फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   More than half of food samples fail, yet adulterators remain undeterred.

Hathras News: आधे से ज्यादा खाद्य नमूने फेल, फिर भी बेखौफ मिलावटखोर

Sun, 07 Jun 2026 01:41 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Sun, 07 Jun 2026 01:41 AM IST
विज्ञापन
More than half of food samples fail, yet adulterators remain undeterred.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
विश्व खाद्य सुरक्षा दिवस पर शुद्ध खान-पान के दावों के बीच जिले की तस्वीर बेहद चिंताजनक है। खाद्य सुरक्षा विभाग के वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े बताते हैं कि जांचे गए 491 खाद्य पदार्थों के नमूनों में से 298 अधोमानक पाए गए, यानी बाजार में बिक रही आधे से अधिक खाद्य सामग्री गुणवत्ता मानकों पर खरी नहीं उतरी।
विज्ञापन

सबसे ज्यादा गड़बड़ी मसालों, दूध एवं उससे बने उत्पादों और खाद्य तेलों में मिली है। कई नमूने तो ‘असुरक्षित’ श्रेणी में पाए गए, जो सीधे तौर पर लोगों की सेहत के लिए खतरा हैं। इसके बावजूद विभागीय कार्रवाई मुख्य रूप से सैंपलिंग, नोटिस और लंबित मुकदमों तक सीमित है। अधिकारियों द्वारा संदिग्ध उत्पादों और विक्रेताओं की जानकारी सार्वजनिक न किए जाने से भी सवाल उठ रहे हैं।
विज्ञापन

मिलावटखोरी पर लगाम लगाने की जिम्मेदारी संभाल रहे खाद्य सुरक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर उसके अपने आंकड़े सवाल खड़े कर रहे हैं। वर्ष 2025-26 में लिए गए 491 नमूनों में से 298 नमूने अधोमानक पाए गए। जांच में रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुएं जैसे मसाले, मावा, पनीर, घी और खाद्य तेल बार-बार मानकों पर फेल हो रहे हैं। अधोमानक पाए गए नमूनों के मामलों में एडीएम और एसडीएम कोर्ट में मुकदमे दर्ज कराए गए हैं, लेकिन लंबी कानूनी प्रक्रिया के कारण इनका असर बाजार पर दिखाई नहीं देता। नतीजतन मिलावट का कारोबार लगातार जारी है।
विज्ञापन
विज्ञापन

विशेषज्ञों के अनुसार मसालों, दूध उत्पादों और खाद्य तेलों में मिलावट पाचन तंत्र, लीवर संबंधी बीमारियों और लंबे समय में कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का कारण बन सकती है।

मसालों में मिलावट
-पिसी लाल मिर्च में ईंट का चूरा, लकड़ी का बुरादा और कपड़े रंगने वाला सिंथेटिक लाल रंग (सूडान डाई) मिलाया जाता है।

-हल्दी पाउडर : हल्दी को पीला और चमकदार दिखाने के लिए लेड क्रोमेट (शीशा) और मेटानिल यलो जैसे खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल होता है। इसके अलावा इसमें मक्के का स्टार्च या घटिया चावल का आटा मिला दिया जाता है।


- धनिया पाउडर : इसमें घोड़े की लीद, गधे की विष्ठा या जंगली घास-फूस को सुखाकर और पीसकर मिलाया जाता है। खुशबू के लिए आर्टिफिशियल एसेंस का इस्तेमाल होता है।



- काली मिर्च : इसमें हूबहू काली मिर्च जैसे दिखने वाले पपीते के सूखे बीज मिला दिए जाते हैं।



दूध और डेयरी उत्पाद
सिंथेटिक दूध : असली दूध की एक बूंद के बिना सिर्फ यूरिया, वाॅशिंग पाउडर (डिटर्जेंट), घटिया रिफाइंड तेल, ग्लूकोज और पानी को मिलाकर हूबहू दूध जैसा सफेद और गाढ़ा तरल तैयार कर दिया जाता है।


मावा और पनीर : त्योहारों पर बनने वाले मावा और पनीर में स्टार्च (आलू या शकरकंद), ब्लोटिंग पेपर (सोख्ता कागज) और डिटर्जेंट मिलाया जाता है। फैट बढ़ाने के लिए इसमें दूध की मलाई निकालकर जानवरों की चर्बी या पाम ऑयल मिला दिया जाता है।


खाद्य तेल में स्लो प्वाइजन का काम करती है मिलावट
सरसों के तेल : सरसों के दानों के साथ आर्जीमोन के बीज पीस दिए जाते हैं। इसका तेल सरसों के तेल जैसा ही दिखता है, लेकिन यह बेहद जहरीला होता है। यह सीधे हार्ट अटैक और ''ड्रॉप्सी'' जैसी जानलेवा बीमारी का कारण बनती है।


राइस ब्रान और पाम ऑयल : महंगे सरसों या मूंगफली के तेल में बेहद सस्ता और रिफाइंड पाम ऑयल या राइस ब्रान ऑयल मिला दिया जाता है।



खतरनाक रंग (मेटानिल यलो) : घटिया या बिना रंग वाले तेल को सरसों के तेल जैसा गाढ़ा पीला दिखाने के लिए प्रतिबंधित सिंथेटिक रंगों का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जाता है।


एक नजर में
- कुल वैध लाइसेंस : 430
- पंजीकृत छोटे-बड़े फूड स्टॉल : 8,753
- एक साल में सैंपल : 491
- अधोमानक : 298

सालाना टर्नओवर के नियम
12 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाले छोटे कारोबारियों (ठेले, खोखे, घरेलू उद्योग) के लिए अनिवार्य रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था है। इससे अधिक के टर्नओवर वाले प्रतिष्ठानों को ''फूड लाइसेंस'' लेना होता है।




लोगों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए नियमित जांच की जाती है। रेहड़ी व पटरी वालों के यहां भी मोबाइल वैन के जरिये सैंपलिंग की जाती है तथा सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाता है। नमूने आधोमानक व असुरक्षित मिलने पर विधिक कार्रवाई अमल में लाई जाती है। असुरक्षित मिलने पर खाद्य पदार्थ नष्ट भी कराए जाते हैं।
-रणधीर सिंह, सहायक आयुक्त खाद्य
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed