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Hathras News: हत्या के दोषी पति को आजीवन कारावास, दहेज के लिए पत्नी को फंदे पर लटका दिया था
Thu, 12 Oct 2023 11:57 PM IST
चमन शर्मा
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
अमर उजाला नेटवर्क, हाथरस
Published by: चमन शर्मा
Updated Thu, 12 Oct 2023 11:57 PM IST
सार
ससुर रामेश्वर पुत्र नौरंगीलाल, पति जयवीर पुत्र रामेश्वर, सास राजकुमारी पत्नी रामेश्वर, देवर नीरज पुत्र रामेश्वर आदि ससुरालीजन दहेज की मांग करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर इन लोगों ने उनकी पुत्री शशि को एकराय होकर गले में फंदा लगाकर मार दिया। इस मामले में थाना सहपऊ में रामेश्वर, राजकुमारी, जयवीर एवं नीरज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ।
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कोर्ट ने सुनाया फैसला
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हाथरस की अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय ने पत्नी की हत्या के आरोपी पति को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने दोषी पर अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड न देने पर दोषी को अतिरिक्त कारावास भोगना होगा।
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अभियोजन पक्ष के अनुसार आगरा जिले के एत्मादपुर निवासी रामचरन पुत्र राम सिंह ने 16 मई 2018 को थाना सहपऊ में तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने कहा था कि उनकी पुत्री शशि कुमारी की शादी 25 फरवरी 2013 जयवीर पुत्र रामेश्वर ग्राम दोहई जलेसर रोड थाना सहपऊ जिला हाथरस से हुई थी। पुत्री के ससुरालीजन दहेज की मांग के कारण उसे आए-दिन परेशान और प्रताड़ित करते थे। 16 मई 2018 को करीब सुबह चार बजे दोहई गांव से उनके बहनोई ने फोन कर बताया कि उनकी पुत्री शशि को ससुराल वालों ने फंदा लगाकर मार दिया है।
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ससुर रामेश्वर पुत्र नौरंगीलाल, पति जयवीर पुत्र रामेश्वर, सास राजकुमारी पत्नी रामेश्वर, देवर नीरज पुत्र रामेश्वर आदि ससुरालीजन दहेज की मांग करते थे। दहेज की मांग पूरी न होने पर इन लोगों ने उनकी पुत्री शशि को एकराय होकर गले में फंदा लगाकर मार दिया। इस मामले में थाना सहपऊ में रामेश्वर, राजकुमारी, जयवीर एवं नीरज के विरुद्ध मुकदमा दर्ज हुआ। विवेचनाधिकारी ने नीरज की नामजदगी झूठी पाई। विवेचक द्वारा विवेचना पूर्ण करने के उपरांत संकलित साक्ष्य के आधार पर अभियुक्त रामेश्वर, राजकुमारी एवं जयवीर के विरुद्ध न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया गया।
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मुकदमा विचारण के दौरान राजकुमारी की मृत्यु हो गई, इसलिए उसके विरुद्ध कार्रवाई उपशमित की गई। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश कोर्ट संख्या एक महेंद्र श्रीवास्तव के न्यायालय में हुई। न्यायालय ने दोनों पक्षों को सुनने के उपरांत अभियुक्त जयवीर को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायालय ने आरोपी रामेश्वर को दोष मुक्त कर दिया। अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी डीजीसी (क्रिमिनल) हरिओम शर्मा एवं एडीजीसी राजपाल सिंह दिशवार ने की।