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नई शिक्षा नीति देगी समग्र शिक्षा को बढ़ावा-डॉ.नायक
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संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस।
दून पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. प्रियदर्शी नायक का कहना है कि 34 साल के लंबे इंतजार के बाद आई नई शिक्षा नीति समग्र शिक्षा को बढ़ावा देगी। बच्चों के समग्र विकास प्रक्रिया में अवश्य ही सफलता लाएगी। यह शिक्षा नीति एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत की नींव रखेगी, जिससे संपूर्ण विश्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना साकार होगा।
उनका कहना है कि शिक्षा नीति में प्राथमिक स्तर पर छात्रों को बुनियादी शिक्षा दी जा सकेगी, ताकि वह बेहतर भविष्य के लिए तैयार हो सकें। स्कूली शिक्षा में कौशल विकास एवं व्यवसायिक शिक्षा को शामिल करने से देश में बेहतर छात्र निकलकर सामने आएंगे और प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा व स्थानीय भाषाओं को अहमियत देने से छात्रों की नींव मजबूत होगी।
उनका कहना है कि अब शिक्षा प्रयोगात्मक हो जाएगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई में अधिक रुचि पैदा होगी। पहले नौवीं और दसवीं कक्षाओं में छात्र सीमित विषय पढ़ते थे, लेकिन अब बच्चों को शुरुआत से ही कौशल आधारित शिक्षा दी जाएगी। इससे बच्चों को अपनी रुचि के विषय पढ़ने का मौका मिलेगा और व्यवसाय क्षेत्र में उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
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दून पब्लिक स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. प्रियदर्शी नायक का कहना है कि 34 साल के लंबे इंतजार के बाद आई नई शिक्षा नीति समग्र शिक्षा को बढ़ावा देगी। बच्चों के समग्र विकास प्रक्रिया में अवश्य ही सफलता लाएगी। यह शिक्षा नीति एक ऐसे आत्मनिर्भर भारत की नींव रखेगी, जिससे संपूर्ण विश्व में एक भारत श्रेष्ठ भारत का सपना साकार होगा।
उनका कहना है कि शिक्षा नीति में प्राथमिक स्तर पर छात्रों को बुनियादी शिक्षा दी जा सकेगी, ताकि वह बेहतर भविष्य के लिए तैयार हो सकें। स्कूली शिक्षा में कौशल विकास एवं व्यवसायिक शिक्षा को शामिल करने से देश में बेहतर छात्र निकलकर सामने आएंगे और प्राथमिक स्तर पर मातृभाषा व स्थानीय भाषाओं को अहमियत देने से छात्रों की नींव मजबूत होगी।
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उनका कहना है कि अब शिक्षा प्रयोगात्मक हो जाएगी, जिससे बच्चों की पढ़ाई में अधिक रुचि पैदा होगी। पहले नौवीं और दसवीं कक्षाओं में छात्र सीमित विषय पढ़ते थे, लेकिन अब बच्चों को शुरुआत से ही कौशल आधारित शिक्षा दी जाएगी। इससे बच्चों को अपनी रुचि के विषय पढ़ने का मौका मिलेगा और व्यवसाय क्षेत्र में उन्हें बेहतर अवसर प्राप्त हो सकेंगे।
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