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चंदपा प्रकरण: लोगों में रोष बढ़ा तो पुलिस ने दिखाई तेजी

Wed, 30 Sep 2020 12:40 AM IST
Aligarh Bureau अलीगढ़ ब्यूरो
Updated Wed, 30 Sep 2020 12:40 AM IST
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police active after public urge
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
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कोतवाली चंदपा क्षेत्र की बिटिया के मामले में शुरू में तो पुलिस ने इसे एक सामान्य जानलेवा हमले का मामला माना। इससे लोगों में रोष बढ़ा और नेताओं का आना शुरू हुआ तो पुलिस ने तेजी दिखाई। विपक्षी दल जहां इस मामले को लेकर प्रदेश सरकार को कटघरे में खड़ा कर रहे हैं, वहीं सरकार और भाजपा के नेता डैमेज कंट्रोल में जुटे हैं। घटना की जानकारी होने पर आसपास के जिलों के वाल्मीकि समाज के लोग एकत्रित हुए और इन लोगों ने कोतवाली सदर का घेराव कर जाम भी लगाया।
बीती 14 सितंबर को जब इस युवती के साथ दरिंदगी हुई तो पुलिस ने इस मामले में मुकदमा तो दर्ज किया, लेकिन उचित धाराएं नहीं लगाईं। आरोपियों की गिरफ्तारी में भी देर कर दी। बस इसी को लेकर वाल्मीकि समाज के लोगों में रोष व्याप्त हो गया। समाज के लोगों ने शहर में एक बैठक की और उसमें आसपास के जिलों के लोग भी शामिल हुए। इन लोगों ने थाना कोतवाली सदर का घेराव किया और प्रदर्शन किया। इन लोगों का कहना था कि पुलिस इस पूरे प्रकरण में उचित कार्रवाई नहीं कर रही। बस, फिर क्या था, विपक्षियों ने इसे मुद्दा बना लिया। कुछ विपक्षी दलों के नेताओं ने अलीगढ़ मेडिकल कॉलेज पहुंचकर पीड़िता का हाल-चाल जानना शुरू कर दिया। वहीं कुछ अन्य नेताओं ने उसके गांव में भी पहुंचकर परिजनों से मुलाकात की। जानकारी मिलने पर भाजपा के नेताओं ने भी इस मामले को साधने की कोशिश की।
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सांसद राजवीर दिलेर की पत्नी रजनी दिलेर, पुत्री मंजू दिलेर, भाजपा के जिलाध्यक्ष गौरव आर्य गांव पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली, लेकिन तब तक मामला तूल पकड़ चुका था। भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने यह घोषणा कर दी थी कि वह बिटिया को देखने अलीगढ़ आएंगे। इससे पहले भीम आर्मी ने निजीकरण के विरोध में जब कलेक्ट्रेट पर धरना दिया तो यह मसला भी जोर-शोर से उठाया। मामला तूल पकड़ गया और चंद्रशेखर आजाद ने अलीगढ़ पहुंचकर इस मसले को जोर-शोर से उठा दिया। इसके बाद बसपा सुप्रीमो मायावती ने भी अपने दूत यहां भेजे और कांग्रेस ने भी प्रदर्शन किया। कई अन्य दल भी इस पूरे घटनाक्रम में कूद पड़े। इस घटनाक्रम पर विपक्षी जहां सरकार पर वार कर रहे हैं, वहीं सरकार अपना बचाव करने में जुटी है।
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