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Hathras News: परिषदीय विद्यालयों में शुरू होगा निपुण आकलन
Tue, 30 Dec 2025 01:58 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Tue, 30 Dec 2025 01:58 AM IST
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परिषदीय विद्यालयों में पढ़ने वाले कक्षा एक और दो के बच्चों की बुनियादी शैक्षिक दक्षताओं का आकलन अब निपुण अभियान के तहत किया जाएगा। जिले में 27 जनवरी से निपुण आकलन की शुरुआत होगी, जो फरवरी माह तक चलेगा। इसके माध्यम से बच्चों की भाषा और गणित की समझ को परखा जाएगा, ताकि यह जाना जा सके कि वे अपनी कक्षा के अनुरूप सीखने के लक्ष्य हासिल कर पा रहे हैं या नहीं।
निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे इस आकलन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी समझ में दक्ष बनाना है। आकलन के दौरान कक्षा एक के बच्चों की अक्षर पहचान, शब्द पढ़ने और सरल वाक्य समझने की क्षमता को परखा जाएगा। वहीं कक्षा दो के बच्चों की छोटे अनुच्छेद पढ़ने, प्रश्नों के उत्तर देने और सरल गणितीय गणनाओं की समझ का मूल्यांकन किया जाएगा।
गणित दक्षता के अंतर्गत बच्चों से गिनती, जोड़-घटाव के साथ-साथ 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के नोटों की पहचान भी कराई जाएगी। इसके जरिये बच्चों की दैनिक जीवन से जुड़ी गणितीय समझ को जांचा जाएगा। आकलन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार होगी, ताकि निष्पक्ष और सही मूल्यांकन किया जा सके।
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इस कार्य में डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) के प्रशिक्षुओं की अहम भूमिका रहेगी। प्रशिक्षु विद्यालयों में जाकर बच्चों का आकलन करेंगे और प्राप्त आंकड़ों को ऑनलाइन एप पर अपलोड करेंगे। इससे शासन स्तर पर बच्चों की शैक्षिक स्थिति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सकेगी और कमजोर क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी। बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि निपुण आकलन का उद्देश्य बच्चों के सीखने की स्थिति को समझकर शिक्षण प्रक्रिया में सुधार करना है। यदि प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की कमजोरियों को दूर कर लिया जाए, तो आगे की कक्षाओं में उनकी पढ़ाई मजबूत हो सकेगी।
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निपुण भारत मिशन के तहत चल रहे इस आकलन का उद्देश्य प्राथमिक स्तर पर बच्चों को पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी समझ में दक्ष बनाना है। आकलन के दौरान कक्षा एक के बच्चों की अक्षर पहचान, शब्द पढ़ने और सरल वाक्य समझने की क्षमता को परखा जाएगा। वहीं कक्षा दो के बच्चों की छोटे अनुच्छेद पढ़ने, प्रश्नों के उत्तर देने और सरल गणितीय गणनाओं की समझ का मूल्यांकन किया जाएगा।
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गणित दक्षता के अंतर्गत बच्चों से गिनती, जोड़-घटाव के साथ-साथ 20 रुपये से लेकर 100 रुपये तक के नोटों की पहचान भी कराई जाएगी। इसके जरिये बच्चों की दैनिक जीवन से जुड़ी गणितीय समझ को जांचा जाएगा। आकलन की पूरी प्रक्रिया निर्धारित मानकों के अनुसार होगी, ताकि निष्पक्ष और सही मूल्यांकन किया जा सके।
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इस कार्य में डीएलएड (डिप्लोमा इन एलिमेंट्री एजुकेशन) के प्रशिक्षुओं की अहम भूमिका रहेगी। प्रशिक्षु विद्यालयों में जाकर बच्चों का आकलन करेंगे और प्राप्त आंकड़ों को ऑनलाइन एप पर अपलोड करेंगे। इससे शासन स्तर पर बच्चों की शैक्षिक स्थिति की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध हो सकेगी और कमजोर क्षेत्रों की पहचान की जा सकेगी। बीएसए स्वाति भारती ने बताया कि निपुण आकलन का उद्देश्य बच्चों के सीखने की स्थिति को समझकर शिक्षण प्रक्रिया में सुधार करना है। यदि प्राथमिक स्तर पर ही बच्चों की कमजोरियों को दूर कर लिया जाए, तो आगे की कक्षाओं में उनकी पढ़ाई मजबूत हो सकेगी।