फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   Labor Day forgotten government

मजदूर दिवस को भूला सरकारी तंत्र

Sun, 01 May 2016 11:10 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Sun, 01 May 2016 11:10 PM IST
विज्ञापन
हाथरस। विश्व मजदूर दिवस बीत गया, लेकिन अरसे बाद यह शायद पहला मौका होगा, जब सरकारी तंत्र को मजदूरों के लिए बेहद खास यह दिन याद ही नहीं रहा। यही वजह है कि इस बार सरकारी स्तर से इस मौके पर कोई कार्यक्रम आयोजित नहीं किया गया, अलबत्ता कुछ सामाजिक, राजनीतिक और गैर राजनीतिक संस्थाओं ने मजदूर दिवस पर कार्यक्रमों के आयोजन के नाम पर रस्म अदायगी कर दी। कहीं मजदूरों के अधिकारों तो कहीं उनके शोषण पर चर्चा की गई। उन्हें समाज में सम्मान दिलाने का भी दंभ भरा गया, लेकिन मई दिवस फिर अपने पीछे यह सवाल छोड़ गया कि क्या मजदूरों की बेहतरी के यह दावे कहीं बातों तक ही सीमित होकर तो नहीं रह जाएंगे या फिर प्रशासन, राजनीतिक और गैर राजनीतिक संस्थाएं मिलकर इस दिशा में कुछ काम भी करेंगी।
विज्ञापन


योजनाएं बतानी थीं, उपकरण बंटने थे
मजदूर दिवस पर लखनऊ में जरूर सरकारी जलसे का आयोजन किया गया। कायदे से यहां भी इस तरह का जलसा होना था। मजदूरों को उनके अधिकार और उनकी बेहतरी के लिए चल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जानी थी। ये भी बताना था कि कैसे वह इन योजनाओं का फायदा ले सकते हैं और किस तरह इन योजनाओं से उनका जीवन स्तर सुधर सकता है। मजदूरों को इस मौके पर साइकिल और अन्य उपकरणों का भी वितरण होना था, लेकिन ऐसा कुछ नहीं हुआ। हालांकि मजदूर दिवस के मद्देनजर श्रम विभाग का दफ्तर तो खोला गया, लेकिन वहां कार्यक्रम जैसी कोई हलचल नहीं दिखी, जबकि मजदूरों को उम्मीद थी कि कम से कम आज तो उन्हें दफ्तर में बुलाकर सरकारी सम्मान बख्शा जाएगा। 
विज्ञापन



संगठनों ने भी भुलाए मजदूर?
अफसोस तो यह है कि मजदूरों की लड़ाई लड़ने का दंभ भरने वाले संगठन मई दिवस पर उदासीन दिखे, जबकि सियासी फायदे के लिए सबसे पहले इन्हीं संगठनों को मजदूर याद आते हैं। इन संगठनों का यह रवैया मजदूरों को बेहद खला। कुछ संगठनों ने सिर्फ कागजों पर ही मजदूर दिवस के आयोजन की रस्म अदायगी कर दी। इनके कार्यक्रम कहां और कब हुए, किसी को कुछ पता नहीं।
विज्ञापन
विज्ञापन



एक अफसर, वो भी लखनऊ बुलाए
हाथरस श्रम विभाग में वर्तमान में चार श्रम प्रवर्तन अधिकारियों का जिम्मा एक ही अफसर संभाल रहे हैं। उन्हें भी रविवार को मजदूर दिवस पर लखनऊ में हुए कार्यक्रम में बुला लिया गया। ऐसे में मई दिवस पर श्रम विभाग पूरी तरह अफसर विहीन रहा। कार्यक्रम नहीं होने की एक वजह यह भी रही।


शासन से मजदूर दिवस का आदेश मिला है। एक-दो दिन में कार्यक्रम आयोजित कर मजदूरों कोे साइकिल बंटवाई जाएंगी। योजनाओं के लिए उनसे फॉर्म भरवाए जाएंगे। कार्यक्रम में मजदूर संगठनों के लोगों को भी बुलाया जाएगा।
-एमपी गुप्ता, श्रम प्रवर्तन अधिकारी हाथरस
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed