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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Hathras News ›   JE charge wells now become victims of scams

अब प्रभारी जेई बने नलकूप घोटाले के शिकार

Wed, 18 May 2016 11:43 PM IST
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो
हाथरस/अमर उजाला ब्यूरो Updated Wed, 18 May 2016 11:43 PM IST
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हाथरस। फर्जी नलकूप कनेक्शन घोटाले की जांच के नाम पर बिजली अफसरों ने फिर लीपापोती कर दी। 40 फर्जी कनेक्शनों के खुलासे के बाद हुई बदनामी से बचने के लिए डार्क जोन के बाकी ब्लॉकों में अफसर जांच को ही पचा गए। फिलहाल इस मामले में अपनों की करतूत पर पर्दा डालने की हर मुमकिन कोशिश की जा रही है। असल जिम्मेदार अफसर और कर्मियों तक जांच की आंच नहीं पहुंच पा रही और वह धड़ल्ले से अपने काम पर डटे हुए हैं। जबकि कार्रवाई के नाम पर अब तक दो बाबुओं और एक प्रभारी अवर अभियंता को बड़े अफसरों ने बलि का बकरा बना दिया है। 40 किसानों को भी विभागीय मुलाजिमों की करतूत का खामियाजा एफआईआर की शक्ल में भुगतना पड़ा है।
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पिछले महीने सलेमपुर क्षेत्र के गांव टिकारी में दो फर्जी नलकूप कनेक्शन मिलने के बाद दो कार्यालय सहायकों को निलंबित कर दिया गया। इसके बाद जब अलीगढ़ के मुख्य अभियंता के आदेश पर इस क्षेत्र में कई टीमों को लगाकर जांच कराई गई तो लगभग 40 नलकूप फर्जी रूप से चलते हुए पाए गए। महकमे ने इन नलकूप संचालक किसानों के खिलाफ ठीकरा फोड़ते हुए थाने में एफआईआर दर्ज करा दी, लेकिन कनेक्शन देने के लिए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कोई कार्रवाई तक नहीं की। जब, उच्चाधिकारियों और बिजली कर्मचारियों के संगठनों का जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई करने का दवाब बढ़ा तो मंगलवार को विभाग ने प्रभारी जेई सूर्य कुमार को जिम्मेदार ठहराते हुए निलंबित कर दिया। बताया जा रहा है कि यह प्रभारी जेई चल रही जांच में दोषी थे, जो कि पूर्व में भी एक बार निलंबित हो चुके हैं। फिलहाल इस पूरे मामले में विभाग की अपनों को बचाने की करतूत सामने आ रही है। लगभग एक पखवाड़े से अधिक का समय बीत जाने के बाद अभी तक डार्क  जोन के अन्य ब्लॉकों में विभाग अन्य कोई फर्जी नलकूप कनेक्शन नहीं खोज सका है, जबकि ग्रामीण डीएम के सामने लगभग इस तरह के फर्जी कनेक्शन सैकड़ों की संख्या में होने का दावा कर चुके हैं। जिससे साफ है कि विभाग द्वारा अपनों की करतूत पर पर्दा डालने के लिए कहीं जांच को ठंडे बस्ते में डालने का प्रयास तो नहीं किया जा रहा। 
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-जांच चल रही है। अभी तक किसी भी अधिशासी अभियंता ने उन्हें इस तरह के और फर्जी नलकूप कनेक्शन मिलने की रिपोर्ट नहीं दी है। जांच रिपोर्ट मिलने के बाद ही कुछ कहा जा सकेगा।
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राकेश कुमार वर्मा, एसई, हाथरस। 
 
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