{"_id":"6aa7058dc8900b7a370c19bf","slug":"onion-prices-bring-tears-of-inflation-hathras-news-c-56-1-hts1003-154115-2026-09-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hathras News: प्याज की कीमतों ने निकाले महंगाई के आंसू","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hathras News: प्याज की कीमतों ने निकाले महंगाई के आंसू
विज्ञापन
बाजार में बिकती प्याज। संवाद
- फोटो : samvad
रसोई के बजट पर महंगाई की जोरदार मार पड़ी है। सब्जियों का स्वाद बढ़ाने वाला प्याज अब उपभोक्ताओं को महंगाई के आंसू रुला रहा है। स्थानीय मंडियों में नई फसल की आवक न होने और थोक स्तर पर सप्लाई घटने से फुटकर बाजार में प्याज के दाम 60 से 70 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
तीन दिन पहले तक 50 रुपये किलो बिकने वाली प्याज के दाम में अचानक 15 से 20 रुपये की तेजी आई है। दाम बढ़ने से गृहणियों की रसोई का गणित बिगड़ गया है। अच्छी क्वालिटी की प्याज बाजार में सीमित है और इसके मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। सब्जी मंडी के फुटकर विक्रेता महेश कुमार ने बताया कि थोक नवीन मंडी से प्याज के कट्टे महंगे मिल रहे हैं। भाड़े और छंटाई में खराब निकलने वाली प्याज का नुकसान भी उठाना पड़ता है। थोक भाव बढ़ने से 65 से 70 रुपये किलो में बिक्री करनी पड़ रही है। दाम बढ़ते ही ग्राहकों ने खरीदारी आधी कर दी है।
नई फसल की आवक बढ़ने तक राहत की उम्मीद कम
घंटाघर क्षेत्र के सब्जी विक्रेता दीपक गुप्ता ने बताया कि नासिक से प्याज की आवक कम है। राजस्थान से आने वाली नई प्याज की खेप भी स्थानीय मंडियों में पूरी तरह नहीं पहुंची है। फिलहाल बाजार पुरानी कोल्ड स्टोरेज की प्याज पर निर्भर है। थोक मंडी में अच्छी क्वालिटी की प्याज कम मिल रही है। नई फसल की आवक बढ़ने तक दाम में बड़ी राहत की उम्मीद कम है।
विज्ञापन
विज्ञापन
तीन दिन पहले तक 50 रुपये किलो बिकने वाली प्याज के दाम में अचानक 15 से 20 रुपये की तेजी आई है। दाम बढ़ने से गृहणियों की रसोई का गणित बिगड़ गया है। अच्छी क्वालिटी की प्याज बाजार में सीमित है और इसके मनमाने दाम वसूले जा रहे हैं। सब्जी मंडी के फुटकर विक्रेता महेश कुमार ने बताया कि थोक नवीन मंडी से प्याज के कट्टे महंगे मिल रहे हैं। भाड़े और छंटाई में खराब निकलने वाली प्याज का नुकसान भी उठाना पड़ता है। थोक भाव बढ़ने से 65 से 70 रुपये किलो में बिक्री करनी पड़ रही है। दाम बढ़ते ही ग्राहकों ने खरीदारी आधी कर दी है।
विज्ञापन
नई फसल की आवक बढ़ने तक राहत की उम्मीद कम
घंटाघर क्षेत्र के सब्जी विक्रेता दीपक गुप्ता ने बताया कि नासिक से प्याज की आवक कम है। राजस्थान से आने वाली नई प्याज की खेप भी स्थानीय मंडियों में पूरी तरह नहीं पहुंची है। फिलहाल बाजार पुरानी कोल्ड स्टोरेज की प्याज पर निर्भर है। थोक मंडी में अच्छी क्वालिटी की प्याज कम मिल रही है। नई फसल की आवक बढ़ने तक दाम में बड़ी राहत की उम्मीद कम है।
विज्ञापन