजता का हनन है। उन्होंने या गौरव ने यह ऑडियो वायरल नहीं किया है। इधर, मंगलवार को धरना स्थल पर सुंदरकांड पाठ कार्यक्रम हुआ, जिसके बाद प्रसाद वितरित किया गया।