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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Number of job fairs increased from 18 to 27, yet the number of participating youths halved.

Hathras News: रोजगार मेले 18 से बढ़कर 27 हुए, भाग लेने वाले युवाओं की संख्या आधी रह गई

Mon, 20 Jul 2026 01:59 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Mon, 20 Jul 2026 01:59 AM IST
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Number of job fairs increased from 18 to 27, yet the number of participating youths halved.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
जिले में साल दर साल रोजगार मेलों की संख्या बढ़ रही है, लेकिन इनमें शामिल होने वाले युवाओं की संख्या आधी रह गई है। साल 2023-24 में इन मेलों में करीब 10 हजार युवा नौकरी की उम्मीद लेकर आए थे, दूसरे ही साल 2024-25 में ऐसे युवाओं की संख्या आधी रह गई। बीते साढ़े तीन वर्ष में 68 मेलों का आयोजन किया गया। 19,702 युवाओं ने इन मेलों में दौड़ लगाई, जिसमें 10,537 को ही नौकरी मिल सकी।
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विभाग हर साल बड़े स्तर पर रोजगार मेलों का आयोजन तो करता है, लेकिन धरातल पर हकीकत इसके बिल्कुल उलट है। तीन वर्षों के आंकड़े इसकी पुष्टि करते हैं कि जैसे-जैसे रोजगार मेलों की संख्या बढ़ रही है, वैसे-वैसे युवाओं का इस सिस्टम से भरोसा उठता जा रहा है। लाखों रुपये के बजट से सजे इन सरकारी मंचों से युवा मायूस होकर ही लौट रहे हैं। इसका सबसे बड़ा कारण यह है कि इन मेलों में आने वाली कंपनियों के वेतनमान, काम के घंटों और अवकाश को लेकर कोई ठोस नियम नहीं हैं। सेवायोजन कार्यालय केवल मेलों की संख्या बढ़ाने और अपनी फाइलें दुरुस्त करने में व्यस्त है।
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साल दर साल बढ़ते गए मेले

वर्ष 2023-24 में विभाग ने 18 रोजगार मेलों का आयोजन किया, जिसमें 9,857 युवा पहुंचे। मात्र 4,184 युवाओं का ही चयन हो सका। वर्ष 2024-25 में मेलों की संख्या बढ़ाकर 23 कर दी गई, लेकिन सिर्फ 4,518 युवा ही प्रतिभाग करने पहुंचे और 2,422 को ही चयन पत्र नसीब हुआ। वर्ष 2025-26 में मेलों का आंकड़ा और बढ़ाकर 27 तक पहुंचा दिया गया, लेकिन प्रतिभाग करने वाले युवाओं की संख्या कम रही। इस वर्ष 5,327 युवाओं ने प्रतिभाग किया और उनमें से 3,931 का चयन दिखाया गया।
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डिग्री कॉलेजों में काउंसिलिंग कराकर युवाओं को रोजगार मेलों से जोड़ा जाएगा। पिछले आंकड़ों में गिरावट होने के बारे में जानकारी ली जाएगी।

सौरभ परमार, सहायक सेवायोजन अधिकारी।


कई बार चयनित होने के बाद भी कंपनियों से नियुक्ति पत्र नहीं मिलता और विभाग इसकी कोई निगरानी नहीं करता। कोई जवाबदेही तय नहीं है।
-नरेश, गिजरौली।

मेलों में आने वाली कंपनियां बहुत कम वेतन देती हैं। यहां ऑफर लेटर दे देते हैं, बाद में नियुक्ति के समय नए-नए नियम बना देती हैं।
-आंद्रेश प्रताप, झींगुरा।
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