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हाथरस सीएमओ आफिस: जनरेटर पांच साल से खराब, हर सप्ताह डल रहा 40 लीटर डीजल, बिजली रही 24 घंटे, फिर भी चलता रहा

Sun, 02 Nov 2025 01:29 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस Published by: अलीगढ़ ब्यूरो Updated Sun, 02 Nov 2025 01:29 AM IST
सार

सीएमओ कार्यालय के बाहर रखा 25 केवीए का जनरेटर वर्ष 2020 से खराब है। विभागीय लोगों का कहना है कि सीएमओ ऑफिस जिला अस्पताल परिसर में ही है, लिहाजा यहां चौबीस घंटे बिजली रहती है।

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Paper electricity was being generated in the CMO office using the diesel of corruption
सीएमओ कार्यालय के बाहर लगा खराब जनरेटर - फोटो : संवाद

विस्तार

हाथरस में सीएमओ ऑफिस का जनरेटर पिछले पांच साल से खराब है। वह चलने की स्थिति में भी नहीं है, लेकिन डीजल खरीद के रिकार्ड के मुताबिक उसमें हर सप्ताह 40 लीटर डीजल डाला जा रहा है। खास बात यह है कि बिजली चौबीस घंटे रही, लेकिन जनरेटर फिर भी चलता रहा। जैसे-जैसे जांच हो रही है नित नए खुलासे सामने आ रहे हैं। वहीं इस मामले में एक चालक को नोटिस जारी कर दिया गया है।

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सीएमओ कार्यालय के बाहर रखा 25 केवीए का जनरेटर वर्ष 2020 से खराब है। विभागीय लोगों का कहना है कि सीएमओ ऑफिस जिला अस्पताल परिसर में ही है, लिहाजा यहां चौबीस घंटे बिजली रहती है। लगातार आपूर्ति रहे इसके लिए बिजली के दो फीडर बनाए गए हैं। बावजूद इसके रिकार्ड में जनरेटर रोज चला है। हर सप्ताह डीजल की टंकी भरी गई है। अब सबसे बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि जनरेटर के नाम से आए डीजल का इस्तेमाल आखिर हुआ कहां है? इसकी जांच शुरू कर दी गई है। तीन सदस्यीय जांच कमेटी में एसीएमओ डा. मधुकर कुमार, डीआईओ डा. एमआई आलम और आरओ अनिल शर्मा को शामिल किया गया है। डीजल की जो पर्चियां कटी हैं उन्हें भी चेक किया जा रहा है।

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तहसील दिवस में रहने के कारण अभी पूरे प्रकरण की जानकारी नहीं है। जांच भी इसी कारण शुरु नहीं हो सकी है। चालक को रिकवरी नोटिस वाले मामले को दिखवाया जाएगा।-डा. राजीव राय, प्रभारी सीएमओ

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एक चालक को मिला है नोटिस

विभाग के एक बड़े अधिकारी के चालक को अक्तूबर माह में ही रिकवरी का नोटिस जारी हो चुका है। यह नोटिस अधिकारी की निजी कार में तेल पड़वाने को लेकर था, लेकिन बाद में यह लेटर फाइल में दब गया और जांच का एंगल ही मोड़ दिया गया। इस गाड़ी की लॉग बुक चेक हुई थी, जिस पर संबंधित अधिकारी ने चालक को फटकार भी लगाई थी, लेकिन बाद में अधीनस्थ कर्मचारियों ने सांठ-गांठ कर वह मामला रफादफा कर दिया। अधिकारियों सहित यहां कुल आठ वाहन है, जिनमें डीजल डलता है। इनकी लॉग बुक जांच में बड़ा खेल उजागर हो सकता है।

कोल्ड चेन के लिए आए थे आठ जनरेटर
लगभग दस साल पहले तत्कालीन सीएमओ डा. आरपी सिंह के कार्यकाल में जनपद की सभी कोल्ड चेन के लिए आठ जनरेटर खरीदे गए थे। जो कि 25 केवीए के थे। सात जनरेटर सात सीएचसी पर लगे हुए हैं। एक यहां की कोल्ड चेन के लिए आया था, लेकिन पहले से ही यहां 15 केवीए का जनरेटर होने के कारण इसे सीएमओ कार्यालय पहुंचा दिया गया। इसके बाद वह जेनरेटर खराब पड़ा है। अगर सीएचसी पर लगे जेनरेटर की भी लॉग बुक चेक की जाती है तो उसमें भी खामियां मिलेंगी।

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