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Hathras News: आउटसोर्सिंग से कर्मियों की आपूर्ति में भी हुआ गोलमाल

Wed, 16 Sep 2026 02:14 AM IST
अलीगढ़ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस
संवाद न्यूज एजेंसी, हाथरस Updated Wed, 16 Sep 2026 02:14 AM IST
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Irregularities also occurred in the supply of personnel through outsourcing.
प्रतीकात्मक चित्र। - फोटो : Archive
नगर पालिका परिषद में गवर्नमेंट ई-मार्केट प्लेस (जेम) पोर्टल के जरिये 390 सफाई कर्मचारियों, सुपरवाइजर व वाहन चालकों की आपूर्ति प्रक्रिया में एक बड़े निविदा घोटाले का पर्दाफाश हुआ है। डीएम ने मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट और संयुक्त जांच समिति की संस्तुतियों को आवश्यक कार्रवाई के लिए शासन भेज दिया है।
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नगर पालिका के तत्कालीन अधिशासी अधिकारी ने 26 फरवरी 2024 को पत्र लिखकर वित्तीय वर्ष 2023-24 में आउटसोर्सिंग के जरिये हुई कर्मियों आपूर्ति की निविदाओं में गड़बड़ी का अंदेशा जताया था। इसके बाद डीएम के आदेश पर तीन सदस्यीय संयुक्त जांच समिति का गठन किया गया, जिसमें कलक्ट्रेट के प्रभारी अधिकारी, कोषाधिकारी और डीआईओ को शामिल किया गया।
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जांच समिति ने पिछले सप्ताह अपनी रिपोर्ट डीएम को सौंपी। सूत्रों के अनुसार निविदा प्रक्रिया में भारी नियमों के उल्लंघन और वित्तीय नुकसान की पुष्टि हुई है।
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जांच रिपोर्ट में उजागर हुईं मुख्य गड़बड़ियां
नियमों के विपरीत कार्य का विभाजन : शासनादेश के स्पष्ट निर्देशों का उल्लंघन कर पूरी आवश्यकता को एक ही बिड में लेने के बजाय छोटे-छोटे टुकड़ों में बांटकर अलग-अलग बिड निकाली गई।
अधिक सेवा शुल्क का भुगतान : वित्त मंत्रालय के दिशा-निर्देशों के तहत आउटसोर्सिंग सेवाओं में सेवा शुल्क 3.85 फीसदी दिया जा सकता है, जो कि विशेष परिस्थिति में 7.00 फीसदी तक जा सकता है। इसके विपरीत हाथरस नगर पालिका द्वारा चयनित फर्म (मै. न्यू होप कंस्ट्रक्शन) को 12 अक्तूबर 2023 से 30 नवंबर 2025 तक 9.57 फीसदी लाभांश दिया गया, जिससे नगर पालिका को सीधी वित्तीय हानि हुई।
नियम ताक पर : एक करोड़ रुपये से अधिक के प्रकरणों में निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा के लिए डबल पैकेट बिड और रिवर्स ऑक्शन टूल का उपयोग किया जाना चाहिए था, लेकिन केवल आपातकालीन स्थितियों में इस्तेमाल होने वाली सिंगल पैकेट बिड का प्रयोग कर सीधे चुनिंदा फर्म को कार्य दे दिया गया। तत्कालीन जेम बायर की आपत्तियों को भी नगर पालिका स्तर पर दरकिनार कर दिया गया था।

बिड रैंकिंग में हेरफेर : पोर्टल रिकॉर्ड्स के अवलोकन से पता चला कि जिस फर्म (मै. न्यू होप कंस्ट्रक्शन) को न्यूनतम घोषित कर काम दिया गया, वह वास्तव में तीसरे स्थान पर थी। इसके अलावा, सक्षम स्तर से स्वीकृत वित्तीय स्वीकृति का स्पष्ट दस्तावेज पोर्टल पर अपलोड करने के बजाय रफ पत्रालेख अपलोड किया गया था।
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