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Jawaharlal Nehru: हाथरस से है पंडित नेहरू का पुराना नाता, पत्नी संग आए थे, तब बना कमला बाजार
Fri, 14 Nov 2025 03:19 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Fri, 14 Nov 2025 03:19 PM IST
सार
पंडित जवाहरलाल नेहरू अपनी पत्नी कमला नेहरू के साथ हाथरस आए थे। नेहरू दंपती के हाथरस आगमन की स्मृति में शहर के सासनी गेट से गुड़हाई बाजार को जाने वाले मार्ग का नाम कमला बाजार रखा गया।
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हाथरस के कमला बाजार स्थित कामेश्वर मंदिर के बाहर लगा कमला नेहरु बाजार का पत्थर
- फोटो : संवाद
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विस्तार
देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू की जयंती पर हर साल शहरवासियों के जेहन में पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं। पंडित नेहरू का हाथरस से भी ऐतिहासिक संबंध रहा है। आजादी से पहले वह अपनी पत्नी कमला नेहरू के साथ यहां आए थे। इस कारण शहर के एक बाजार का नाम कमला बाजार रखा गया।
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सन 1932 में स्वतंत्रता आंदोलन के दौर में जब देशभर में आजादी का आंदोलन जोर पकड़ रहा था, तब पंडित जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू हाथरस की यात्रा पर आए थे। उस समय अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ जनजागरण के उद्देश्य से वे विभिन्न जनसभाओं और संपर्क अभियानों में शामिल हो रहे थे। नेहरू दंपती के हाथरस आगमन की स्मृति में शहर के सासनी गेट से गुड़हाई बाजार को जाने वाले मार्ग का नाम कमला बाजार रखा गया।
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यह नाम आज भी कायम है और स्थानीय लोग इसे गर्व से कमला बाजार के नाम से जानते हैं। कमला बाजार स्थित कामेश्वर महादेव मंदिर के मुख्य द्वार पर आज भी शिला पट्टिका लगी है, जिस पर कमला नेहरू बाजार लिखा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जवाहरलाल नेहरू और कमला नेहरू के आगमन से उस समय पूरे शहर में उत्साह की लहर दौड़ गई थी। स्वतंत्रता आंदोलन में शामिल स्थानीय कार्यकर्ताओं को इससे बड़ा हौसला मिला। यह घटना हाथरस के राजनीतिक और सामाजिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में दर्ज है।
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शहर के चित्रगुप्त नगर निवासी बुजुर्ग वीरेंद्र कुमार कुलश्रेष्ठ ने बताया कि हमने देखा तो नहीं, लेकिन अपने बुजुर्गों से सुना था कि जवाहरलाल नेहरु हाथरस आए थे। आज जब देशभर में चाचा नेहरू की जयंती पर बाल दिवस के रूप में मनाई जा रही है, तब हाथरस भी उन ऐतिहासिक पलों को याद कर गर्व महसूस कर रहा है, जब हमारा शहर जवाहरलाल व उनकी कमला नेहरू की यात्रा का साक्षी बना था।