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Hathras News: लेखपालों ने जमा कराए बस्ते, सरकारी योजनाएं ठप, जरूरी कार्य अटके

Mon, 28 Sep 2026 02:05 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Mon, 28 Sep 2026 02:05 AM IST
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Lekhpals have surrendered their official records; government schemes have stalled, and essential tasks are held up.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
अपनी मांगों पर अड़े लेखपालों द्वारा अतिरिक्त क्षेत्रों के बस्ते तहसील प्रशासन को सौंपे जाने से जिले में प्रशासनिक व जनता से जुड़े कार्य ठप हो गए हैं। चारों तहसीलों में कुल 67 क्षेत्रों के बस्ते जमा कराए गए हैं, जिससे इन क्षेत्रों में सरकारी योजनाओं का क्रियान्वयन, जांच और जनसुविधाएं पूरी तरह ठप पड़ गई हैं।
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लेखपालों के इस कदम से तहसील परिसरों में आने वाले फरियादियों को खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। छात्रों को जाति, आय व निवास प्रमाण पत्र न मिलने से नामांकन और फॉर्म भरने में दिक्कतें आ रही हैं, जबकि बुजुर्ग, विधवा और दिव्यांग जन पेंशन सत्यापन न होने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं। आपदा पीड़ित किसान और दुर्घटना बीमा के लाभार्थी भी जांच रिपोर्ट न लगने के कारण दफ्तरों के चक्कर लगाने पर मजबूर हैं।
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इन क्षेत्रों के जमा हुए बस्ते

तहसील सासनी क्षेत्र के महमूदपुर बरसै, रुहेरी, सलेमपुर, सुसायत कलां, जसराना, टीकरी, मौहरिया, ममोता कलां, खुटिया, तहसील सादाबाद के धाधऊ, गढ़-उमराव, अरौठा, बिसावर, कुजरोठी, सीस्ता, लोधई, तसींगा, कंजौली, आरती, मढ़ाभोज, खोंड़ा, गुखरौली, नसीरपुर, कुरमौरा, वेदई, जैतई, दोहई, बरामई व नानऊ, तहसील हाथरस क्षेत्र के लढ़ामू, बघना, दहोरा, महौखास, पुन्नेर, नहरोई, सिगरौली, कोरना-चमरुआ, मोहब्बतपुरा, बिसरात, बमनई, गढ़ी मधू, खेड़ा बरामई, लाढ़पुर, वाहनपुर, लहरा के अलावा तहसील सिकंदराराऊ के 22 अतिरिक्त क्षेत्रों के बस्ते जमा कराए गए हैं।
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इन योजनाओं व सेवाओं पर पड़ रहा असर

जाति प्रमाणपत्र, आय प्रमाणपत्र, मूल निवास प्रमाणपत्र, ईडब्ल्यूएस प्रमाणपत्र, विरासत, आईजीआरएस, जनसुनवाई प्रार्थना पत्र, संपूर्ण समाधान दिवस की शिकायतें, जिलाधिकारी जनता दर्शन के प्रार्थना पत्र, शादी अनुदान योजना, राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना, मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष योजना, विद्युत निगम से जुड़ी जांच, किसान सम्मान निधि, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा एवं दिव्यांग पेंशन जांच, बैनामा की दाखिल-खारिज।



ये हैं लेखपाल संघ की मांगें
जिलाध्यक्ष देवव्रत गौतम ने बताया कि लेखपालों को अंतरमंडलीय (एक मंडल से दूसरे मंडल में) स्थानांतरण की सुविधा प्रदान की जाए।लेखपाल पद का न्यूनतम ग्रेड पे बढ़ाकर 2800 किया जाए। संवर्ग की लंबे समय से चली आ रही वेतन विसंगतियों को तत्काल दूर किया जाए।राजस्व निरीक्षक के पद पर पदोन्नति के लिए लंबित डीपीसी प्रक्रिया शीघ्र पूरी की जाए और यात्रा भत्ता का बढ़ाया जाए।


वृद्धावस्था पेंशन के सत्यापन पर लेखपाल की रिपोर्ट लगती है। कई दिनों से पेंशन के कार्य अटके पड़े हैं। लेखपाल कह रहे हैं कि चार्ज छोड़ रखा है।
-नत्थी सिंह निवासी बघना


हमारी ग्राम पंचायत पर तैनात लेखपाल ने चार्ज छोड़ दिया है। अचानक प्रमाणपत्र और पेंशन आदि कार्य ठहर गए हैं। बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
-रविकांत निवासी लाड़पुर।
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