Jammu Akhnoor Bus Accident: हाथरस के आठ लोगों की मौत, नगला उदय और मझोला के रहने वाले थे मरने वाले
बस में हाथरस के कुल 27 लोग सवार थे। इनमें से आठ लोगों के मौत की पुष्टि हो गई है। हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मोबाइलों को लेकर बैठ गए और विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अपने परिजनों व रिश्तेदारों की कुशल क्षेम जानने के लिए उत्सुक दिखे।
विस्तार
जम्मू-पुंछ हाईवे पर अखनूर में हुए बस हादसे में हाथरस के आठ लोगों की मौत की पुष्टि हुई है। इनमें चार नगला उदय सिंह और चार गांव मझोला के रहने वाले हैं। इस हादसे से दोनों गांवों में माहौल गमगीन है। बस में सवार अन्य लोगों के परिजन भी चिंतित हैं। इस बस में हाथरस के कुल 27 लोग सवार थे।
30 मई को हुए इस हादसे की सूचना जैसे ही हाथरस पहुंची, मृतकों की पहचान होने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी उनके घर पहुंचे और उनके परिजनों को सूचना दी। बस में हाथरस के मुरसान ब्लॉक के गांव नगला उदय सिंह, हाथरस जंकशन क्षेत्र के गांव मझोला और कस्बा मुरसान के लोग सवार थे। नगला उदय सिंह के रहने वाली धर्मवती (50) पत्नी राधेश्याम, मझोला के रहने वाली रणवीर सिंह (45) पुत्र गिर्राज सिंह, रेनू (33) पत्नी योगवीर सिंह, प्राची (8) पुत्री जितेंद्र, नगला उदय सिंह निवासी वीरपाल (60), राहुल (35), यश (11) और मझोला निवासी राहुल (35) की मौत हुई है। गांव में परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। मृतकों के घर पर सांत्वना देने के लिए ग्रामीणों का तांता लगा रहा। जनप्रतिनिधियों व अफसरों को इस घटना की जानकारी हुई तो वह भी गांव की ओर दौड़ पड़े। परिजनों से मिलकर हादसे की जानकारी ली।
हादसे की सूचना पर गांव से रवाना हुए लोग
बस के खाई में गिरने की सूचना जैसे ही गांव नगला उदय सिंह में पहुंची तो यहां खलबली मच गई। श्रद्धालुओं के परिजन व रिश्तेदार अपने अपने काम काज को छोड़कर सीधे जम्मू के लिए रवाना हो गए। दूसरी ओर कुछ ग्रामीणों ने जम्मू में सेना में तैनात अपने परिचितों को भी इस मामले की सूचना दी और संपर्क साधा।
नौ लोगों को ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के जरिए देखा सुरक्षित
हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मोबाइलों को लेकर बैठ गए और विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अपने परिजनों व रिश्तेदारों की कुशल क्षेम जानने के लिए उत्सुक दिखे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से गांव के नौ लोगों को पहचाना और घायल अवस्था में कुछ परिचित नजर आए तो ग्रामीणों को सुकून मिला।
आठ श्रद्धालुओं की मौत पुष्टि हुई है। जम्मू प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है। मृतक परिजनों को सांत्वना दी जा रही है, जो भी संभव मदद होगी, प्रशासन की ओर से मुहैया कराई जाएगी। -अर्चना वर्मा, डीएम।
