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Hathras News: अब फिटनेस के लिए मूल जिले में नहीं लाना होगा वाहन
Fri, 26 Apr 2024 04:13 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Fri, 26 Apr 2024 04:13 AM IST
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प्रदेश के परिवहन विभाग ने वाहन स्वामियों को बड़ी राहत दी है। वाहन स्वामियों को फिटनेस जांच के लिए वाहनों को मूल जनपद में नहीं लाना होगा। अब प्रदेश के किसी भी जिले में मौजूद वाहन की फिटनेस जांची जा सकेगी। हालांकि फिटनेस प्रमाणपत्र मूल जनपद से ही जारी होगा।
नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 75 जिलों में से कहीं भी वाहनों की फिटनेस जांच कराई जा सकेगी। इसके लिए वाहन स्वामी को दो भागों में शुल्क जमा करना होगा। एक भाग का शुल्क उस जिले के संभागीय परिवहन कार्यालय के लिए कटाना होगा, जहां वाहन मौजूद है। शुल्क का पहला भाग वाहन के परीक्षण के लिए होगा। उस जिले के अधिकारी इस तरह के वाहन की फिटनेस के लिए प्रारूप संख्या 38 की बजाय नये प्रारूप संख्या 38ए पर अपनी परीक्षण रिपोर्ट देंगे।
इस रिपोर्ट की तीन प्रतियां होंगी। एक प्रति को विभाग के सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा व रिकार्ड में रखा जाएगा। दूसरी प्रति को मूल रूप से 30 दिन के भीतर वाहन स्वामी को मूल कार्यालय में जमा कराना होगा। इसके साथ ही शुल्क का दूसरा भाग ऑनलाइन जमा करा कर रसीद कार्यालय को देनी होगी। नई व्यवस्था में वाहन स्वामी को एक बार मूल कार्यालय में जाना होगा। वाहन को मूल वाहन में नहीं ले जाना पड़ेगा।
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एनीवेयर फिटनेस के लिए आदेश जारी हो चुके हैं। अब वाहन स्वामी पूरे प्रदेश में कहीं भी अपने वाहन की फिटनेस जांच करा सकते हैं। उसे वाहन मूल कार्यालय में परीक्षण के लिए नहीं लाना होगा। सिर्फ वाहन स्वामी को निरीक्षण कागज देना होगा। इस व्यवस्था से वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी।
-संतोष कुमार, आरआई, हाथरस।
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नई व्यवस्था के तहत प्रदेश के 75 जिलों में से कहीं भी वाहनों की फिटनेस जांच कराई जा सकेगी। इसके लिए वाहन स्वामी को दो भागों में शुल्क जमा करना होगा। एक भाग का शुल्क उस जिले के संभागीय परिवहन कार्यालय के लिए कटाना होगा, जहां वाहन मौजूद है। शुल्क का पहला भाग वाहन के परीक्षण के लिए होगा। उस जिले के अधिकारी इस तरह के वाहन की फिटनेस के लिए प्रारूप संख्या 38 की बजाय नये प्रारूप संख्या 38ए पर अपनी परीक्षण रिपोर्ट देंगे।
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इस रिपोर्ट की तीन प्रतियां होंगी। एक प्रति को विभाग के सिस्टम पर अपलोड किया जाएगा व रिकार्ड में रखा जाएगा। दूसरी प्रति को मूल रूप से 30 दिन के भीतर वाहन स्वामी को मूल कार्यालय में जमा कराना होगा। इसके साथ ही शुल्क का दूसरा भाग ऑनलाइन जमा करा कर रसीद कार्यालय को देनी होगी। नई व्यवस्था में वाहन स्वामी को एक बार मूल कार्यालय में जाना होगा। वाहन को मूल वाहन में नहीं ले जाना पड़ेगा।
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एनीवेयर फिटनेस के लिए आदेश जारी हो चुके हैं। अब वाहन स्वामी पूरे प्रदेश में कहीं भी अपने वाहन की फिटनेस जांच करा सकते हैं। उसे वाहन मूल कार्यालय में परीक्षण के लिए नहीं लाना होगा। सिर्फ वाहन स्वामी को निरीक्षण कागज देना होगा। इस व्यवस्था से वाहन स्वामियों को बड़ी राहत मिलेगी।
-संतोष कुमार, आरआई, हाथरस।