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Hathras: पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय की हटाकर मायावती की पट्टिका लगाई, हुआ हंगामा, जेई का पुतला फूंका
Mon, 23 Oct 2023 08:55 PM IST
चमन शर्मा
मुकुल भारद्वाज, अमर उजाला, हाथरस
मुकुल भारद्वाज, अमर उजाला, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Mon, 23 Oct 2023 08:55 PM IST
सार
ग्रामीणों का कहना था कि इस विद्युत उपकेंद्र की स्थापना उनकी मांग पर बसपा शासन में वर्ष 2008 में पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कराई थी। इस पर पूर्व मंत्री के नाम की पट्टिक लगी हुई थी, लेकिन अवर अभियंता ने गलत मानसिकता के तहत इस पट्टिका को हटवा दिया है और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के नाम की पट्टिका को लगवा दिया है।
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नगला वीर सहाय बिजलीघर पर धरना देते नगला वीरसहाय के ग्रामीण
- फोटो : संवाद
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विस्तार
हाथरस में हसायन क्षेत्र के गांव नगला वीर सहाय के 33 केवी विद्युत उपकेंद्र से पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय के कार्यकाल में लगी पट्टिका को हटवाने पर विवाद खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने अवर अभियंता पर शिलान्यास पट्टिका को हटवाने का आरोप लगाते हुए 23 अक्तूबर को विद्युत उपकेंद्र पर नारेबाजी के बीच प्रदर्शन किया और अवर अभियंता का पुतला फूंककर आक्रोश जताया।
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ग्रामीणों का कहना था कि इस विद्युत उपकेंद्र की स्थापना उनकी मांग पर बसपा शासन में वर्ष 2008 में पूर्व ऊर्जा मंत्री रामवीर उपाध्याय ने कराई थी। इस पर पूर्व मंत्री के नाम की पट्टिक लगी हुई थी, लेकिन अवर अभियंता ने गलत मानसिकता के तहत इस पट्टिका को हटवा दिया है और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती के नाम की पट्टिका को लगवा दिया है। इसकी जानकारी जब ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने 22 अक्तूबर से ही इसका विरोध शुरू कर दिया, लेकिन स्थानीय विद्युत अधिकारियों पर कोई फर्क नहीं पड़ा है। ग्रामीणों ने 24 घंटे के अंदर पट्टिका को वापस लगवाने की चेतावनी दी थी, लेकिन 23 अक्तूबर को भी पुरानी प्रतिमा नहीं लगवाई गई।
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23 अक्तूबर को आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजलीघर पर पहुंचकर तालाबंदी करते हुई जेई का पुतला फूंका और धरना-प्रदर्शन करने बैठ गए। ग्रामीणों ने स्पष्ट कह दिया कि जब तक जब तक रामवीर उपाध्याय के नाम की पट्टिका नहीं लगवाई जाएगी, वह धरना-प्रदर्शन समाप्त करना तो दूर, उपकेंद्र का ताला भी नहीं खोलने देगे। ग्रामीणों ने जेई के खिलाफ कार्रवाई की भी मांग की। इस दौरान ब्लॉक प्रमुख धर्मेंद्रपाल सिंह उर्फ पीलू भैया व रानू पंडित ने विभागीय अधिकारियों से बात करके पट्टिका हटवाने वाले जेई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
अधिकारियों ने जांच कराने का आश्वासन दिया। इस संबंध में उपखंड अधिकारी चतुर्थ शुभम सिंह ने फोन पर बताया कि वह चिकित्सक के यहां हैं। इस बारे में कुछ नहीं बता सकते। जेई प्रदीप कुमार का कहना है कि उपकेंद्र का लोकार्पण वर्ष 2011 में हुआ था। उसी समय की यह पट्टिका रखी हुई थी, जिसे उन्होंने उठवाकर लगवा दिया है। इस बारे में उच्चाधिकारियों को जानकारी दे दी गई है।