मेरे घर से पांच लोग यात्रा पर गए हैं। वैसे अन्य लोग भी मेरे परिवार के ही हैं। अभी तक कोई पूरी जानकारी नहीं दी जा रही है। मीडिया के माध्यम से जो दिखाया जा रहा है, उसके ही भरोसे बैठे हैं। गांव से दो गाड़ी जम्मू-कश्मीर गई हैं। -राजू, नगला उदय सिंह।
30 मई की दोपहर करीब 12 बजे बस गिरने की सूचना मिली। आगे की सच्चाई का पता नहीं चल पा रहा है। कितने लोग घायल हैं, कितने लोगों की मौत हो चुकी है, कुछ पता नहीं चल पा रहा। गांव से 16 लोग गए हुए हैं और आसपास गांव के भी काफी लोग गए हुए हैं गांव से जाने वाले सभी लोग मेरे परिवार के ही हैं। -राजेश, नगला उदय सिंह।
गांव मझोला के यह लोग गए थे दर्शन के लिए
- जयप्रकाश पुत्र चूरामन
- सावित्री पुत्री जयप्रकाश
- राकेश पुत्र राजेन्द्र सिंह
- योगवीर पुत्र गिर्राज सिंह
- रेनू पत्नी योगवीर सिंह
- यश पुत्र योगवीर
- रणवीर सिंह पुत्र गिर्राज सिंह
- प्राची पुत्री जितेंद्र सिंह
- भावना पत्नी जितेंद्र सिंह
- राहुल पुत्र लटूरी प्रसाद
ग्राम रायका मजरा नगला उदय सिंह यह लोग गए थे दर्शन के लिए।
- कुंवर पाल पुत्र प्रभु दयाल
- मुन्नी देवी पत्नी कुंवर पाल
- कमलेश पुत्री कुवर पाल
- राधा देवी पत्नी सरदार सिंह
- राजकुमार पुत्र शिवराम
- रज्जो देवी पत्नी राजकुमार
- राजेंद्र सिंह पुत्र शिवराम
- धर्मवती देवी पत्नी राधेश्याम
- अर्जुन सिंह पुत्र राधेश्याम
- वीरपाल सिंह पुत्र प्रभु सिंह
- ऋषिपाल पुत्र मानसिंह
- उर्मिला देवी पत्नी श्यामवीर सिंह
- पुनिया देवी पत्नी राज बिहारी
- नेम सिंह पुत्र विजय सिंह
- गोपाल सिंह पुत्र कन्हैयालाल
मुरसान से यह गईं थीं
- अनिता पत्नी शिव सिंह निवासी किला मुरसान।
ये रहे मृतक
- रनवीर सिंह (45) - मझोला
- रेनू (33)- मझोला
- धर्मवती (50)- नगला उदय सिंह
- प्राची (8) - मझोला
- वीरपाल (60)- नगला उदय सिंह
- राहुल (35)- मझोला
- यश (11)- नगला उदय सिंह
- रज्जो (60)- नगला उदय सिंह
रनवीर की बेटी देख रही पापा की राह
रनवीर के बेटी रेनू का कहना है कि मेरे पापा, चाचा और चाची, चचेरा भाई घूमने गए हैं। घर से निकलते समय नगरकोट और वैष्णो देवी के दर्शन करने की कहकर बस से निकले थे। अब बस खाई में गिरने की सूचना मिली तो मुझे चिंता हो रही है कि मेरे परिवार का क्या हुआ। अभी तक किसी ने कोई भी जानकारी नहीं दी है। रेनू का कहना है कि वह अपने पापा के लौटने राह देख रही है। रनवीर सिंह बेटी रेनू (22), राजकुमारी (20), खुशबू (17), नैंसी (14), चेतन (19) को रोते-बिलखते छोड़ गए हैं।
बेटी व पत्नी का हाल जानने जम्मू रवाना हुए जितेंद्र सिंह
जितेंद्र सिंह की आठ वर्षीय बेटी प्राची और 32 वर्षीय पत्नी भावना बस से वैष्णो देवी दर्शन के लिए गई थीं। जैसे ही बृहस्पतिवार की दोपहर को बस के खाई में पलटने की सूचना जितेंद्र को मिली तो जितेंद्र परेशान हो गए। जितेंद्र आनन-फानन जम्मू रवाना हो गए। हालांकि ग्रामीणों ने समझा बुझाकर उन्हें दिल्ली से वापस बुलाया। जितेंद्र के परिवार में एक बेटी प्राची व दो बेटे यश (5) व केशव (4) हैं।
