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अब एनसीईआरटी की किताबों से ही होगी पढ़ाई
Wed, 17 Apr 2019 12:11 AM IST
Mohd Rafeek
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
न्यूज डेस्क अमर उजाला हाथरस
Published by: Mohd Rafeek
Updated Wed, 17 Apr 2019 12:11 AM IST
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प्राइवेट किताबों के विरोध में कालेज प्रबंधन को ज्ञापन देते विद्या भारती पूर्व छात्र परिषद के पदाधिकारी।
- फोटो : अमर उजाला
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हाथरस। शैक्षिक सत्र 2019-20 में स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई होगी। दूसरे प्रकाशक की किताबें पढ़ाने पर स्कूल की मान्यता समाप्त की जाएगी। बोर्ड ने इसके लिए सख्ती करनी शुरू कर दी है।
माध्यमिक शिक्षा परिषद के राजकीय, एडेड व प्राइवेट कॉलेजों में एनसीईआरटी की ही किताबें से पठन पाठन कराने के निर्देश दिए है। प्राईवेट प्रकाशन की किताब प्रयोग में जाने पर मान्यता समाप्त किए जाने के की बात कही जा रही है।
बता दें कि प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को निजी प्रकाशक की किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है। ऐसे में अभिभावकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है। इसलिए यूपी बोर्ड ने सख्त निर्देश दिया है कि नौवीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई कराया जाए। निजी प्रकाशकों कि किताबें पढ़ाए जाने वाले स्कूल संचालकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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माध्यमिक शिक्षा परिषद के राजकीय, एडेड व प्राइवेट कॉलेजों में एनसीईआरटी की ही किताबें से पठन पाठन कराने के निर्देश दिए है। प्राईवेट प्रकाशन की किताब प्रयोग में जाने पर मान्यता समाप्त किए जाने के की बात कही जा रही है।
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बता दें कि प्राइवेट स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों को निजी प्रकाशक की किताबें खरीदने के लिए दबाव बनाया जाता है। ऐसे में अभिभावकों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ता है। इसलिए यूपी बोर्ड ने सख्त निर्देश दिया है कि नौवीं से 12वीं तक एनसीईआरटी की किताबों से ही पढ़ाई कराया जाए। निजी प्रकाशकों कि किताबें पढ़ाए जाने वाले स्कूल संचालकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
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