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Hathras News: वक्फ संशोधन बिल का विरोध...काली पट्टी बांधकर पढ़ी नमाज
Fri, 28 Mar 2025 11:43 PM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 28 Mar 2025 11:43 PM IST
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जामा मस्जिद किला गेट में काली पट्टी बांधकर जुमे की नगाज अता करने पहुचे लोग। संवाद
- फोटो : samvad
जुमा अलविदा की नमाज शुक्रवार को जिले भर में कड़ी सुरक्षा के बीच अदा की गई। मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के आह्वान पर वक्फ संशोधन बिल के विरोध में मुस्लिम समाज के लोग जुमा अलविदा की नमाज पढ़ने पहुंचे।
प्रशासन की सख्ती के चलते नमाज मस्जिदों के भीतर ही पढ़ी गई। वक्फ बिल के विरोध में कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
शहर में जामा मस्जिद पर दोपहर एक बजे नमाज अदा की गई और इसमें मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। दोपहर एक से दो बजे के बीच सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। सभी मस्जिदों की कमेटी के पदाधिकारियों ने सुबह से ही प्रशासन के निर्देशों के अनुसार नमाज की व्यवस्था की थी, मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी गई।
शहर की जामा मस्जिद, मधुगढ़ी मस्जिद और आगरा रोड स्थित मस्जिद पर खास सुरक्षा रही। इस दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर वक्फ संशोधन बिल का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। जामा मस्जिद में कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
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वोट बैंक की राजनीति कर रहे सुमन, माहौल बिगाड़ने की कोशिश न करें : इमाम
जुमा अलविदा की नमाज के बाद जामा मस्जिद के इमाम अकील अहमद ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सांसद रामजीलाल सुमन वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। वह अपना वोट बैंक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 300 साल से जो जमीन में हैं, उन्हें उखाड़ना कानूनी नहीं है। इमाम ने कहा कि मुस्लिम समाज शांति से रह रहा है, रहना चाहता है और रहेगा। माहौल बिगाड़ने की कोशिश न की जाए।
सपा कार्यकर्ताओं ने की वक्फ संशोधन बिल रद्द करने की मांग
यहां भी अलविदा जुमा नमाज के दौरान मुस्लिम समाज के लोग अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने वक्फ संशोधन बिल 2024 का विरोध करते हुए उसे रद्द किए जाने की मांग की।
नमाज के बाद पूर्व सपा जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2024 असंवैधानिक है, इसे सरकार को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। सपा ज़िलामहासचिव ज़ैनुद्दीन चौधरी ने कहा भी कहा कि इस बिल की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ रोज नया एजेंडा तैयार करती है। विरोध करने वालों में सपा ज़िला उपाध्यक्ष मंसूर अहमद, वरिष्ठ सपा नेता हाफिज शफीक क़ुरैशी, परवेज पहलवान, मास्टर रफीक, हमीद ख़ान अब्बासी सपा नगर अध्यक्ष, हाजी अनीश सभासद, शाहिद सिद्दीकी आदि मौजूद थे।
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प्रशासन की सख्ती के चलते नमाज मस्जिदों के भीतर ही पढ़ी गई। वक्फ बिल के विरोध में कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
शहर में जामा मस्जिद पर दोपहर एक बजे नमाज अदा की गई और इसमें मुल्क में अमन-चैन की दुआ मांगी गई। दोपहर एक से दो बजे के बीच सभी मस्जिदों में अलविदा की नमाज अदा की गई। सभी मस्जिदों की कमेटी के पदाधिकारियों ने सुबह से ही प्रशासन के निर्देशों के अनुसार नमाज की व्यवस्था की थी, मस्जिद के बाहर नमाज नहीं पढ़ी गई।
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शहर की जामा मस्जिद, मधुगढ़ी मस्जिद और आगरा रोड स्थित मस्जिद पर खास सुरक्षा रही। इस दौरान मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड की अपील पर वक्फ संशोधन बिल का विरोध शांतिपूर्ण तरीके से किया गया। जामा मस्जिद में कुछ लोगों ने काली पट्टी बांधकर नमाज अदा की।
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वोट बैंक की राजनीति कर रहे सुमन, माहौल बिगाड़ने की कोशिश न करें : इमाम
जुमा अलविदा की नमाज के बाद जामा मस्जिद के इमाम अकील अहमद ने एक सवाल के जवाब में कहा कि सांसद रामजीलाल सुमन वोट बैंक की राजनीति कर रहे हैं। वह अपना वोट बैंक बना रहे हैं। उन्होंने कहा कि 300 साल से जो जमीन में हैं, उन्हें उखाड़ना कानूनी नहीं है। इमाम ने कहा कि मुस्लिम समाज शांति से रह रहा है, रहना चाहता है और रहेगा। माहौल बिगाड़ने की कोशिश न की जाए।
सपा कार्यकर्ताओं ने की वक्फ संशोधन बिल रद्द करने की मांग
यहां भी अलविदा जुमा नमाज के दौरान मुस्लिम समाज के लोग अपने हाथों पर काली पट्टी बांधकर पहुंचे। इस दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने वक्फ संशोधन बिल 2024 का विरोध करते हुए उसे रद्द किए जाने की मांग की।
नमाज के बाद पूर्व सपा जिलाध्यक्ष चौधरी भाजुद्दीन ने कहा कि वक्फ संशोधन बिल 2024 असंवैधानिक है, इसे सरकार को तुरंत वापस लिया जाना चाहिए। सपा ज़िलामहासचिव ज़ैनुद्दीन चौधरी ने कहा भी कहा कि इस बिल की कोई आवश्यकता नहीं थी, लेकिन केंद्र की भाजपा सरकार अल्पसंख्यकों के खिलाफ रोज नया एजेंडा तैयार करती है। विरोध करने वालों में सपा ज़िला उपाध्यक्ष मंसूर अहमद, वरिष्ठ सपा नेता हाफिज शफीक क़ुरैशी, परवेज पहलवान, मास्टर रफीक, हमीद ख़ान अब्बासी सपा नगर अध्यक्ष, हाजी अनीश सभासद, शाहिद सिद्दीकी आदि मौजूद थे।