प्रशासन देर रात तक मृतकों की सूचना देने में हिचकिचाता रहा
हाथरस जिला प्रशासन जम्मू प्रशासन से मृतकों का ब्योरा एकत्रित करने में देर रात तक जुटा रहा। हालांकि मृतकों की सूची मिलने के बाद भी प्रशासन परिजनों को इन परिवारों के बारे में जानकारी देने में हिचकिचाता रहा।
हादसे की सूचना पर गांव से रवाना हुए लोग
बस के खाई में गिरने की सूचना जैसे ही गांव नगला उदय सिंह में पहुंची तो यहां खलबली मच गई। श्रद्धालुओं के परिजन व रिश्तेदार अपने अपने काम काज को छोड़कर सीधे जम्मू के लिए रवाना हो गए। दूसरी ओर कुछ ग्रामीणों ने जम्मू में सेना में तैनात अपने परिचितों को भी इस मामले की सूचना दी और संपर्क साधा।
नौ लोगों को ग्रामीणों ने सोशल मीडिया के जरिए देखा सुरक्षित
हादसे की जानकारी मिलते ही ग्रामीण मोबाइलों को लेकर बैठ गए और विभिन्न सोशल मीडिया के माध्यम से अपने अपने परिजनों व रिश्तेदारों की कुशल क्षेम जानने के लिए उत्सुक दिखे। इस दौरान उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से गांव के नौ लोगों को पहचाना और घायल अवस्था में कुछ परिचित नजर आए तो ग्रामीणों को सुकून मिला।
श्रद्धालुओं की मौत के बाद गांवों में नहीं जले चूल्हे
गांव नगला उदय सिंह और मझोला में जैसे ही श्रद्धालुओं की बस खाई में गिरने की खबर पहुंची, गांवों में शोक की लहर दौड़ गई। दोनों गांवों में घटना को लेकर चर्चाएं शुरू हो गईं। दोनों गांवों में चूल्हे नहीं जले और लोग अपनों की खैर-खबर आने का इंतजार करते रहे।
जिले से छह बसों से श्रद्धालु गए हैं वैष्णो देवी
बीते दिनों शहर के अलीगढ़ रोड स्थित मोहल्ला रमनपुर से दो, सासनी क्षेत्र से एक और सहपऊ क्षेत्र से तीन बसें सैकड़ों श्रद्धालुओं को लेकर माता वैष्णो देवी दर्शन के लिए रवाना हुई थीं। जैसे ही बृहस्पतिवार की दोपहर को जम्मू में श्रद्धालुओं से भरी बस के हादसे का शिकार होने की खबर आई, इन बसों के साथ गए श्रद्धालुओं के परिजनों की चिंता बढ़ गई। हर वर्ष शहर और ग्रामीण अंचल से बड़ी संख्या में प्राइवेट बसों से श्रद्धालु वैष्णो देवी और अन्य तीर्थ स्थलों की यात्रा पर जाते हैं।
नगला उदय सिंह पहुंचे सादाबाद विधायक
जम्मू कश्मीर के अखनूर में हाथरस की बस दुर्घटनाग्रस्त होने की खबर जंगल में आग तरह फैल गई। हर तरफ इसी घटना की जानकारी थी। जानकारी होते ही सादाबाद विधायक प्रदीप उर्फ गुड्डू चौधरी गांव नगला उदय सिंह पहुंच गए। वहां उन्होंने ग्रामीणों से मामले की जानकारी ली। जिन परिवारों के लोग जम्मू कश्मीर गए हैं, उनसे भी विधायक ने बातचीत की।
डीएम, एसपी ने गांव पहुंचकर ली जानकारी
जम्मू में बस के दुर्घटनाग्रस्त होने की जानकारी पाकर डीएम अर्चना वर्मा और एसपी निपुण अग्रवाल मुरसान क्षेत्र के गांव नगला उदय सिंह पहुंच गए। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत की। ग्रामीणों ने बताया कि उनके गांव भी कुछ लोग जम्मू गए हैं। अधिकारियों ने ग्रामीणों को विश्वास दिलाया कि वह हर परिस्थिति में उनके साथ खड़े हैं।