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Hathras News: यूनिपोल के खेल में नगर पालिका की कमाई फंसी
Thu, 08 Oct 2026 02:06 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
Updated Thu, 08 Oct 2026 02:06 AM IST
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तालाब चौराहा रेलवे पुल पर लगे होर्डिंग। संवाद
- फोटो : Samvad
शहर में यूनिपोल का खेल नगर पालिका की कमाई पर भारी पड़ रहा है। कागजों में 50 यूनिपोल दर्ज हैं, जबकि हकीकत में 86 से अधिक लगे हैं। ठेका अवधि पूरी होने के बाद भी यूनिपोल नहीं हटाए गए और नए टेंडर की प्रक्रिया नहीं होने से पालिका को मिलने वाला राजस्व अटक गया है।
नगर पालिका क्षेत्र में पिछले वित्तीय वर्ष में यूनिपोल का ठेका उठा था। मार्च में अवधि पूरी होने पर इन्हें हटाने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद एक भी यूनिपोल नहीं हटाया गया। नियम के मुताबिक एक यूनिपोल पर 25 हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम और 210 रुपये प्रति वर्ग फीट शुल्क है। टेंडर न होने से यह रकम पालिका कोष में नहीं पहुंच रही है।
2023 में ठेके निरस्त हुए थे। जून 2025 से मार्च 2026 तक 33 यूनिपोल का ठेका 23.12 लाख रुपये में उठा। नगर पालिका में करीब नौ लाख रुपये जमा हुए। जनवरी से मार्च 2026 तक दूसरी फर्म को 17 यूनिपोल का ठेका दिया गया था। अवधि पूरी होने के बाद भी पोल नहीं हटे।
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इन इलाकों में ज्यादा मनमानी : आगरा-अलीगढ़ रोड, गांधी तिराहा, तालाब चौराहा, मुरसान गेट, बांस मंडी, सासनी गेट, इगलास अड्डा, रामलीला मैदान, बैनीगंज बाजार और पंजाबी मार्केट में विज्ञापन लगे हैं।
राजस्व के साथ शहर की सुंदरता भी प्रभावित
अवैध विज्ञापनों से पालिका की आय प्रभावित हो रही है। शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही है। नियमों की अनदेखी से जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कई स्थानों पर होर्डिंग्स के फ्रेम जर्जर होने की वजह से हादसों की डर बना हुआ है।
यूनिपोल का प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी वजह से इस वित्तीय वर्ष में नया ठेका जारी नहीं किया जा सका है। हालांकि शहर में अवैध रूप से लगे होर्डिंग्स और विज्ञापनों के खिलाफ नगर पालिका की ओर से लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
- रोहित सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, हाथरस।
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नगर पालिका क्षेत्र में पिछले वित्तीय वर्ष में यूनिपोल का ठेका उठा था। मार्च में अवधि पूरी होने पर इन्हें हटाने के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद एक भी यूनिपोल नहीं हटाया गया। नियम के मुताबिक एक यूनिपोल पर 25 हजार रुपये वार्षिक प्रीमियम और 210 रुपये प्रति वर्ग फीट शुल्क है। टेंडर न होने से यह रकम पालिका कोष में नहीं पहुंच रही है।
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2023 में ठेके निरस्त हुए थे। जून 2025 से मार्च 2026 तक 33 यूनिपोल का ठेका 23.12 लाख रुपये में उठा। नगर पालिका में करीब नौ लाख रुपये जमा हुए। जनवरी से मार्च 2026 तक दूसरी फर्म को 17 यूनिपोल का ठेका दिया गया था। अवधि पूरी होने के बाद भी पोल नहीं हटे।
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इन इलाकों में ज्यादा मनमानी : आगरा-अलीगढ़ रोड, गांधी तिराहा, तालाब चौराहा, मुरसान गेट, बांस मंडी, सासनी गेट, इगलास अड्डा, रामलीला मैदान, बैनीगंज बाजार और पंजाबी मार्केट में विज्ञापन लगे हैं।
राजस्व के साथ शहर की सुंदरता भी प्रभावित
अवैध विज्ञापनों से पालिका की आय प्रभावित हो रही है। शहर की सुंदरता भी बिगड़ रही है। नियमों की अनदेखी से जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कई स्थानों पर होर्डिंग्स के फ्रेम जर्जर होने की वजह से हादसों की डर बना हुआ है।
यूनिपोल का प्रकरण वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। इसी वजह से इस वित्तीय वर्ष में नया ठेका जारी नहीं किया जा सका है। हालांकि शहर में अवैध रूप से लगे होर्डिंग्स और विज्ञापनों के खिलाफ नगर पालिका की ओर से लगातार अभियान चलाकर कार्रवाई की जा रही है।
- रोहित सिंह, ईओ, नगर पालिका परिषद, हाथरस।