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नोटबंदी से मजदूरों की रोजी-रोटी छिनी

Tue, 07 Feb 2017 11:27 PM IST
अमर उजाला, हाथरस
अमर उजाला, हाथरस Updated Tue, 07 Feb 2017 11:27 PM IST
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Notbandi livelihood of workers Chini
लाला के नगला में आयोजित जनसभा को संबोधित करते गुलाम नबी आजाद। - फोटो : अमर उजाला
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी गुलाम नबी आजाद ने मंगलवार को लाला के नगला में आयोजित जनसभा में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निजी हमला किया। आजाद ने नोटबंदी के कारण लोगों को हो रही परेशानी का जिक्र करते हुए कहा कि अगर मोदी के बीवी-बच्चे होते तो उन्हें नोटबंदी का असर मालूम पड़ता। इसने लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी छीन ली। वे कांग्रेस प्रत्याशी राजेश राज जीवन के समर्थन में सभा करने लाला के नगला में पहुंचे थे।
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हालांकि अपने भाषण के दौरान आजाद ने मोदी पर निजी हमले करते हुए कई बार शालीनता की सीमा रेखा लांघी। कहा कि अगर मोदी के बाल-बच्चे होते तो उसे नोटबंदी का असर पता चलता। नोटबंदी के कारण रीयल स्टेट कारोबार के चौपट होने और इस कारोबार में लगे लाखों मजदूरों की रोजी-रोटी छिनने की बात कही। उन्होंने सीमेंट और लोहे के कारखानों पर ताला लगने की बात भी उठाई। लोगों को भाजपा सरकार के अच्छे दिन आएंगे वाले वायदे को याद दिलाया। कहा कि मोदी ने कहा था अच्छे दिन आएंगे लेकिन यह नहीं कहा था कि लोगों को जहन्नुम में डाल देंगे। आजाद ने कहा कि घरों में महिलाओं ने अपने पति और बच्चों से बचाकर बड़ी मुश्किल से जो पूंजी इकट्ठी की थी, वह काला धन नहीं था। नोटबंदी के कारण हर महिला को परेशानी झेलनी पड़ी। 
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पूरे भाषण के दौरान आजाद ने बसपा पर निशाना नहीं साधा। इस दौरान कांग्रेस के महाराष्ट्र प्रभारी और राष्ट्रीय सचिव श्यौराज जीवन, कांग्रेस प्रत्याशी राजेश राज जीवन, कांग्रेस जिलाध्यक्ष करुणेश मोहन दीक्षित, चंद्रगुप्त विक्रमादित्य, राजपाल सिंह पूनिया, डॉ. मुकेश चंद्रा, हाजी फजलुर्रहमान, यूसुफ कुरैशी, ब्रह्मदेव शर्मा, श्याम सुंदर शर्मा उर्फ बंटी भईया, नदीम कुरैशी, वकील कुरैशी, कृष्ण बिहारी शर्मा, मूलचंद्र निम, ताजेंद्र निम, मुजीबुर्रहमान, योगेश कुमार ओके, जाकिर, मिस्टर पहलवान, शब्बीर, रमजानी आदि मौजूद रहे।
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 प्रधानमंत्री नहीं पहनते टोपी
आजाद ने प्रधानमंत्री मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब अटल बिहारी वाजपेई देश के प्रधानमंत्री थे तो वह अपने घर पर ईद मनाते थे। अब देश के प्रधानमंत्री सिर पर टोपी पहनने से भी परहेज करते हैं। पहले हम सभी मानव हैं बाद में हिंदू, मुस्लिम, सिख, ईसाई हैं। लोगों को धर्म के चश्मे से देखना गलत है। 

जुबान फिसली तो सपा के खिलाफ बोल गए
अपने भाषण के दौरान आजाद की जुबान फिसल गई। वह यह भूल गए कि कांग्रेस सपा सरकार के साथ मिलकर चुनाव लड़ रही है। कह गए कि इस बार सरकार को बदल दो। सरकार में तब्दीली की जरूरत है। हालांकि उन्होंने यह जरूर कहा कि कांग्रेस और सपा के गठबंधन की विजय के बाद अखिलेश को ही मुख्यमंत्री बनाया जाएगा। 


नहीं पहनी 51 किलो की माला
गुलाम नबी आजाद तय कार्यक्रम से तीन घंटे देरी से पहुंचे। कांग्रेसियों ने उनके स्वागत के लिए विशेष इंतजाम किए थे। उनके मंच पर पहुंचते ही 51 किलो वजन वाली भारी-भरकम माला पहनाने को ले जाई गई, लेकिन आजाद ने माला को गले में डालने से मना कर दिया। 
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