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लापरवाही पर अधिशासी अभियंता को नोटिस
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
कलेक्ट्रेट सभागार में अलंकार योजना के अंतर्गत जिला योजना समिति एवं तहसील स्तरीय विद्यालयों के जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण, जीर्णोद्धार कार्य और अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) साहित्य प्रकाश मिश्र ने समीक्षा की। कार्य में लापरवाही बरतने पर अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक रितु गोयल ने बताया कि इस योजना के तहत पुराने राजकीय विद्यालयों के जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण किए जाने के लिए समुचित प्राविधान न हो पाने के कारण विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के जर्जर भवन के पुनर्निर्माण, विस्तार, विद्युतीकरण इत्यादि कार्यों को कराया जाना है।
योजना के अंतर्गत ऐसे राजकीय बालक व बालिका इंटर कॉलेजों जो कुछ कारणों से अपूर्ण रह गए हैं, उनको वरीयता दी जाएगी। इसके बाद किराये के भवन में संचालित राजकीय इंटर कॉलेजों को वरीयता दी जाएगी। पूर्व में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्वीकृत 31,78,000 रुपये के सापेक्ष आरईएस विभाग द्वारा छह माह का समय व्यतीत हो जाने के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
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प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल अरौठा ने बताया कि विद्यालय में खिड़की-दरवाजों को दीमक द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिए जाने के कारण मरम्मत का कार्य कराया जाना है। सीडीओ ने जिला विद्यालय निरीक्षक को एक्सईएन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
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कलेक्ट्रेट सभागार में अलंकार योजना के अंतर्गत जिला योजना समिति एवं तहसील स्तरीय विद्यालयों के जर्जर भवनों के पुनर्निर्माण, जीर्णोद्धार कार्य और अवस्थापना सुविधाएं उपलब्ध कराए जाने की मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) साहित्य प्रकाश मिश्र ने समीक्षा की। कार्य में लापरवाही बरतने पर अधिशासी अभियंता ग्रामीण अभियंत्रण सेवा (आरईएस) को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।
जिला विद्यालय निरीक्षक रितु गोयल ने बताया कि इस योजना के तहत पुराने राजकीय विद्यालयों के जर्जर भवनों का पुनर्निर्माण किए जाने के लिए समुचित प्राविधान न हो पाने के कारण विद्यालयों में आवश्यक सुविधाओं का अभाव है। राज्य सरकार द्वारा प्रदेश के राजकीय विद्यालयों के जर्जर भवन के पुनर्निर्माण, विस्तार, विद्युतीकरण इत्यादि कार्यों को कराया जाना है।
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योजना के अंतर्गत ऐसे राजकीय बालक व बालिका इंटर कॉलेजों जो कुछ कारणों से अपूर्ण रह गए हैं, उनको वरीयता दी जाएगी। इसके बाद किराये के भवन में संचालित राजकीय इंटर कॉलेजों को वरीयता दी जाएगी। पूर्व में प्रोजेक्ट अलंकार के तहत स्वीकृत 31,78,000 रुपये के सापेक्ष आरईएस विभाग द्वारा छह माह का समय व्यतीत हो जाने के बाद भी संतोषजनक कार्रवाई नहीं की गई है।
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प्रधानाचार्य राजकीय हाईस्कूल अरौठा ने बताया कि विद्यालय में खिड़की-दरवाजों को दीमक द्वारा क्षतिग्रस्त कर दिए जाने के कारण मरम्मत का कार्य कराया जाना है। सीडीओ ने जिला विद्यालय निरीक्षक को एक्सईएन को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए।