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Hathras News: मेट्रो की तर्ज पर मथुरा-कासगंज ट्रेक का होगा दोहरीकरण
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मथुरा-कासगंज रेल खंड के दोहरीकरण के लिए किए सर्वे में हाथरस शहर, मुरसान और राया के आबादी क्षेत्र में जमीन संबंधित अड़चन सामने आई है। इसके देखते हुए अब इन स्थानों पर एक एलिवेटेड ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया है।
मथुरा से कासगंज के बीच रेल ट्रैक का दोहरीकरण के लिए ट्रैक का आंतरिक सर्वे पूरा कर लिया गया है। ट्रैक और उसके आसपास की जगह का ले आउट भी तैयार है। इज्जतनगर मंडल के रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जिले में हाथरस शहर, मुरसान और मथुरा के राया में दूसरा ट्रैक बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन स्थानों पर एक एलिवेटेड ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया है।
स्थायी सर्वे कर मथुरा से कासगंज के बीच 105 किलोमीटर तक के लिए हर एक मीटर का डिजायन तैयार किया जाएगा। इसके लिए करीब 2.10 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा।
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फिलहाल इस रेल खंड पर रोज पांच जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनके अलावा 12 जोड़ी साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन भी इससे गुजरती हैं। दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। संवाद
दो मंजिला होंगे तीन रेलवे स्टेशन
रेल अधिकारियों के मुताबिक ट्रैक एलिवेटेड होने के चलते हाथरस सिटी, मुरसान और राया स्टेशन को दो मंजिला बनाया जा सकता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि दोहरीकरण के बाद हाथरस सिटी स्टेशन पर तीन ट्रैक और प्लेटफार्म होने चाहिए। जगह न होने के चलते यहां तीसरा प्लेटफार्म दूसरी मंजिल पर स्थापित किया जा सकता है।
मेंडू रेलवे स्टेशन भविष्य में होगा अहम
मथुरा कासगंज रेल खंड के दोहरीकरण के बाद मेंडू रेलवे स्टेशन काफी अहम हो सकता है। एक तो यहां रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए पर्याप्त जगह है, दूसरे भविष्य में इसे दिल्ली-कानुपर रेल के हाथरस जंक्शन स्टेशन से जोड़ने की भी कवायद चल रही है।
फैक्ट फाइल
105 किलोमीटर की है मथुरा से कासगंज तक की दूरी।
11 रेलवे स्टेशन हैं मथुरा से कासगंज के बीच।
05 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का होता है हर रोज संचालन।
12 लम्बी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का है इस रेल खंड से संचालन।
मथुरा कासगंज रेल खंड के दोहरीकरण पर काम किया जा रहा है। इसका कुछ हिस्सा एलिवेटेडट होगा। अब स्थायी सर्वे किया जाना है। जल्द टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। इसमें इसके डिजाइन सहित पूरा ब्योरा होगा।
संजीव कुमार शर्मा, वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर मंडल।
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मथुरा से कासगंज के बीच रेल ट्रैक का दोहरीकरण के लिए ट्रैक का आंतरिक सर्वे पूरा कर लिया गया है। ट्रैक और उसके आसपास की जगह का ले आउट भी तैयार है। इज्जतनगर मंडल के रेलवे अधिकारियों के मुताबिक जिले में हाथरस शहर, मुरसान और मथुरा के राया में दूसरा ट्रैक बनाने के लिए जमीन उपलब्ध नहीं है। ऐसे में इन स्थानों पर एक एलिवेटेड ट्रैक बनाने का निर्णय लिया गया है।
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स्थायी सर्वे कर मथुरा से कासगंज के बीच 105 किलोमीटर तक के लिए हर एक मीटर का डिजायन तैयार किया जाएगा। इसके लिए करीब 2.10 करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा।
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फिलहाल इस रेल खंड पर रोज पांच जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है। इनके अलावा 12 जोड़ी साप्ताहिक एक्सप्रेस ट्रेन भी इससे गुजरती हैं। दोहरीकरण के बाद इस मार्ग पर एक्सप्रेस ट्रेनों की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। संवाद
दो मंजिला होंगे तीन रेलवे स्टेशन
रेल अधिकारियों के मुताबिक ट्रैक एलिवेटेड होने के चलते हाथरस सिटी, मुरसान और राया स्टेशन को दो मंजिला बनाया जा सकता है। इसकी मुख्य वजह यह है कि दोहरीकरण के बाद हाथरस सिटी स्टेशन पर तीन ट्रैक और प्लेटफार्म होने चाहिए। जगह न होने के चलते यहां तीसरा प्लेटफार्म दूसरी मंजिल पर स्थापित किया जा सकता है।
मेंडू रेलवे स्टेशन भविष्य में होगा अहम
मथुरा कासगंज रेल खंड के दोहरीकरण के बाद मेंडू रेलवे स्टेशन काफी अहम हो सकता है। एक तो यहां रेलवे ट्रैक बिछाने के लिए पर्याप्त जगह है, दूसरे भविष्य में इसे दिल्ली-कानुपर रेल के हाथरस जंक्शन स्टेशन से जोड़ने की भी कवायद चल रही है।
फैक्ट फाइल
105 किलोमीटर की है मथुरा से कासगंज तक की दूरी।
11 रेलवे स्टेशन हैं मथुरा से कासगंज के बीच।
05 जोड़ी पैसेंजर ट्रेनों का होता है हर रोज संचालन।
12 लम्बी दूरी की एक्सप्रेस ट्रेनों का है इस रेल खंड से संचालन।
मथुरा कासगंज रेल खंड के दोहरीकरण पर काम किया जा रहा है। इसका कुछ हिस्सा एलिवेटेडट होगा। अब स्थायी सर्वे किया जाना है। जल्द टेंडर प्रक्रिया को शुरू किया जाएगा। इसमें इसके डिजाइन सहित पूरा ब्योरा होगा।
संजीव कुमार शर्मा, वरिष्ठ मंडलीय वाणिज्य प्रबंधक, इज्जतनगर मंडल।